खबरों में क्यों?
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पूरे भारत में 100 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क (plug-and-play industrial parks) विकसित करने के लिए लगभग ₹33,660 करोड़ के आवंटन के साथ भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) को मंजूरी दी। इस योजना का उद्देश्य विनिर्माण (manufacturing) को मजबूत करना, निर्यात को बढ़ावा देना और बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करना है।
पृष्ठभूमि
भारत में औद्योगिक पार्कों को अक्सर देरी का सामना करना पड़ता है क्योंकि निवेशकों को भूमि, उपयोगिताओं (utilities) और अनुमोदन (approvals) की अलग-अलग व्यवस्था करनी होती है। BHAVYA रेडी-टू-यूज़ (ready-to-use) बुनियादी ढांचा प्रदान करके इन बाधाओं को दूर करना चाहता है। इसे उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) के तहत राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (NICDC) द्वारा कार्यान्वित किया जाता है और यह पीएम गति शक्ति (PM Gati Shakti) जैसी पहलों का पूरक है।
योजना की मुख्य विशेषताएं
- प्लग-एंड-प्ले पार्क: प्रत्येक औद्योगिक पार्क 100-1,000 एकड़ में फैला होगा और सड़कों, जल निकासी (drainage), भूमिगत उपयोगिताओं (पानी, बिजली, गैस), डिजिटल कनेक्टिविटी और कारखाने के शेड, परीक्षण प्रयोगशालाओं और वेयरहाउसिंग जैसी सामान्य सुविधाओं (common facilities) के साथ पूर्व-अनुमोदित भूमि पार्सल (pre-approved land parcels) प्रदान करेगा।
- वित्तीय सहायता (Financial support): यह योजना मुख्य बुनियादी ढांचे (core infrastructure) के लिए ₹1 करोड़ प्रति एकड़ तक की सहायता प्रदान करती है। बाहरी कनेक्टिविटी (सड़क और रेल संपर्क) परियोजना लागत के 25 प्रतिशत तक समर्थित है।
- चयन प्रक्रिया (Selection process): उच्च गुणवत्ता वाले प्रस्तावों को सुनिश्चित करने के लिए पार्कों को प्रतिस्पर्धी "चैलेंज मोड (challenge mode)" के माध्यम से चुना जाएगा। राज्य सरकारें और निजी विकासकर्ता (private developers) भाग ले सकते हैं।
- स्थिरता (Sustainability): बार-बार खुदाई से बचने के लिए हरित ऊर्जा (green energy), जल संरक्षण (water conservation) और एकीकृत उपयोगिता गलियारों (integrated utility corridors) पर जोर दिया जाता है। श्रमिक आवास (Worker housing) और सामाजिक बुनियादी ढांचे (social infrastructure) को पार्क डिजाइन में एकीकृत किया जाएगा।
प्रभाव और महत्व
- BHAVYA का उद्देश्य परियोजना गर्भावधि समय (project gestation time) को कम करना, घरेलू और विदेशी निवेश (foreign investment) को आकर्षित करना और भारतीय निर्माताओं को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं (global supply chains) में एकीकृत करना है।
- योजना से पर्याप्त रोजगार (substantial employment) उत्पन्न होने और साझा सुविधाओं (shared facilities) के माध्यम से छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
- मूल्य वर्धित विनिर्माण (value-added manufacturing) को प्रोत्साहित करके, BHAVYA मेक इन इंडिया (Make in India) और आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat) के लक्ष्यों में योगदान देता है।
स्रोत: PIB