राजव्यवस्था

2-Bromo-4-Methylpropiophenone: नियंत्रित पदार्थ विनियमन

2-Bromo-4-Methylpropiophenone: नियंत्रित पदार्थ विनियमन

चर्चा में क्यों?

11 मार्च 2026 को राजस्व विभाग (Department of Revenue) ने स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (नियंत्रित पदार्थों का विनियमन) आदेश, 2013 [Narcotic Drugs and Psychotropic Substances (Regulation of Controlled Substances) Order, 2013] में संशोधन किया। इस संशोधन के तहत 2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपियोफेनोन (2‑Bromo‑4‑Methylpropiophenone) नामक रसायन को नियंत्रित पदार्थों की सूची में शामिल किया गया। यह निर्णय तब लिया गया जब कानून प्रवर्तन एजेंसियों (law‑enforcement agencies) ने सिंथेटिक उत्तेजक मेफेड्रोन (synthetic stimulant mephedrone) के निर्माण के लिए इस यौगिक का उपयोग करने वाली गुप्त प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ किया。

पृष्ठभूमि

2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपियोफेनोन एक एरोमैटिक कीटोन (aromatic ketone) है, जिसका उपयोग कार्बनिक संश्लेषण (organic synthesis) में एक मध्यवर्ती (intermediate) के रूप में किया जाता है। यह सफेद रंग के क्रिस्टलीय पाउडर (crystalline powder) जैसा दिखता है और इथेनॉल एवं एसीटोन जैसे कार्बनिक सॉल्वैंट्स में आसानी से घुल जाता है। उद्योग इसका उपयोग फार्मास्यूटिकल्स, एग्रोकेमिकल्स और फाइन केमिकल्स बनाने के लिए करते हैं। हालाँकि, यह मेफेड्रोन (4‑methylmethcathinone) को संश्लेषित करने के लिए एक प्रमुख अग्रदूत (precursor) भी है, जो भारत में प्रतिबंधित एक मनो-सक्रिय दवा (psychoactive drug) है। इस संशोधन से पहले राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना में मेफेड्रोन प्रयोगशालाओं ने बड़ी मात्रा में इस रसायन की खरीद की थी。

विनियमन का कारण

  • दवा नियंत्रण (Drug control): इस यौगिक को नियंत्रित पदार्थ (controlled substance) के रूप में वर्गीकृत करने से उचित लाइसेंस के बिना इसका निर्माण, वितरण या इसे अपने पास रखना अवैध हो जाता है।
  • गुप्त प्रयोगशालाएं (Clandestine labs): प्रवर्तन एजेंसियों ने हाल के वर्षों में कई टन मेफेड्रोन जब्त किया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की रिपोर्ट के अनुसार मेफेड्रोन की जब्ती 2020 में सैकड़ों किलोग्राम से बढ़कर 2024 में कई हज़ार किलोग्राम हो गई है। अग्रदूत रसायनों को नियंत्रित करने का उद्देश्य इस वृद्धि को रोकना है।
  • अनुपालन आवश्यकताएं (Compliance requirements): लाइसेंस प्राप्त रासायनिक फर्मों को अब 2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपियोफेनोन के उत्पादन, बिक्री और परिवहन का रिकॉर्ड रखना होगा। अधिकारी सुविधाओं का निरीक्षण कर सकते हैं और अनुपालन न करने पर दंड लगा सकते हैं।

प्रभाव

इस यौगिक को विनियमित करके सरकार मेफेड्रोन और अन्य सिंथेटिक दवाओं के निर्माण पर अंकुश लगाना चाहती है। सख्त निगरानी से वैध उपयोगकर्ताओं के लिए उत्पादन लागत बढ़ सकती है, लेकिन इससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अग्रदूत रसायनों की संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक करने में मदद मिलेगी। एनडीपीएस (नियंत्रित पदार्थों का विनियमन) आदेश [NDPS (Regulation of Controlled Substances) Order] की अनुसूची ए (Schedule A) में शामिल किया जाने वाला यह आठवां पदार्थ है。

निष्कर्ष

नियंत्रित पदार्थों की सूची में 2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपियोफेनोन को शामिल करना मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला (drug supply chains) को तोड़ने के भारत के संकल्प को दर्शाता है। सिंथेटिक उत्तेजक पदार्थों के प्रसार को रोकने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए अग्रदूत रसायनों पर नियंत्रण सख्त करना एक प्रभावी रणनीति है。

स्रोत: The Hindu
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