विज्ञान और प्रौद्योगिकी

BHASHINI: Digital India, बहुभाषी AI सेवाएं और सार्वजनिक मंच

BHASHINI: Digital India, बहुभाषी AI सेवाएं और सार्वजनिक मंच

समाचार में क्यों?

Digital India BHASHINI Division (DIBD) ने हाल ही में काठमांडू विश्वविद्यालय के Centre for Digital Public Infrastructure and Artificial Intelligence, नेपाल के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहयोग का उद्देश्य पूरे दक्षिण एशिया में भाषा प्रौद्योगिकी और बहुभाषी डिजिटल सार्वजनिक वस्तुओं को आगे बढ़ाना है। इससे पहले जनवरी 2026 में, DIBD ने speech-to-text तकनीक का उपयोग करके भौगोलिक स्थानों के नामों को डिजिटल और मानकीकृत करने के लिए Survey of India के साथ साझेदारी की थी。

पृष्ठभूमि

BHASHINI का अर्थ BHASha INterface for India है। यह National Language Translation Mission के हिस्से के रूप में जुलाई 2022 में Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) के तहत शुरू की गई एक प्रमुख पहल है। इसका लक्ष्य AI-संचालित अनुवाद और वाक् सेवाएं प्रदान करना है ताकि नागरिक अपनी मूल भाषाओं में डिजिटल प्लेटफार्मों के साथ बातचीत कर सकें। Digital India Corporation, BHASHINI डिवीजन का संचालन करता है, जो भाषा प्रौद्योगिकी के लिए अनुसंधान, ओपन-सोर्स विकास और नीति समर्थन का समन्वय करता है। यह प्लेटफ़ॉर्म दर्जनों भारतीय भाषाओं में मशीन अनुवाद, वाक् पहचान और text-to-speech के लिए API प्रदान करता है。

प्रमुख विशेषताएं और उद्देश्य

  • बहुभाषी AI सेवाएं: BHASHINI 36 भारतीय पाठ भाषाओं, 23 भारतीय ध्वनि भाषाओं और कई अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में अनुवाद, speech-to-text और text-to-speech सेवाएं प्रदान करता है। खुले API के माध्यम से 300 से अधिक पूर्व-प्रशिक्षित AI मॉडल सुलभ हैं।
  • सार्वजनिक प्लेटफार्मों के लिए समर्थन: यह प्लेटफ़ॉर्म 800 से अधिक सरकारी वेबसाइटों और मोबाइल ऐप को शक्ति प्रदान करता है, जिससे नागरिक अपनी पसंदीदा भाषा में सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच सकते हैं।
  • ओपन इकोसिस्टम: DIBD डेटासेट बनाने, ओपन-सोर्स टूल बनाने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और सामुदायिक स्वयंसेवकों के साथ काम करता है। यह हैकथॉन और अनुदान के माध्यम से सहयोग को प्रोत्साहित करता है, जिससे छोटी फर्मों और व्यक्तियों को भाषा प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भाग लेने में मदद मिलती है।
  • स्थलाकृति डिजिटलीकरण: Survey of India के साथ अपने MoU के माध्यम से, BHASHINI वाक् पहचान का उपयोग करके भौगोलिक स्थानों के नामों को रिकॉर्ड और ट्रांसक्राइब करने में मदद कर रहा है। परिणामी स्थलाकृतिक डेटाबेस स्थानीय उच्चारण को संरक्षित करता है और सटीक मानचित्रण का समर्थन करता है।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग: काठमांडू विश्वविद्यालय के साथ हालिया समझौता क्षेत्रीय सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साझा डेटासेट और संयुक्त अनुसंधान नेपाली और अन्य दक्षिण एशियाई भाषाओं के लिए भाषा उपकरण विकसित करने में मदद करेंगे, जिससे डिजिटल सार्वजनिक सेवाएं अधिक समावेशी बनेंगी।

महत्व

भाषा की बाधाओं को कम करके, BHASHINI डिजिटल समावेशन को बढ़ाता है और उन नागरिकों को सशक्त बनाता है जो अंग्रेजी की तुलना में भारतीय भाषाओं में अधिक सहज हैं। व्यवसाय, स्टार्टअप और सरकारी एजेंसियां स्वामित्व वाले अनुवाद इंजन बनाए बिना भारत की भाषाई विविधता के पार सेवाएं प्रदान कर सकती हैं। यह पहल वैश्विक AI समुदाय में भारत की भूमिका को भी मजबूत करती है और देश को ओपन-सोर्स भाषा प्रौद्योगिकी में अग्रणी के रूप में स्थापित करती है。

निष्कर्ष

BHASHINI प्लेटफॉर्म यह दर्शाता है कि सामाजिक भलाई के लिए AI का उपयोग कैसे किया जा सकता है। इसकी हालिया साझेदारियां—स्थानों के नामों के मानचित्रण से लेकर पड़ोसी विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग करने तक—यह दिखाती हैं कि बहुभाषी तकनीक दूरियों को पाट सकती है और सहयोग को बढ़ावा दे सकती है। इसकी सफलता के लिए डेटासेट, अनुसंधान और सामुदायिक जुड़ाव में निरंतर निवेश महत्वपूर्ण होगा。

स्रोत

PIB

Home Current Affairs 📰 Daily News 🎬 Watch Shorts 📊 Economic Survey 2025-26 Subjects 📚 All Subjects ⚖️ Indian Polity 💹 Economy 🌍 Geography 🌿 Environment 📜 History Exam Info 📋 Syllabus 2026 📝 Prelims Syllabus ✍️ Mains Syllabus ✅ Eligibility Resources 📖 Booklist 📊 Exam Pattern 📄 Previous Year Papers ▶️ YouTube Channel
Sign In / Open Web App