पर्यावरण

Bandipur Tiger Reserve: क्षमता अध्ययन, स्थान और मानव-पशु संघर्ष

Bandipur Tiger Reserve: क्षमता अध्ययन, स्थान और मानव-पशु संघर्ष

समाचार में क्यों?

कर्नाटक सरकार ने बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि के बाद Bandipur Tiger Reserve की वहन क्षमता पर एक अध्ययन का आदेश दिया है। 2026 तक इस रिज़र्व में लगभग 175 बाघ थे, जबकि 1972 में केवल 12 बाघ ही थे। हाल ही में मानव-वन्यजीव संघर्ष, जिसमें ग्रामीणों पर घातक हमले शामिल हैं, के कारण अधिकारियों को पर्यटकों की सफारी अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी। संरक्षणवादियों को उम्मीद है कि यह अध्ययन वन्यजीवों की सुरक्षा और स्थानीय आजीविका के बीच संतुलन बनाएगा।

पृष्ठभूमि

Bandipur Tiger Reserve कर्नाटक के मैसूर और चामराजनगर जिलों में स्थित है। यह 1973 में Project Tiger के तहत बनाए गए पहले नौ रिज़र्व में से एक था। लगभग 874 वर्ग किलोमीटर में फैला यह रिज़र्व मुदुमलाई और वायनाड अभयारण्यों के साथ-साथ नीलगिरि बायोस्फीयर रिज़र्व का हिस्सा है। इस रिज़र्व के परिदृश्य में चंदन, सागौन और बांस वाले शुष्क पर्णपाती और नम जंगल शामिल हैं। काबिनी, मोयार और नुगु जैसी नदियां इसके बीच से होकर बहती हैं, जो वन्यजीवों को पानी उपलब्ध कराती हैं।

वनस्पतियां और जीव-जंतु

  • बाघों की आबादी: 1972 में बाघों की संख्या 12 थी, जो 2026 तक बढ़कर लगभग 175 हो गई। संरक्षण प्रयासों ने बाघों के आवास और सुरक्षा में सुधार किया है।
  • अन्य स्तनधारी: यह रिज़र्व एशियाई हाथियों, गौर (भारतीय बाइसन), तेंदुओं, स्लॉथ भालुओं, ढोल (जंगली कुत्तों), चीतल और सांभर हिरणों का घर है।
  • पक्षी जीवन: यहां 200 से अधिक प्रजातियों के पक्षी रहते हैं, जिनमें मोर, क्रेस्टेड सर्पेंट ईगल और मालाबार पाइड हॉर्नबिल शामिल हैं।
  • वनस्पति: प्रमुख पेड़ों में भारतीय रोज़वुड, सागौन, चंदन और घासों का मिश्रण शामिल है जो शाकाहारी जीवों को चरने के लिए चारा प्रदान करते हैं।

वर्तमान मुद्दे

  • वहन क्षमता: बाघों की बढ़ती संख्या शिकार की आबादी पर दबाव डालती है और इंसानों के साथ टकराव बढ़ाती है। अधिकारी यह आकलन कर रहे हैं कि क्या यह आवास इतने सारे मांसाहारी जीवों का समर्थन कर सकता है।
  • मानव-वन्यजीव संघर्ष: 2025-26 में रिज़र्व के पास बाघों द्वारा कई ग्रामीणों की हत्या कर दी गई, जिससे विरोध प्रदर्शन हुए और जीप सफारी पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया।
  • आवास का विखंडन: पार्क की परिधि के आसपास विकास वन्यजीवों के लिए उपलब्ध क्षेत्र को कम कर देता है, जिससे संघर्ष का खतरा बढ़ जाता है।

निष्कर्ष

Bandipur Tiger Reserve संरक्षण की एक सफल कहानी है, लेकिन इसके बाघों की बढ़ती आबादी नई चुनौतियां पेश कर रही है। वहन क्षमता का अध्ययन वन्यजीवों और स्थानीय समुदायों दोनों की सुरक्षा के लिए प्रबंधन कार्रवाइयों का मार्गदर्शन करेगा। लगातार आवास सुरक्षा और सामुदायिक भागीदारी आवश्यक बनी हुई है।

स्रोत

DH

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