विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

दिल्ली कुष्ठ रोग को रिपोर्टेबल बीमारी के रूप में अधिसूचित करेगी

दिल्ली कुष्ठ रोग को रिपोर्टेबल बीमारी के रूप में अधिसूचित करेगी

खबरों में क्यों?

दिल्ली सरकार ने मई 2026 में घोषणा की कि वह उन बीमारियों की सूची में कुष्ठ रोग (leprosy) को जोड़ेगी जिनकी रिपोर्ट डॉक्टरों और अस्पतालों को दिल्ली महामारी रोग अधिनियम (Delhi Epidemic Diseases Act) के तहत करनी होगी। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि अनिवार्य अधिसूचना (mandatory notification) से निगरानी (surveillance) में सुधार होगा, छिपे हुए मामलों का खुलासा होगा और 2030 तक संचरण (transmission) को खत्म करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

कुष्ठ रोग (हैनसेन रोग - Hansen’s disease) के बारे में

कुष्ठ रोग धीमी गति से बढ़ने वाले बैक्टीरिया माइकोबैक्टीरियम लेप्राई (Mycobacterium leprae) के कारण होने वाला एक पुराना संक्रामक रोग है। यह मुख्य रूप से त्वचा और परिधीय नसों (peripheral nerves) को प्रभावित करता है लेकिन ऊपरी श्वसन पथ (upper respiratory tract) और आंखों के म्यूकोसा (mucosa) को भी शामिल कर सकता है। अनुपचारित (untreated) छोड़ दिए जाने पर यह सुन्नता (numbness), मांसपेशियों की कमजोरी और अपरिवर्तनीय विकृति (irreversible deformities) का कारण बन सकता है। हालाँकि, कुष्ठ रोग साध्य (curable) है और प्रारंभिक उपचार से विकलांगता (disability) को रोका जा सकता है।

यह बीमारी लंबे समय तक निकट संपर्क के दौरान एक अनुपचारित रोगी की नाक और मुंह से बूंदों (droplets) के माध्यम से फैलती है। यह हाथ मिलाने या भोजन साझा करने जैसे आकस्मिक संपर्क (casual contact) से नहीं फैलता है। एक बार जब कोई रोगी मल्टी-ड्रग थेरेपी (MDT) शुरू कर देता है तो वे जल्दी से गैर-संक्रामक (non‑infectious) हो जाते हैं। एमडीटी (MDT) में तीन दवाएं शामिल हैं - डैप्सोन (dapsone), रिफैम्पिसिन (rifampicin) और क्लोफ़ाज़िमाइन (clofazimine) - जिन्हें कम घावों वाले मामलों में छह महीने और अधिक घाव या तंत्रिका भागीदारी वाले मामलों में बारह महीने तक लिया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) एमडीटी (MDT) मुफ्त प्रदान करता है।

अनिवार्य अधिसूचना क्यों मायने रखती है

  • छिपे हुए मामलों का पता लगाना: बहुत से लोग निजी डॉक्टरों से देखभाल चाहते हैं जो राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम (National Leprosy Eradication Programme) को मामलों की रिपोर्ट नहीं कर सकते हैं। अधिसूचना इन रोगियों को सार्वजनिक स्वास्थ्य पर्यवेक्षण (public‑health supervision) के अंतर्गत लाएगी।
  • शीघ्र निदान (Early diagnosis): रिपोर्टिंग से त्वरित उपचार (rapid treatment) सक्षम होता है और तंत्रिका क्षति और विकलांगता को रोकता है।
  • संपर्क अनुरेखण (Contact tracing): स्वास्थ्य कार्यकर्ता घरेलू और सामुदायिक संपर्कों की जांच कर सकते हैं और संचरण को कम करने के लिए एक्सपोज़र के बाद रोगनिरोधी (post‑exposure prophylaxis - एकल-खुराक रिफैम्पिसिन) की पेशकश कर सकते हैं।
  • कलंक (stigma) को कम करना: कुष्ठ रोग को अन्य रिपोर्ट योग्य संक्रमणों के साथ वर्गीकृत करना रोग को सामान्य बनाता है और रोगियों को समय पर चिकित्सा देखभाल लेने के लिए प्रोत्साहित करता है।

वैश्विक संदर्भ

हालाँकि 2005 में भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या (प्रति 10,000 जनसंख्या पर एक से कम मामला) के रूप में कुष्ठ रोग को समाप्त घोषित कर दिया गया था, लेकिन देश में अभी भी दुनिया भर में अधिकांश नए मामले सामने आते हैं। डब्ल्यूएचओ (WHO) के आंकड़ों से पता चलता है कि विश्व स्तर पर हर साल 200,000 से अधिक लोगों का निदान किया जाता है, मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया (South‑East Asia) में। दिल्ली में अनिवार्य अधिसूचना भारत के कुष्ठ रोग कार्यक्रम के डब्ल्यूएचओ के स्वतंत्र मूल्यांकन (independent evaluation) की सिफारिशों के अनुरूप है।

स्रोत: The Hindu

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