समाचार में क्यों?
Ministry of Corporate Affairs ने घोषणा की कि Corporate Mitra योजना 2,000 प्रतिभागियों के साथ शुरू होगी, जिसमें उत्तर पूर्व (North East) के 200 प्रतिभागी शामिल होंगे। 30 वर्ष की आयु तक के युवा स्नातकों को छह महीने का कक्षा प्रशिक्षण और उसके बाद छह महीने का ऑन-द-जॉब अनुभव मिलेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे पेशेवरों का एक कैडर बनाना है जो सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को नियामक आवश्यकताओं (regulatory requirements) को पूरा करने में मदद कर सकें।
पृष्ठभूमि
छोटे व्यवसायों के लिए GST, लेखांकन मानकों और कंपनी के नियमों जैसे कानूनों का अनुपालन करना अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है। 2026-27 के केंद्रीय बजट (Union Budget) में सरकार ने इस अंतर को भरने के लिए Corporate Mitra योजना का प्रस्ताव दिया था। Institute of Chartered Accountants of India, Institute of Company Secretaries और Institute of Cost Accountants, IIT Madras के साथ मिलकर इस पाठ्यक्रम को चलाएंगे। प्रतिभागी ₹3,000 और GST का रियायती शुल्क (subsidised fee) अदा करेंगे, जिसमें महिलाओं और उत्तर पूर्वी राज्यों, हिमालयी क्षेत्रों, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप के उम्मीदवारों के लिए शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट होगी।
प्रमुख विशेषताएं
- पात्रता: 30 वर्ष तक की आयु के भारतीय नागरिक जिनके पास स्नातक (graduate) की डिग्री है, वे आवेदन कर सकते हैं। उत्तर पूर्व के उम्मीदवारों के लिए एक विशेष कोटा आरक्षित है।
- प्रशिक्षण संरचना: पाठ्यक्रम में छह महीने का शैक्षणिक निर्देश और अभ्यास करने वाले पेशेवरों के अधीन छह महीने का व्यावहारिक कार्य शामिल है।
- पाठ्यचर्या (Curriculum): प्रतिभागी GST, आयकर फाइलिंग, लेखांकन, लागत लेखांकन और कॉर्पोरेट कानून के बारे में सीखते हैं। उन्हें संचार और डिजिटल उपकरणों पर परामर्श (mentoring) भी मिलता है।
- Corporate Mitras की भूमिका: प्रशिक्षण के बाद, ये पेशेवर MSMEs को वैधानिक फाइलिंग, बुककीपिंग, लागत नियंत्रण और सचिवीय अनुपालन में सहायता करेंगे। वे मामूली शुल्क लेंगे, जिससे छोटे व्यवसायों के लिए पेशेवर सेवाएं सस्ती हो जाएंगी।
- साझेदारी मॉडल: पेशेवर संस्थान उम्मीदवारों को प्रमाणित करेंगे और उद्योग प्लेसमेंट प्रदान करेंगे। सरकार को उम्मीद है कि इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और व्यापार करने में आसानी (ease of doing business) में सुधार होगा।
निष्कर्ष
युवा स्नातकों को अनुपालन सुविधाकर्ताओं (compliance facilitators) के रूप में प्रशिक्षित करके, Corporate Mitra योजना MSMEs और जटिल विनियामक आवश्यकताओं के बीच की खाई को पाटने का प्रयास करती है। यदि इसे अच्छी तरह से लागू किया जाता है, तो यह रोजगार पैदा कर सकता है और छोटे उद्यमियों पर कागजी कार्रवाई का बोझ कम कर सकता है。