विज्ञान और प्रौद्योगिकी

एलील: आनुवंशिक विविधताएँ, जीव विज्ञान

एलील: आनुवंशिक विविधताएँ, जीव विज्ञान

समाचार में क्यों?

जेनेटिक्स अनुसंधान (Genetics research) और आनुवंशिक बीमारियों (inherited diseases) के बारे में चर्चाओं में अक्सर "एलील (allele)" शब्द का उपयोग किया जाता है। UPSC उम्मीदवारों से एलील का अर्थ और आनुवंशिकता (heredity) में इसकी भूमिका को समझने की अपेक्षा की जाती है। व्यक्तिगत चिकित्सा (personalised medicine) में हाल की सफलताओं ने आनुवंशिक विविधताओं (genetic variations) के महत्व को और अधिक उजागर किया है।

पृष्ठभूमि

जीन (gene) DNA का एक विशिष्ट अनुक्रम (sequence) है जो एक कार्यात्मक उत्पाद, आमतौर पर एक प्रोटीन के लिए कोड करता है। जीन गुणसूत्रों (chromosomes) पर रहते हैं और आंखों के रंग, रक्त प्रकार (blood type) और बीमारी के प्रति संवेदनशीलता (susceptibility) जैसे लक्षणों (traits) को प्रभावित करते हैं। एलील (allele) एक जीन के कई वैकल्पिक रूपों में से एक है जो गुणसूत्र पर समान स्थान (locus) पर पाया जाता है।

मनुष्य द्विगुणित जीव (diploid organisms) हैं, जिसका अर्थ है कि हम गुणसूत्रों के दो सेट विरासत में पाते हैं—प्रत्येक माता-पिता से एक। इस प्रकार, प्रत्येक व्यक्ति में अधिकांश जीनों के लिए दो एलील होते हैं। यदि किसी स्थान पर दोनों एलील समान हैं, तो व्यक्ति उस जीन के लिए होमोज़ायगस (homozygous) होता है; यदि वे भिन्न होते हैं, तो व्यक्ति हेटेरोज़ायगस (heterozygous) होता है।

प्रमुख अवधारणाएँ

  • वाइल्ड-टाइप और म्यूटेंट एलील (Wild-type and mutant alleles): किसी आबादी में जीन के सबसे सामान्य रूप को वाइल्ड-टाइप (wild-type) कहा जाता है। एक उत्परिवर्तन (mutation) एक नया एलील बनाता है जो जीन उत्पाद के कार्य को बदल सकता है। म्यूटेंट एलील हानिरहित (harmless), लाभकारी या बीमारी का कारण बन सकते हैं।
  • प्रभावी और अप्रभावी (Dominant and recessive): कुछ एलील प्रभावी (dominant) होते हैं, जिसका अर्थ है कि वे केवल एक प्रति (copy) मौजूद होने पर भी लक्षण निर्धारित करते हैं। अप्रभावी (recessive) एलील को लक्षण व्यक्त करने के लिए दो प्रतियों (प्रत्येक माता-पिता से एक) की आवश्यकता होती है। उदाहरण के लिए, मटर के पौधों में, लंबे तने (tall stems) का एलील छोटे तने के एलील पर प्रभावी होता है।
  • जीनोटाइप और फेनोटाइप (Genotype and phenotype): किसी व्यक्ति द्वारा वहन किए जाने वाले एलील का संयोजन जीनोटाइप (genotype) है। इन एलील द्वारा उत्पादित देखने योग्य विशेषताएं (observable characteristics) फेनोटाइप (phenotype) बनाती हैं। एक एकल जीन में कई एलील हो सकते हैं, जो आनुवंशिक विविधता (genetic diversity) में योगदान करते हैं।
  • मेजर और माइनर एलील (Major and minor alleles): आनुवंशिक अध्ययन अक्सर एक आबादी के भीतर मेजर एलील (अधिक सामान्य रूप) और माइनर एलील (कम लगातार रूप) का वर्णन करते हैं। ये विविधताएँ प्रभावित करती हैं कि व्यक्ति दवाओं या पर्यावरणीय कारकों के प्रति कैसे प्रतिक्रिया करते हैं।

महत्व

विरासत पैटर्न (inheritance patterns), आनुवंशिक विकारों (genetic disorders) और विकास (evolution) का अध्ययन करने के लिए एलील को समझना मौलिक है। चिकित्सा आनुवंशिकी (medical genetics) में, हानिकारक एलील की पहचान करने से वंशानुगत (hereditary) बीमारियों का निदान करने और जीन-आधारित उपचार विकसित करने में मदद मिलती है। कृषि में, लाभकारी एलील का चयन करने से फसल की उपज और रोग प्रतिरोधक क्षमता (disease resistance) में सुधार हो सकता है।

स्रोत: The Hindu

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