Environment

Drawida vazhania: केरल केंचुआ, पश्चिमी घाट और मृदा पारिस्थितिकी

Drawida vazhania: केरल केंचुआ, पश्चिमी घाट और मृदा पारिस्थितिकी

चर्चा में क्यों?

वैज्ञानिकों ने केरल के पीची-वाझानी वन्यजीव अभयारण्य (Peechi-Vazhani Wildlife Sanctuary) में वाझानी बांध क्षेत्र से द्राविडा वाझानिया (Drawida vazhania) नामक केंचुए (earthworm) की एक नई प्रजाति की खोज की सूचना दी है। यह खोज पश्चिमी घाट (Western Ghats) में केंचुओं की विविधता के बारे में हमारी समझ को बढ़ाती है।

पृष्ठभूमि

द्राविडा (Drawida) वंश (genus) के केंचुए दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और पूर्वी एशिया के मूल निवासी हैं। मिट्टी में रहने वाले ये जीव पोषक तत्वों के पुनर्चक्रण (recycling) और मिट्टी की संरचना में सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। त्रिशूर जिले में स्थित पीची-वाझानी अभयारण्य, नम जंगलों और घास के मैदानों की रक्षा करता है जो कई स्थानिक (endemic) प्रजातियों को आश्रय देते हैं। वाझानी बांध जलग्रहण क्षेत्र (catchment) की खोज करने वाले शोधकर्ताओं ने हाल ही में ऐसे नमूने एकत्र किए जो किसी भी ज्ञात प्रजाति से मेल नहीं खाते थे।

मुख्य विशेषताएं

  • नई प्रजाति छोटी है और द्राविडा केंचुओं के बारवेली समूह (Barwelli group) से संबंधित है। इसमें एक अंडाकार (grooved) नर जननांग क्षेत्र (male genital field) और सेम के आकार (bean-shaped) का प्रोस्टेट (prostate) है।
  • प्रोस्टेटिक कैप्सूल (prostatic capsule) संकीर्ण है और C-आकार बनाता है, और एट्रियम (सतह पर खुलने वाली संरचना) छोटा है तथा सीधे शरीर की दीवार पर बैठता है।
  • ये विशेषताएं द्राविडा वाझानिया को इस वंश के अन्य सदस्यों से अलग करती हैं और वर्गीकरण विज्ञानियों (taxonomists) को इसे एक विशिष्ट प्रजाति के रूप में वर्णित करने के लिए प्रेरित किया।
  • इस खोज के साथ ही भारत से ज्ञात द्राविडा प्रजातियों की संख्या बढ़कर अस्सी से अधिक हो गई है, जिनमें से लगभग पचास पश्चिमी घाट में पाई जाती हैं।

महत्व

  • केंचुए पारिस्थितिकी तंत्र के इंजीनियर (ecosystem engineers) हैं: वे मिट्टी में वायु संचार (aerate) करते हैं, अपघटन (decomposition) में सहायता करते हैं और पौधों के विकास को बढ़ावा देते हैं। नई प्रजातियों का दस्तावेजीकरण मिट्टी की जैव विविधता और कृषि एवं वानिकी (forestry) के लिए इसके लाभों के बारे में हमारी समझ में सुधार करता है।
  • पश्चिमी घाट विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त जैव विविधता हॉटस्पॉट (biodiversity hotspot) है। डी. वाझानिया जैसी नई खोजें वनों की कटाई, कृषि और शहरीकरण के खतरे का सामना कर रहे आवासों के संरक्षण की आवश्यकता को उजागर करती हैं।

निष्कर्ष

द्राविडा वाझानिया की खोज पश्चिमी घाट में जीवन की समृद्ध विविधता (tapestry of life) को जोड़ती है। हमारे पैरों के नीचे रहने वाले कई छोटे लेकिन पारिस्थितिक रूप से महत्वपूर्ण जीवों को उजागर करने और उनके संरक्षण के लिए निरंतर क्षेत्रीय सर्वेक्षण (field surveys) और आवास संरक्षण आवश्यक है।

स्रोत: The Hindu

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