समाचार में क्यों?
भारतीय और जापानी शोधकर्ताओं ने हुगली नदी (Hooghly River) के पानी में एक नए जीवाणु, Brachybacterium netajii की खोज की सूचना दी। यह रोगाणु जहरीले रसायनों को तोड़ सकता है और भारी धातुओं (heavy metals) को सहन कर सकता है, जिससे प्रदूषित जलमार्गों की सफाई की उम्मीद है।
पृष्ठभूमि
Netaji Mahavidyalaya, University of Burdwan, IIT (BHU) और Hiroshima University के वैज्ञानिकों द्वारा जीवाणु को अलग किया गया था। नमूने औद्योगिक अपवाह (industrial runoff) से दूषित क्षेत्रों से आए थे। प्रयोगशाला परीक्षणों से पता चला है कि तनाव p-nitrophenol को खराब कर सकता है, जो रंजक (dyes) और कीटनाशकों में उपयोग किया जाने वाला एक खतरनाक यौगिक है। शोधकर्ताओं ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Netaji Subhas Chandra Bose) की विरासत का सम्मान करने के लिए इस प्रजाति का नाम उनके नाम पर रखा है।
उल्लेखनीय गुण
- प्रदूषक क्षरण (Pollutant degradation): यह जीवाणु p-nitrophenol को हानिरहित उप-उत्पादों (harmless by-products) में तोड़ देता है। पारंपरिक तरीकों का उपयोग करके ऐसे रसायनों को निकालना मुश्किल है।
- भारी धातु सहिष्णुता (Heavy metal tolerance): यह आर्सेनिक, कैडमियम, सीसा और पारे की उपस्थिति में जीवित रहता है। यह लचीलापन इसे औद्योगिक अपशिष्टों (industrial effluents) में पनपने की अनुमति देता है जहां अधिकांश बैक्टीरिया मर जाते हैं।
- हेलोटोलरेंस (Halotolerance): तनाव (strain) उच्च-नमक वाले वातावरण में भी अच्छी तरह से बढ़ता है। यह तटीय और मुहाने के पानी को साफ करने के लिए उपयोगी बनाता है।
- अद्वितीय जैव रसायन: शोधकर्ताओं ने असामान्य फैटी एसिड और जीनोमिक द्वीप (genomic islands) पाए जो तनाव-सहिष्णुता एंजाइमों के लिए कोड करते हैं। इन जीनों का उपयोग औद्योगिक जैव प्रौद्योगिकी के लिए किया जा सकता है।
- बायोरेमेडिएशन क्षमता: जल उपचार संयंत्रों में इस जीवाणु का उपयोग करके, अधिकारी नदियों में जहरीले प्रदूषकों को कम कर सकते हैं और सफाई की लागत को कम कर सकते हैं।
निष्कर्ष
Brachybacterium netajii की खोज औद्योगिक प्रदूषण से निपटने के लिए नई संभावनाएं खोलती है। इसके एंजाइमों और उत्तरजीविता तंत्रों (survival mechanisms) पर आगे के शोध से हरित उपचार तकनीकें (greener remediation technologies) विकसित हो सकती हैं।