समाचारों में क्यों?
भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) ने हाल ही में पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील अगस्त्यमलाई बायोस्फीयर रिजर्व (Agasthyamalai Biosphere Reserve) भर में अतिक्रमणकारियों (encroachers) को तत्काल हटाने और अवैध संरचनाओं (illegal structures) को ध्वस्त करने का आदेश दिया। अदालत ने राज्य के अधिकारियों को तेजी से कार्रवाई करने का निर्देश दिया, चेतावनी दी कि अगर अनुपालन में देरी हुई तो अर्धसैनिक बलों (paramilitary forces) को तैनात किया जा सकता है।
पृष्ठभूमि
2001 में स्थापित और 2016 में यूनेस्को (UNESCO) के वर्ल्ड नेटवर्क ऑफ बायोस्फीयर रिजर्व्स में जोड़ा गया, अगस्त्यमलाई बायोस्फीयर रिजर्व दक्षिणी पश्चिमी घाट (southern Western Ghats) में केरल (Kerala) और तमिलनाडु (Tamil Nadu) में लगभग 3,500 वर्ग किलोमीटर में फैला है। अगस्त्यकूडम चोटी (Agasthyarkoodam peak) (1,868 मीटर) के नाम पर, रिज़र्व में संरक्षित क्षेत्रों का एक मोज़ेक (mosaic) शामिल है: केरल में शेंदुरनी (Shendurney), पेप्पारा (Peppara) और नेय्यर (Neyyar) वन्यजीव अभयारण्य और तमिलनाडु में कलक्कड़-मुंडनथुरई टाइगर रिज़र्व (Kalakkad–Mundanthurai Tiger Reserve)। इसके विविध आवास - उष्णकटिबंधीय आर्द्र सदाबहार वन (tropical wet evergreen forests), नम पर्णपाती वन (moist deciduous forests), पर्वतीय वर्षावन (montane rainforests) और शोला घास के मैदान (shola grasslands) - पौधों और जानवरों की हजारों प्रजातियों का समर्थन करते हैं, जिनमें से कई पृथ्वी पर कहीं और नहीं पाए जाते हैं।
पारिस्थितिक महत्व (Ecological significance)
- वनस्पतियां (Flora): रिजर्व उच्च पौधों की लगभग 2,254 प्रजातियों की मेजबानी करता है, जिनमें से लगभग 400 स्थानिक (endemic) हैं। दुर्लभ औषधीय प्रजातियां, आर्किड (orchids) और वुडी पर्वतारोही (woody climbers) इसके आर्द्र जंगलों में पनपते हैं।
- जीव (Fauna): बड़े स्तनधारियों (mammals) में एशियाई हाथी, बाघ, तेंदुए, गौर और मायावी नीलगिरि तहर (Nilgiri tahr) शामिल हैं। पक्षी जीवन भी उतना ही समृद्ध है, जिसमें ग्रेट इंडियन हॉर्नबिल (Great Indian hornbill) और लुप्तप्राय ब्रॉड-टेल्ड ग्रासबर्ड (broad‑tailed grassbird) शामिल हैं।
- स्वदेशी लोग (Indigenous people): यह रिजर्व कानीकरन (कानी) जनजाति (Kanikaran (Kani) tribe) का घर है - जो दुनिया की सबसे पुरानी जीवित जनजातियों में से एक है। उनके पास स्थानीय पारिस्थितिकी और पारंपरिक चिकित्सा का गहरा ज्ञान है।
हालिया कानूनी कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट का आदेश रिजर्व के बफर जोन के भीतर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण और निर्माण की रिपोर्ट के जवाब में आया है। अवैध रिसॉर्ट्स (resorts), खेतों और वृक्षारोपण ने वन्यजीव गलियारों (wildlife corridors) को खंडित कर दिया है और जल स्रोतों को प्रदूषित कर दिया है। अदालत ने केरल और तमिलनाडु की सरकारों को सभी अनधिकृत संरचनाओं को हटाने और खराब क्षेत्रों को बहाल करने का निर्देश दिया। इसने उन अधिकारियों को भी निर्देश दिया जिन्होंने अनुशासनात्मक (disciplinary) और आपराधिक कार्यवाही (criminal proceedings) का सामना करने के लिए ऐसे निर्माणों की अनुमति दी थी।
निष्कर्ष
अगस्त्यमलाई की बीहड़ पहाड़ियाँ (rugged hills) और हरे-भरे जंगल वन्यजीवों और बहाव क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए जीवन रेखा हैं। सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप इस नाजुक परिदृश्य (fragile landscape) की रक्षा करने की तात्कालिकता को रेखांकित करता है। क्षेत्र की अनूठी जैव विविधता (unique biodiversity) को संरक्षित करने के लिए संरक्षण कानूनों का सख्ती से लागू होना, सामुदायिक भागीदारी और स्वदेशी अधिकारों का सम्मान आवश्यक होगा।