इतिहास Governance

Abhilekh Patal: National Archives का डिजिटलीकरण और सार्वजनिक पहुँच

Abhilekh Patal: National Archives का डिजिटलीकरण और सार्वजनिक पहुँच
Study next

Convert reading into recall

Read once, then use one quick app action while the topic is fresh. Links open in a new tab.

1 Start True/False practice 2-min recall check Open
Read for
Exam hook Prelims fact Mains angle
Other useful actions
N Save key points Build a revision note S Watch related Shorts Quick visual recap App Open News in Web App Browse related current affairs

समाचार में क्यों?

अप्रैल 2026 के अपने रेडियो संबोधन के दौरान, प्रधान मंत्री ने नागरिकों से भारत की समृद्ध अभिलेखीय विरासत की खोज करने के लिए Abhilekh Patal पोर्टल पर जाने का आग्रह किया। यह आह्वान तब आया जब National Archives of India ने 20 करोड़ से अधिक पृष्ठों को डिजिटाइज़ करने और उन्हें प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने का एक मील का पत्थर हासिल किया।

पृष्ठभूमि

National Archives of India (NAI), 1891 में इम्पीरियल रिकॉर्ड विभाग (Imperial Record Department) के रूप में स्थापित, गैर-वर्तमान सरकारी रिकॉर्ड का संरक्षक है। संस्कृत में, अभिलेख का अर्थ है रिकॉर्ड (record) और पटल का अर्थ है बोर्ड या मंच (platform)। इसलिए, Abhilekh Patal का अर्थ "अभिलेखागार और सीखने तक पहुंच के लिए पोर्टल" है। यह एक वेब-आधारित भंडार (repository) है जो शोधकर्ताओं, छात्रों और आम जनता को कहीं से भी डिजीटल दस्तावेजों को खोजने और देखने की अनुमति देता है।

Abhilekh Patal की विशेषताएं

  • व्यापक संग्रह: इस पोर्टल पर लाखों स्कैन किए गए पृष्ठ मौजूद हैं, जिनमें सरकारी फाइलें, प्रख्यात भारतीयों के निजी कागजात, दुर्लभ तस्वीरें, नक्शे और पांडुलिपियां (manuscripts) शामिल हैं। डिजिटलीकरण (Digitisation) वर्षों पहले शुरू हुआ था लेकिन 2024 में गति पकड़ी, और NAI के संग्रह का लगभग 60% डिजिटल कर दिया गया है।
  • यूजर इंटरफेस: आगंतुक कीवर्ड, विषय या समय अवधि (time period) द्वारा खोज सकते हैं। उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाली छवियों को व्यक्तिगत अध्ययन के लिए ज़ूम और डाउनलोड किया जा सकता है। साइट को नियमित रूप से नई स्कैन की गई सामग्रियों के साथ अद्यतन किया जाता है।
  • अभिगम्यता (Accessibility): अभिलेखागार को ऑनलाइन रखकर, NAI शारीरिक यात्राओं की आवश्यकता को कम करता है और पारदर्शिता बढ़ाता है। विदेशों में शोधकर्ता नई दिल्ली की यात्रा किए बिना दस्तावेजों तक पहुंच सकते हैं।
  • संस्थागत आउटरीच: पोर्टल दुनिया भर में विश्वविद्यालयों और अभिलेखागार के साथ सहयोग को बढ़ावा देता है, भारत के अतीत पर छात्रवृत्ति को प्रोत्साहित करता है और अनुवाद तथा टिप्पणी (annotation) परियोजनाओं की सुविधा प्रदान करता है।

डिजिटलीकरण में प्रगति

2026 तक, NAI के अनुमानित 34 करोड़ पृष्ठों में से 20 करोड़ से अधिक पृष्ठों को स्कैन करके अपलोड किया जा चुका है। नई दिल्ली, भोपाल, भुवनेश्वर, जयपुर और पुडुचेरी में रिकॉर्ड केंद्रों पर तैनात युवा स्वयंसेवक और आधुनिक स्कैनर काम में तेजी लाते हैं। सरकार का लक्ष्य 2026 तक लगभग 30 करोड़ पृष्ठों को डिजिटाइज़ करना है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि माउंटबेटन योजना (Mountbatten Plan) से लेकर अवर्गीकृत कैबिनेट नोटों (declassified Cabinet notes) तक के दुर्लभ दस्तावेजों को भविष्य की पीढ़ियों के लिए डिजिटल रूप से संरक्षित किया जा सके।

स्रोत: DD News

Finished reading?

Do one recall action now

Practice first while the topic is fresh. Save the key points or use Shorts when you want a quick recap.

1 Start True/False practice 2-min recall check N Save key points Build a revision note S Watch related Shorts Quick visual recap App Open News in Web App Browse related current affairs
Home Current Affairs 📰 Daily News 🎬 Watch Shorts 📊 Economic Survey 2025-26 Subjects 📚 All Subjects ⚖️ Indian Polity 💹 Economy 🌍 Geography 🌿 Environment 📜 History Exam Info 📋 Syllabus 2026 📝 Prelims Syllabus ✍️ Mains Syllabus ✅ Eligibility Resources 📖 Booklist 📊 Exam Pattern 📄 Previous Year Papers ▶️ YouTube Channel
Sign In / Open Web App