अंतर्राष्ट्रीय संबंध

Armenia-Azerbaijan Border: परिसीमन आयोग और संबंध

Armenia-Azerbaijan Border: परिसीमन आयोग और संबंध
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चर्चा में क्यों?

सीमा परिसीमन और सुरक्षा पर अपने आयोगों के तेरहवें सत्र के लिए आर्मेनिया और अज़रबैजान के प्रतिनिधिमंडलों ने आर्मेनिया के अघवेरान (Aghveran) में मुलाकात की। वे अंतरराज्यीय सीमा का मानचित्रण (mapping) करने और प्रक्रिया का दस्तावेजीकरण करने के दिशा-निर्देशों पर सहमत हुए, जो संबंधों को सामान्य बनाने में प्रगति का संकेत है।

पृष्ठभूमि

आर्मेनिया दक्षिण काकेशस (South Caucasus) में एक स्थल-रुद्ध (landlocked) देश है। जॉर्जिया, अज़रबैजान, ईरान और तुर्की से घिरा यह देश लगभग 29,800 वर्ग किलोमीटर में फैला है और इसकी आबादी लगभग 3.2 मिलियन है। देश का अधिकांश भाग अर्मेनियाई हाइलैंड (Armenian Highland) पर स्थित है, जिसकी औसत ऊंचाई लगभग 1,800 मीटर है। माउंट अरागाट्स (Mount Aragats - 4,090 मीटर) इसका सबसे ऊंचा बिंदु है।

चौथी शताब्दी की शुरुआत में राजा तिरिडेट्स III (King Tiridates III) द्वारा ईसाई धर्म को राज्य धर्म (state religion) के रूप में अपनाने के बाद आर्मेनिया को अक्सर दुनिया का पहला ईसाई राष्ट्र (Christian nation) कहा जाता है। सदियों से इस क्षेत्र पर फारसी, ओटोमन और रूसी साम्राज्यों का शासन था। 1991 में सोवियत संघ (Soviet Union) के पतन के बाद आर्मेनिया ने स्वतंत्रता की घोषणा की। तब से इसने नागोर्नो-काराबाख (Nagorno-Karabakh) को लेकर पड़ोसी अज़रबैजान के साथ संघर्ष का सामना किया है, जो एक पहाड़ी एन्क्लेव (mountainous enclave) है जो सोवियत अज़रबैजान का हिस्सा था लेकिन वहां मुख्य रूप से जातीय अर्मेनियाई लोग रहते थे। 2020 के युद्ध ने अज़रबैजान को कई जिलों पर फिर से कब्जा करने की अनुमति दी, और 2023 के आक्रमण ने स्व-घोषित आर्ट्सख गणराज्य (Republic of Artsakh) के विघटन का नेतृत्व किया। कई निवासी भागकर आर्मेनिया चले गए।

मुख्य बिंदु

  • अप्रैल 2026 की बैठक में सीमा मानचित्र (border maps) बनाने और निर्देशांकों (coordinates) को सत्यापित करने के तरीके स्थापित किए गए।
  • दोनों पक्षों ने 1991 की अल्माटी घोषणा (Almaty Declaration) का पालन करने पर जोर दिया, जो सोवियत-युग की प्रशासनिक सीमाओं को मान्यता देने का आह्वान करती है।
  • परिसीमन का उद्देश्य आकस्मिक घुसपैठ को रोकना और नए सिरे से संघर्ष के जोखिम को कम करना है।
  • यह प्रक्रिया संबंधों को सामान्य बनाने, परिवहन लिंक को फिर से खोलने और व्यापार को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
  • नागरिक समाज (Civil society) समूहों को उम्मीद है कि स्पष्ट सीमाएं और शांति समझौते शरणार्थियों को वापस लौटने और सांस्कृतिक विरासत (cultural heritage) की रक्षा करने की अनुमति देंगे।

निष्कर्ष

आर्मेनिया और अज़रबैजान के बीच परिसीमन वार्ता दक्षिण काकेशस में स्थायी शांति के लिए सतर्क उम्मीद जगाती है। प्रगति के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति, अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों के प्रति सम्मान और दशकों के संघर्ष से प्रभावित लोगों की मानवीय जरूरतों पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी।

स्रोत: News On Air
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