चर्चा में क्यों?
स्कॉटिश अधिकारियों ने जून 2026 में किन्कार्डिनशायर (Kincardineshire) में एक एपियरी (apiary - मधुमक्खी पालन का स्थान) में अमेरिकन फाउलब्रूड (American Foulbrood - AFB) के प्रकोप की पुष्टि की। यह बीमारी मधुमक्खी (honeybee) कॉलोनियों के लिए घातक है और इसका कोई इलाज नहीं है, इसलिए संक्रमित छत्तों (hives) को नष्ट कर देना चाहिए। अधिकारियों ने तीन किलोमीटर के दायरे में मधुमक्खी पालकों को सतर्क रहने और जैव सुरक्षा (biosecurity) उपाय बढ़ाने की चेतावनी दी है।
पृष्ठभूमि
अमेरिकन फाउलब्रूड बीजाणु बनाने वाले (spore-forming) जीवाणु (bacterium) पैनिबेसिलस लार्वा (Paenibacillus larvae) के कारण होता है। यह मधुमक्खियों के लार्वा को प्रभावित करता है, उन्हें प्यूपा (pupate) बनने से पहले ही मार देता है। चूंकि जीवाणु कठोर बीजाणु (hardy spores) बनाता है जो दशकों तक जीवित रह सकते हैं, इसलिए इसका प्रकोप तेजी से फैल सकता है और इसे मिटाना मुश्किल है।
लक्षण और संचरण
- दृश्य संकेत (Visual signs): प्रभावित ब्रूड कोशिकाओं (brood cells) के अंदर लार्वा के मरने पर एक धंसी हुई, गहरे रंग की टोपी विकसित होती है। जब एक मधुमक्खी पालक कोशिका में माचिस की तीली डालता है, तो अवशेष एक चिपचिपे भूरे रंग के धागे का रूप ले लेते हैं, जो AFB का संकेत है। अंततः मृत लार्वा एक कठोर पपड़ी (hard scale) में सूख जाता है जो कोशिका भित्ति (cell wall) से चिपक जाता है और उसे हटाना मुश्किल होता है।
- बीजाणुओं के माध्यम से प्रसार (Spread through spores): नर्स मधुमक्खियां (Nurse bees) कोशिकाओं की सफाई करते समय या संक्रमित छत्तों से दूषित शहद लूटते समय अनजाने में युवा लार्वा को बीजाणु खिला देती हैं। मधुमक्खी पालक दूषित उपकरणों या शहद को कॉलोनियों के बीच ले जाकर भी बीमारी फैला सकते हैं।
- कोई इलाज नहीं (No cure): AFB के लिए कोई प्रभावी उपचार नहीं है। एक बार पता चलने के बाद, प्रभावित छत्तों को नष्ट कर दिया जाता है या आगे फैलने से रोकने के लिए जला दिया जाता है। संक्रमित एपियरीज को आवाजाही प्रतिबंधों (movement restrictions) के तहत रखा जाता है।
हाल के विकास
- स्कॉटलैंड में प्रकोप (Outbreak in Scotland): स्कॉटिश सरकार की विज्ञान एजेंसी (Scottish Government’s science agency - SASA) ने 4 जून 2026 को AFB की उपस्थिति की पुष्टि की। यह इस साल स्कॉटलैंड में दर्ज किया गया पहला मामला है। स्थानीय मधुमक्खी पालकों को बीबेस डेटाबेस (BeeBase database) के माध्यम से सतर्क कर दिया गया है, और तीन किलोमीटर के भीतर छत्तों का निरीक्षण किया जा रहा है।
- पहला टीका (First vaccine): 2023 में अमेरिकी कृषि विभाग (US Department of Agriculture) ने AFB के खिलाफ दुनिया के पहले मधुमक्खी के टीके के लिए सशर्त लाइसेंस दिया था। टीके में मृत पी. लार्वा कोशिकाओं को चारे (feed) में मिलाया जाता है; वर्कर मधुमक्खियां इसे रानी (queen) को स्थानांतरित करती हैं, और उसकी संतान रॉयल जेली (royal jelly) के माध्यम से प्रतिरक्षा (immunity) प्राप्त करती हैं। हालांकि अभी तक यह व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह नवाचार (innovation) भविष्य के प्रकोपों को रोकने की उम्मीद प्रदान करता है।
- जागरूकता और जैव सुरक्षा (Awareness and biosecurity): मधुमक्खी पालकों से आग्रह किया जाता है कि वे AFB के लक्षण सीखें, अपनी कॉलोनियों की नियमित रूप से निगरानी करें और छत्तों के बीच उपकरण साझा करने से बचें। रिकॉर्ड रखने और सरकारी डेटाबेस के साथ एपियरीज को पंजीकृत करने से बीमारी के प्रसार का पता लगाने और उसे नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
निष्कर्ष
अमेरिकन फाउलब्रूड मधुमक्खी के स्वास्थ्य के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक बना हुआ है। संक्रमित कॉलोनियों का तेजी से पता लगाना, उन्हें नष्ट करना और सख्त स्वच्छता ही एकमात्र प्रभावी नियंत्रण उपाय हैं। टीकों जैसी नई तकनीकें भविष्य के प्रकोपों को कम कर सकती हैं, लेकिन तब तक, मधुमक्खी पालकों और अधिकारियों की सतर्कता उन परागणकों (pollinators) की रक्षा के लिए आवश्यक है जो वैश्विक खाद्य उत्पादन (global food production) का आधार हैं।