पर्यावरण

Barbary Macaque: जिओफेजी (मिट्टी खाने का) व्यवहार और पर्यटकों के आहार का प्रभाव

Barbary Macaque: जिओफेजी (मिट्टी खाने का) व्यवहार और पर्यटकों के आहार का प्रभाव

समाचार में क्यों?

जिब्राल्टर (Gibraltar) से एक व्यवहारिक अध्ययन ने देखा कि Barbary macaques (बार्बरी मकाक) अक्सर ब्रेड, बिस्कुट और आइसक्रीम जैसे पर्यटकों द्वारा प्रदान किए गए भोजन का उपभोग करने के बाद मिट्टी खाते हैं। इस खोज ने ध्यान आकर्षित किया है क्योंकि यह मानवीय अंतःक्रियाओं (human interactions) के अनुकूल जानवरों के लिए एक प्राकृतिक मुकाबला तंत्र (coping mechanism) का सुझाव देता है।

पृष्ठभूमि

Barbary macaque (Macaca sylvanus) एक पूंछ रहित बंदर है जो मोरक्को, अल्जीरिया और जिब्राल्टर के ब्रिटिश क्षेत्र में पाया जाता है। यह एशिया के बाहर रहने वाली कुछ मकाक प्रजातियों में से एक है और इसे निवास स्थान के नुकसान और शिकार के कारण Endangered (लुप्तप्राय) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। वयस्कों में घने पीले-भूरे रंग के फर होते हैं और नर के लिए लगभग 16 किलोग्राम और मादाओं के लिए 11 किलोग्राम वजन होता है। ये सामाजिक प्राइमेट (primates) समूहों में रहते हैं और शिशुओं के सहकारी पालन-पोषण को प्रदर्शित करते हैं।

जियोफैगी (Geophagy) अध्ययन के निष्कर्ष

  • जिब्राल्टर में अवलोकन: शोधकर्ताओं ने दर्जनों ऐसे उदाहरण दर्ज किए जहां मकाक कैलोरी-घने मानव खाद्य पदार्थ खाने के तुरंत बाद मिट्टी का सेवन करते थे। वे लाल मिट्टी पसंद करते थे और कभी-कभी क्षय हो चुकी लकड़ी के टुकड़े चबाते थे।
  • संभावित कारण: पृथ्वी (geophagy) खाने से भारी खाद्य पदार्थों के कारण होने वाली पाचन गड़बड़ी (digestive disturbances) को बफर करने में मदद मिल सकती है। मिट्टी विषाक्त पदार्थों (toxins) के खिलाफ एक भौतिक बाधा के रूप में कार्य कर सकती है और लाभकारी आंत बैक्टीरिया की आपूर्ति कर सकती है।
  • आहार परिवर्तन से जुड़ा व्यवहार: अध्ययन ने नोट किया कि पर्यटकों से बिस्कुट या आइसक्रीम प्राप्त करने के बाद मकाक में भूमिक्षय (geophagy) की घटनाएं अधिक लगातार होती थीं, जिसका अर्थ है कि अप्राकृतिक आहार और मिट्टी खाने के बीच सीधा संबंध है।

प्रजाति का प्राकृतिक इतिहास

  • पर्यावास (Habitat): बार्बरी मकाक एटलस पर्वत (Atlas Mountains) में देवदार के जंगलों और चट्टानी क्षेत्रों में निवास करते हैं और 2,600 मीटर तक की ऊंचाई पर रहते हैं। जिब्राल्टर में वे लोगों के बीच स्वतंत्र रूप से घूमते हैं और मानवीय उपस्थिति के आदी हैं।
  • सामाजिक संरचना: समूहों में कई नर और मादाएं उनके बच्चों के साथ होते हैं। शिशु पालन में नर भाग लेते हैं और ग्रूमिंग (grooming) के माध्यम से सामाजिक संबंध मजबूत होते हैं।
  • संरक्षण की स्थिति: वनों की कटाई, पालतू जानवरों के व्यापार के लिए पकड़ने और पर्यटन से अशांति के कारण जनसंख्या की संख्या घट रही है। आवासों की रक्षा करना और आगंतुकों द्वारा खिलाए जाने को नियंत्रित करना प्रमुख संरक्षण उपाय हैं।

महत्व

देखी गई जियोफैगी (geophagy) इस बात पर प्रकाश डालती है कि वन्यजीव मानवीय गतिविधियों के अनुकूल कैसे होते हैं। संरक्षणवादियों (conservationists) के लिए, यह पर्यटन क्षेत्रों में खिलाने की प्रथाओं को विनियमित करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। मकाक के आहार और व्यवहार को समझना ईको-टूरिज्म नीतियों का मार्गदर्शन कर सकता है और इस करिश्माई प्रजाति की रक्षा करने में मदद कर सकता है।

स्रोत: Down To Earth

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