समाचार में क्यों?
22 May 2026 को भारत ने ओडिशा (Odisha) के चांदीपुर (Chandipur) में Integrated Test Range से Agni‑1 शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (short‑range ballistic missile) का सफल उड़ान परीक्षण किया। Strategic Forces Command द्वारा किए गए इस परीक्षण ने मिसाइल की परिचालन तत्परता (operational readiness) को मान्य किया और भारत के परमाणु निवारक (nuclear deterrent) को मजबूत किया।
पृष्ठभूमि
बैलिस्टिक मिसाइलों की अग्नि श्रृंखला 1983 में शुरू किए गए भारत के Integrated Guided Missile Development Programme (IGMDP) से उभरी। मूल अग्नि प्रौद्योगिकी प्रदर्शक (technology demonstrator) का 1989 में री-एंट्री वाहन (re‑entry vehicle) तकनीक को साबित करने के लिए परीक्षण किया गया था। इंजीनियरों ने बाद में इसे Agni‑1 के रूप में जाने जाने वाली सिंगल-स्टेज मिसाइल में पुन: कॉन्फ़िगर किया। मिसाइल ने जनवरी 2003 में अपनी पहली सफल उड़ान भरी और लगभग 2007 में Indian Army की Strategic Forces Command के साथ सेवा में प्रवेश किया। तब से नियमित परीक्षण विश्वसनीयता और चालक दल के प्रशिक्षण को सुनिश्चित करते हैं।
विशिष्टताएँ
- वर्ग (Class): शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (SRBM)।
- उत्पत्ति: भारत; Defence Research and Development Organisation (DRDO) द्वारा विकसित।
- आयाम (Dimensions): लंबाई लगभग 15 मीटर; व्यास लगभग 1 मीटर।
- रेंज: पेलोड के आधार पर 700 से 1,200 किलोमीटर।
- पेलोड: 1,000 किलोग्राम तक, पारंपरिक या परमाणु हथियार (nuclear warheads) ले जाने में सक्षम।
- प्रणोदन (Propulsion): सिंगल-स्टेज सॉलिड-फ्यूल रॉकेट (solid‑fuel rocket)। थ्रस्ट वेक्टर कंट्रोल (thrust vector control) के साथ एक स्ट्रैपडाउन इनर्शियल गाइडेंस सिस्टम (strapdown inertial guidance system) का उपयोग करता है।
- आधार (Basing): सड़क और रेल-मोबाइल ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर (transporter erector launchers) त्वरित तैनाती और बढ़ी हुई उत्तरजीविता (survivability) को सक्षम करते हैं।
महत्व
Agni‑1 कम दूरी की पृथ्वी (Prithvi) मिसाइलों और लंबी दूरी की Agni‑II तथा Agni‑III प्रणालियों के बीच की खाई को भरता है। इसकी गतिशीलता और अपेक्षाकृत कम उड़ान का समय इसे भारत के विश्वसनीय न्यूनतम निवारक (credible minimum deterrence) का एक प्रमुख घटक बनाता है। सफल परीक्षण सैन्य योजनाकारों को आश्वस्त करते हैं कि मिसाइल आवश्यकता पड़ने पर इच्छानुसार प्रदर्शन कर सकती है। वे भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता और सुरक्षा प्रक्रियाओं के पालन को भी प्रदर्शित करते हैं।
निष्कर्ष
Agni‑1 का May 2026 का परीक्षण पहले उपयोग न करने (no‑first‑use) की परमाणु नीति की वकालत करते हुए एक सुरक्षित और विश्वसनीय निवारक बनाए रखने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। अग्नि परिवार का निरंतर विकास और आधुनिकीकरण मिसाइल प्रौद्योगिकी में देश की प्रगति को दर्शाता है।