अर्थव्यवस्था

Windfall Tax: पेट्रोलियम निर्यात, विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और वैश्विक कीमतें

Windfall Tax: पेट्रोलियम निर्यात, विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और वैश्विक कीमतें

चर्चा में क्यों?

11 अप्रैल 2026 को भारत सरकार ने डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन (aviation turbine fuel) के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (special additional excise duty) बढ़ा दिया। डीजल निर्यात पर अब ₹55.5 प्रति लीटर और विमानन ईंधन पर ₹42 प्रति लीटर शुल्क लगेगा। यह कदम पेट्रोलियम उत्पादों पर विंडफॉल टैक्स (windfall tax) को प्रभावी ढंग से बढ़ाता है ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यवधान के कारण वैश्विक कीमतों में वृद्धि के समय पर्याप्त घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

विंडफॉल टैक्स क्या है? (What is a windfall tax?)

विंडफॉल टैक्स उन उद्योगों पर लगाया जाने वाला एक उच्च लेवी (levy) है जो युद्ध या आपूर्ति में व्यवधान जैसी बाहरी घटनाओं के कारण अचानक असाधारण रूप से उच्च लाभ कमाते हैं, न कि अपने स्वयं के व्यावसायिक निर्णयों के कारण। सरकारें इन अप्रत्याशित लाभों का एक हिस्सा वसूलने और राजस्व को लोक कल्याण की ओर निर्देशित करने के लिए ऐसे करों का उपयोग करती हैं। उदाहरणों में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि होने पर तेल उत्पादकों पर कर या ऊर्जा संकट के दौरान बिजली जनरेटरों पर लेवी शामिल हैं।

भारत का विंडफॉल टैक्स तंत्र (India’s windfall tax mechanism)

  • विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Special additional excise duty): जुलाई 2022 में भारत ने डीजल, पेट्रोल और विमानन ईंधन के निर्यात और घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क के रूप में विंडफॉल टैक्स पेश किया। वैश्विक मूल्य प्रवृत्तियों के आधार पर हर पखवाड़े (fortnight) दरों की समीक्षा की जाती है।
  • हालिया बढ़ोतरी (Recent hike): अप्रैल 2026 के संशोधन ने डीजल निर्यात पर शुल्क ₹1 से बढ़ाकर ₹55.5 प्रति लीटर और विमानन टरबाइन ईंधन पर ₹1 से बढ़ाकर ₹42 प्रति लीटर कर दिया। पेट्रोल निर्यात पर शुल्क शून्य रहा क्योंकि घरेलू मांग अच्छी तरह से पूरी हो रही है।
  • बढ़ोतरी का कारण: इस क्षेत्र में संघर्ष के बाद मध्य पूर्वी शिपिंग लेन (Middle Eastern shipping lanes) में व्यवधान ने अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है। भारत का उद्देश्य रिफाइनरियों द्वारा अत्यधिक निर्यात को हतोत्साहित करना और डीजल और विमानन ईंधन की घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

निहितार्थ (Implications)

  • घरेलू आपूर्ति (Domestic supply): उच्च निर्यात शुल्क रिफाइनरियों के लिए विदेशों में उत्पादों को भेजना कम लाभदायक बनाते हैं, उन्हें घरेलू बाजार में अधिक ईंधन आवंटित करने और खुदरा कीमतों (retail prices) को स्थिर रखने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
  • राजस्व सृजन (Revenue generation): विंडफॉल टैक्स अतिरिक्त राजकोषीय संसाधन (fiscal resources) प्रदान करते हैं जिनका उपयोग ईंधन की कीमतों पर सब्सिडी देने या सामाजिक कार्यक्रमों को निधि देने के लिए किया जा सकता है।
  • बाजार प्रभाव (Market impact): यह कदम अस्थायी रूप से भारतीय ईंधन निर्यात को कम कर सकता है और वैश्विक आपूर्ति को कड़ा कर सकता है, लेकिन शुल्क समायोज्य (adjustable) हैं और कीमतों में नरमी आने के बाद इनके कम होने की संभावना है।

स्रोत: Deccan Herald

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