समाचार में क्यों?
May 2026 में टिक्स-जनित (tick‑borne) परजीवी (parasite) Babesia के प्रकोप से गुजरात के Gir National Park में आठ एशियाई शेरों (Asiatic lions) की मौत हो गई और कई अन्य बीमार हो गए। इस घटना ने जानवरों और मनुष्यों दोनों को प्रभावित करने वाली बीमारी बेबेसिओसिस (babesiosis) की ओर ध्यान आकर्षित किया, और वन्यजीव आवासों में बेहतर टिक्स नियंत्रण (tick control) की आवश्यकता पर प्रकाश डाला。
पृष्ठभूमि
Babesia सूक्ष्म परजीवी (microscopic parasites) हैं जो लाल रक्त कोशिकाओं (red blood cells) को संक्रमित करते हैं। वे मुख्य रूप से संक्रमित Ixodes टिक्स (ticks) के काटने से फैलते हैं। मनुष्यों में इस बीमारी को बेबेसिओसिस (babesiosis) कहा जाता है, जो अपेक्षाकृत दुर्लभ है और मुख्य रूप से समशीतोष्ण क्षेत्रों (temperate regions) जैसे कि उत्तर-पूर्वी (northeastern) और मिडवेस्टर्न संयुक्त राज्य अमेरिका (Midwestern United States) में होता है; यूरोप और एशिया में भी छिटपुट मामले सामने आए हैं। लक्षण (Symptoms) हल्के फ्लू जैसी बीमारी (बुखार, ठंड लगना, थकान, मांसपेशियों में दर्द) से लेकर हेमोलिटिक एनीमिया (haemolytic anaemia) और अंग विफलता (organ failure) जैसी गंभीर जटिलताओं (severe complications) तक होते हैं। कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली (weakened immune systems) वाले लोगों, बुज़ुर्गों और प्लीहा (spleen) के बिना लोगों में गंभीर बीमारी का जोखिम अधिक होता है। बेबेसिओसिस लोगों के बीच आकस्मिक संपर्क (casual contact) से नहीं फैलता है; दुर्लभ मामले रक्त आधान (blood transfusion) के माध्यम से या गर्भावस्था के दौरान मां से बच्चे में होते हैं。
Gir में हालिया प्रकोप (Recent outbreak in Gir)
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, Babesia संक्रमण (infection) के अचानक बढ़ने से April और May 2026 के बीच एशियाई शेर अभयारण्य (Asiatic lion sanctuary) में आठ शेरों की मौत हो गई। सत्रह अन्य शेरों को बुखार (fever), नाक से स्राव (nasal discharge) और सुस्ती (lethargy) विकसित हुई, लेकिन उनका इलाज किया गया और वे ठीक हो गए। विशेषज्ञों का कहना है कि परजीवी संभवतः टिक्स (ticks) द्वारा प्रेषित किए गए थे जो बेमौसम बारिश (unseasonal rains) के दौरान तेज़ी से फैले (proliferated)। 1994 में तंजानिया के Serengeti में इसी तरह के प्रकोप ने एक-तिहाई शेर आबादी (lion population) का सफाया कर दिया था, जब घरेलू कुत्तों के माध्यम से कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (canine distemper virus) पेश किया गया था और भैंस से प्राप्त टिक्स-जनित परजीवी Babesia ने एक घातक सह-संक्रमण (fatal co-infection) के रूप में कार्य किया था। पशु चिकित्सकों (Veterinarians) और वन कर्मचारियों (forest staff) ने टिक्स-नियंत्रण उपायों (tick‑control measures) को बढ़ा दिया है और क्रॉस-संक्रमण (cross‑infection) को कम करने के लिए पार्क के पास पशुधन (livestock) की निगरानी कर रहे हैं。
मानव बेबेसिओसिस (Human babesiosis)
- संचरण (Transmission): मनुष्य आमतौर पर Babesia ले जाने वाले काले पैर वाले टिक्स (blacklegged tick) के काटने से संक्रमित होते हैं। यही टिक्स लाइम रोग (Lyme disease) भी फैला सकते हैं, इसलिए सह-संक्रमण (co‑infection) संभव है।
- लक्षण (Symptoms): सामान्य लक्षणों में तेज़ बुखार, थकान, ठंड लगना और मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं। कुछ लोग बिना लक्षण वाले (asymptomatic) रहते हैं। गंभीर मामलों में हीमोग्लोबिन टूटने (haemoglobin breakdown), पीलिया (jaundice), गुर्दे की विफलता (kidney failure) या श्वसन संकट (respiratory distress) हो सकता है।
- रोकथाम (Prevention): टिक्स-संक्रमित (tick‑infested) क्षेत्रों से बचना, सुरक्षात्मक कपड़े पहनना, रिपेलेंट्स (repellents) का उपयोग करना और जुड़े हुए टिक्स को तुरंत हटाना जोखिम को कम करता है। कोई टीका (vaccine) नहीं है; उपचार में आमतौर पर एंटी-प्रोटोज़ोअल (anti‑protozoal) और एंटीबायोटिक दवाओं (antibiotic drugs) का संयोजन शामिल होता है।
निष्कर्ष
Gir का प्रकोप इस बात को रेखांकित करता है कि कैसे वेक्टर-जनित रोग (vector‑borne diseases) वन्यजीवों के लिए खतरा बन सकते हैं और घरेलू जानवरों या मनुष्यों में फैल सकते हैं। भविष्य के प्रकोपों को रोकने के लिए नियमित निगरानी (Regular surveillance), टिक्स नियंत्रण और जन जागरूकता आवश्यक है। बेबेसिओसिस को समझने से पशु चिकित्सकों (veterinarians) और चिकित्सकों (clinicians) को मामलों का तुरंत निदान और प्रबंधन करने में भी मदद मिलती है。