चर्चा में क्यों?
विश्व बैंक (World Bank) ने जलवायु-अनुकूल सुधारों (climate-friendly reforms) का समर्थन करने के लिए भारत (India) को विकास नीति वित्तपोषण (development policy financing - DPF) प्रदान किया है। लगभग US$1.5 बिलियन के हालिया ऑपरेशनों का उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा (renewable energy) में तेजी लाना, ग्रीन हाइड्रोजन (green hydrogen) विकसित करना और जलवायु वित्त (climate finance) का विस्तार करना है। ये ऋण जलवायु परिवर्तन (climate change) को संबोधित करते हुए देशों को गरीबी में कमी (poverty reduction) लाने में मदद करने के लिए बैंक की रणनीति का हिस्सा हैं।
पृष्ठभूमि
विकास नीति वित्तपोषण (development policy financing) एक विश्व बैंक साधन है जो उधारकर्ता को अपनी विकास वित्तपोषण आवश्यकताओं (development financing needs) को पूरा करने में मदद करने के लिए तेजी से संवितरण निधि (disbursing funds) प्रदान करता है। समर्थन विशिष्ट परियोजनाओं से बंधा नहीं है; इसके बजाय यह नीति और संस्थागत कार्यों को पुरस्कृत करता है जो टिकाऊ, समावेशी विकास (sustainable, inclusive growth) को बढ़ावा देते हैं। धन ऋण (loans), क्रेडिट (credits), अनुदान (grants) या गारंटी (guarantees) का रूप ले सकता है। पैसा सीधे देश के बजट (budget) में जाता है और इसका उपयोग किसी भी प्राथमिकता वाले खर्च (priority expenditure) के लिए किया जा सकता है।
बैंक DPF के साथ शर्तें (conditions) संलग्न करता है। धनराशि जारी करने के लिए उधारकर्ता को एक स्थिर व्यापक आर्थिक ढांचा (macroeconomic framework) बनाए रखना चाहिए, सहमत नीति सुधारों (policy reforms) को लागू करना चाहिए और प्रमुख कार्यों को पूरा करना चाहिए। 2023 से बैंक के लिए यह भी आवश्यक है कि DPF संचालन जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते (Paris Agreement) के साथ संरेखित हो।
भारत के ऊर्जा संक्रमण के लिए DPF की विशेषताएं
- नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार (Scaling renewable energy): वित्तपोषण 50 गीगावाट नवीकरणीय क्षमता (renewable capacity) के लिए वार्षिक नीलामी (annual auctions) का समर्थन करता है और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (battery energy storage systems) में निवेश (investment) को प्रोत्साहित करता है।
- ग्रीन हाइड्रोजन (Green hydrogen): यह प्रति वर्ष कम से कम 450,000 मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन को बढ़ावा देता है और 1,500 मेगावाट इलेक्ट्रोलाइज़र क्षमता (electrolyser capacity) को लक्षित करता है।
- कार्बन बाज़ार (Carbon markets): यह कार्यक्रम भारत को एक राष्ट्रीय कार्बन क्रेडिट बाज़ार (national carbon credit market) स्थापित करने में मदद करता है और संप्रभु ग्रीन बांड (sovereign green bonds) जारी करने को प्रोत्साहित करता है।
- संस्थागत सुधार (Institutional reforms): सुधारों में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ट्रांसमिशन शुल्क (transmission charges) माफ करना, बिजली ग्रिड (electricity grid) को मजबूत करना और अनुमति देने की प्रक्रियाओं (permitting processes) को सरल बनाना शामिल है।
- तेजी से संवितरण (Rapid disbursement): एक बार सहमत सुधारों के पूरा होने पर धन जारी कर दिया जाता है, जिससे सरकारों (governments) को व्यक्तिगत परियोजनाओं के पूरा होने की प्रतीक्षा किए बिना बजट की जरूरतों का तुरंत जवाब देने में मदद मिलती है।
निष्कर्ष
विकास नीति वित्तपोषण (Development policy financing) सिर्फ एक ऋण नहीं है; यह नीतिगत बदलाव (policy change) के लिए उत्प्रेरक है। सुधारों (reforms) के लिए धन को जोड़कर, विश्व बैंक (World Bank) सरकारों को पर्यावरणीय स्थिरता (environmental sustainability) और समावेशी विकास (inclusive growth) को बढ़ावा देने वाले उपायों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। भारत के कम-कार्बन ऊर्जा लक्ष्यों (low-carbon energy goals) को इस समर्थन से लाभ होगा, बशर्ते सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।