चर्चा में क्यों?
लद्दाख की रिपोर्टों से पता चलता है कि बफ-टिप (buff-tip) नामक एक आक्रामक कीट (moth) प्रजाति इस क्षेत्र में पेड़ों और फसलों को नुकसान पहुंचा रही है। बड़ी संख्या में इसके कैटरपिलर (caterpillars) के अचानक दिखाई देने से किसान चिंतित हैं क्योंकि वे फलों के पेड़ों और विलो (willows) से पत्तियों को छीन लेते हैं।
पृष्ठभूमि
बफ-टिप (Phalera bucephala) यूरोप और एशिया के कुछ हिस्सों का मूल निवासी एक मोथ (moth) है। वयस्क मोथ आराम करते समय एक टूटी हुई बर्च टहनी (birch twig) के समान दिखते हैं, यह उनके भूरे और भूरे रंग के पंखों के पैटर्न (grey and brown wing patterns) और लकड़ी के टुकड़े की तरह दिखने वाले बफ-रंगीन सिरे (buff-coloured tip) के कारण होता है। वे मई से जुलाई तक उड़ते हैं और पर्णपाती (deciduous) पेड़ों पर अंडे देते हैं।
मुख्य बिंदु
- कैटरपिलर (caterpillars) गहरे काले रंग की धारियों के साथ पीले होते हैं और समूहों में रहते हैं। वे ओक (oak), बर्च (birch), चूना (lime), चेरी और अन्य चौड़े पत्तों (broad-leaved) वाले पेड़ों की पत्तियों को खाते हैं। बड़ी कॉलोनियां भारी डिफोलिएशन (defoliation - पत्तियां गिरना) का कारण बन सकती हैं।
- बगीचों और जंगलों में, बफ-टिप कैटरपिलर शायद ही कभी पेड़ों को मारते हैं क्योंकि अगले साल नई पत्तियां वापस आ जाती हैं। हालाँकि, जिन क्षेत्रों में वे मूल निवासी (native) नहीं हैं, वहां उनका प्रभाव गंभीर हो सकता है।
- लद्दाख में हाल ही में हुआ संक्रमण (infestation) गर्म तापमान से जुड़ा हो सकता है जो कीट को अधिक ऊंचाई पर जीवित रहने की अनुमति देता है। किसानों को पेड़ों की निगरानी करने और व्यापक कीटनाशकों (broad pesticides) के बजाय सुरक्षित जैविक नियंत्रणों (biological controls) का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है।
- यह एक विकासशील कहानी है और आक्रमण के पैमाने और स्थानीय पारिस्थितिक तंत्र (ecosystems) पर इसके प्रभावों की पुष्टि करने के लिए आगे वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता है।