समाचार में क्यों?
Central Consumer Protection Authority (CCPA) ने होटल और रेस्तरां को निर्देश दिया है कि वे भोजन पर LPG सरचार्ज या फ्यूल कॉस्ट रिकवरी जैसे अतिरिक्त शुल्क न लगाएं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि मेनू मूल्य में केवल लागू करों को ही जोड़ा जा सकता है; सभी इनपुट लागतों को प्रदर्शित मूल्य में शामिल किया जाना चाहिए। उपभोक्ताओं को किसी भी गैरकानूनी अतिरिक्त शुल्क को हटाने का अनुरोध करने और यदि व्यवसाय ऐसा करना जारी रखते हैं तो शिकायत दर्ज करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
पृष्ठभूमि
उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा करने और अनुचित व्यापार प्रथाओं तथा भ्रामक विज्ञापनों पर अंकुश लगाने के लिए Consumer Protection Act 2019 की धारा 10(1) के तहत CCPA की स्थापना की गई थी। प्राधिकरण में एक मुख्य आयुक्त और दो आयुक्त (माल और सेवाओं के लिए) होते हैं जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किया जाता है। यह अपने दम पर या शिकायतों के आधार पर पूछताछ शुरू कर सकता है, जांच का आदेश दे सकता है, असुरक्षित वस्तुओं को वापस मंगा सकता है, दोषपूर्ण उत्पादों की कीमत वापस कर सकता है और भ्रामक विज्ञापनों के लिए ₹10 लाख तक का जुर्माना लगा सकता है।
यह सुनिश्चित करके कि व्यवसाय सूचीबद्ध मूल्य में सभी इनपुट लागतों को शामिल करते हैं, CCPA का उद्देश्य मूल्य निर्धारण को पारदर्शी बनाना और छिपी हुई फीस को रोकना है। यह निर्देश उपभोक्ताओं की सहमति के बिना "service charges" लगाने के खिलाफ की गई इसी तरह की कार्रवाई का अनुसरण करता है।
उपभोक्ताओं को क्या जानना चाहिए
- करों से परे कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं: रेस्तरां मेनू पर छपे मूल्य और लागू सरकारी करों को ही वसूल सकते हैं। ईंधन, रसोई गैस या अन्य इनपुट के लिए कोई भी अतिरिक्त शुल्क निषिद्ध (prohibited) है।
- निवारण तंत्र (Redress mechanisms): उपभोक्ता बिलिंग के समय अतिरिक्त शुल्क हटाने का अनुरोध कर सकते हैं। यदि इनकार किया जाता है, तो वे National Consumer Helpline (1915), e-Daakhil पोर्टल के माध्यम से या स्थानीय उपभोक्ता आयोगों से संपर्क करके शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
- जिला कलेक्टरों की भूमिका: जिला कलेक्टरों को Consumer Protection Act के तहत उल्लंघनों की जांच करने और दंडित करने के लिए अधिकृत किया गया है।
महत्व
- उपभोक्ताओं की रक्षा करना: यह निर्देश इस सिद्धांत को पुष्ट करता है कि ग्राहकों को केवल उसी का भुगतान करना चाहिए जिसका विज्ञापन किया गया है। यह व्यवसायों को अपनी परिचालन लागतों (operational costs) को सीधे ग्राहकों पर डालने से रोकता है।
- निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना: मूल्य निर्धारण प्रथाओं का मानकीकरण ईमानदार प्रतिष्ठानों को उन लोगों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में मदद करता है जो अन्यथा ग्राहकों को कम मेनू कीमतों के साथ लुभाते हैं और बाद में छिपी हुई फीस जोड़ देते हैं।
- उपभोक्ता अधिकारों को मजबूत करना: सक्रिय प्रवर्तन और जागरूकता अभियान उपभोक्ताओं को अनुचित प्रथाओं को चुनौती देने और प्रभावी ढंग से निवारण (redress) प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाते हैं।
निष्कर्ष
CCPA का निर्देश भारतीय बाजार को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। छिपे हुए सरचार्ज को खत्म करके, प्राधिकरण उपभोक्ता विश्वास को बनाए रखता है और नैतिक व्यावसायिक आचरण को बढ़ावा देता है।
स्रोत: News On Air