खबरों में क्यों?
नागपुर नगर निगम (Nagpur Municipal Corporation) ने मई 2026 में हाई-टेक हार्वेस्टर मशीनों का उपयोग करके अंबाझरी झील (Ambazari Lake) से बड़े पैमाने पर जलकुंभी (water hyacinth) हटाना शुरू किया। इस अभियान का उद्देश्य मानसून की शुरुआत से पहले आक्रामक खरपतवारों (invasive weeds) को साफ करना और झील के पारिस्थितिक संतुलन (ecological balance) को बहाल करना है।
पृष्ठभूमि
अंबाझरी झील नागपुर के दक्षिण-पश्चिमी किनारे पर स्थित है और यह शहर की ग्यारह झीलों में सबसे बड़ी है। यह शहर को पीने के पानी की आपूर्ति के लिए भोंसले राजवंश (Bhonsle dynasty) के दौरान 1870 के आसपास बनाया गया था। झील का नाम आम के पेड़ों (मराठी में अंबा) से पड़ा है जो कभी इसके किनारों को घेरते थे। अंबाझरी नाग नदी (Nag River) का उद्गम स्थल (headwaters) है और इसके साथ 1958 में स्थापित एक सार्वजनिक उद्यान (public garden) है, जो लगभग 18 एकड़ में फैला है।
जलकुंभी की समस्या (The water hyacinth problem)
जलकुंभी (Eichhornia crassipes) एक आक्रामक जलीय पौधा (invasive aquatic plant) है जो झीलों और नदियों की सतह पर तेजी से फैलता है। इसके घने आवरण (dense mats) सूरज की रोशनी को रोकते हैं, ऑक्सीजन के स्तर को कम करते हैं, नेविगेशन (navigation) में बाधा डालते हैं और मच्छरों के प्रजनन के आधार (breeding grounds) के रूप में कार्य करते हैं। यदि इसे अनियंत्रित छोड़ दिया जाए, तो यह जल निकायों का दम घोंट सकता है, मछलियों और अन्य जलीय जीवन को नुकसान पहुँचा सकता है और पानी को मनोरंजन या पीने के लिए अनुपयुक्त (unsuitable) बना सकता है।
सफाई की मुख्य विशेषताएं
- उन्नत मशीनरी (Advanced machinery): शहर ने हार्वेस्टर मशीनें (harvester machines) तैनात कीं जो प्रति ऑपरेशन लगभग 4.5-5 टन जलकुंभी को हटा सकती हैं और प्रतिदिन दो एकड़ तक खरपतवार (weeds) साफ कर सकती हैं। अतिरिक्त उत्खनन (Excavators - Pokland और JCB मशीनें) वनस्पति को काटने और उठाने में सहायता करते हैं।
- फंडिंग (Funding): उपकरण प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (Pradhan Mantri Khanij Kshetra Kalyan Yojana) और जिला खनिज फाउंडेशन (District Mineral Foundation) योजना के तहत खरीदे गए थे, जो सामुदायिक कल्याण के लिए खनिज राजस्व (mineral revenue) का उपयोग करते हैं।
- अपशिष्ट प्रबंधन (Waste management): हटाए गए पौधों को एकत्र किया जाता है और उन्हें फिर से पनपने से रोकने के लिए खाद बनाया जाता है (composted) या नामित निपटान स्थलों (disposal sites) पर ले जाया जाता है।
यह क्यों मायने रखता है
- झील को बहाल करने से पानी की गुणवत्ता में सुधार होता है, मछली और पक्षियों के जीवन को समर्थन मिलता है और मच्छरों के प्रजनन में कमी आती है।
- एक स्वच्छ झील मनोरंजन और पर्यटन (recreation and tourism) को बढ़ाती है, जिससे स्थानीय निवासियों और आगंतुकों को लाभ होता है।
- यह पहल प्रदर्शित करती है कि शहरी निकाय पर्यावरणीय चुनौतियों (environmental challenges) से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी और सरकारी धन का उपयोग कैसे कर सकते हैं।
निष्कर्ष
अंबाझरी झील एक ऐतिहासिक जल स्रोत और नागपुर के लिए एक ग्रीन लंग (green lung) दोनों है। आधुनिक उपकरणों का उपयोग करके जलकुंभी को हटाने से झील का पारिस्थितिक स्वास्थ्य बहाल होगा और यह पूरे भारत में शहरी जल निकायों (urban water bodies) में आक्रामक प्रजातियों (invasive species) के प्रबंधन के लिए एक मिसाल कायम करेगा।