चर्चा में क्यों?
2 अप्रैल 2026 को तुर्की और ग्रीस के बीच ईजियन क्षेत्र (Aegean region) में 4.2 तीव्रता का मध्यम भूकंप (earthquake) आने के बाद, निवासियों ने रात के आसमान में चमकते हुए गोलों और रोशनी की धारियों के वीडियो बनाए। इन तथाकथित भूकंपीय रोशनियों (earthquake lights) ने एक बार फिर जनता का ध्यान आकर्षित किया है, जिससे वैज्ञानिकों को इस घटना को समझाने और इसे अलौकिक कारणों (supernatural causes) से जोड़ने के प्रति चेतावनी देने के लिए प्रेरित होना पड़ा।
पृष्ठभूमि
भूकंपीय रोशनी (Earthquake lights - EQL) दुर्लभ चमकदार (luminous) घटनाएं हैं जो भूकंपीय गतिविधियों (seismic events) से पहले या उसके दौरान देखी जाती हैं। ऐसी रोशनी के रिकॉर्ड प्राचीन चीन और 17वीं सदी के यूरोप के समय से मिलते हैं, लेकिन हाल के दशकों में ही शोधकर्ताओं ने इनका व्यवस्थित अध्ययन (study systematically) शुरू किया है। EQL आमतौर पर जमीन के पास या फॉल्ट लाइनों (fault lines) के किनारे हल्की चमक, चमकते बादलों या रोशनी के तैरते हुए गोलों के रूप में दिखाई देते हैं। इन्हें जापान में 1965 के मात्सुशिरो स्वार्म (Matsushiro swarm), चीन में 2008 के वेनचुआन भूकंप (Wenchuan quake) और इटली में 2010 के एल'अक्विला भूकंप (L’Aquila earthquake) जैसे प्रमुख भूकंपों के साथ जोड़ा गया है। क्योंकि ये रोशनियां अप्रत्याशित (unpredictable) और अल्पकालिक (short‑lived) होती हैं, विश्वसनीय तस्वीरें असामान्य हैं, जिसने अटकलों और लोककथाओं (folklore) को बढ़ावा दिया है।
वैज्ञानिक स्पष्टीकरण (Scientific explanations)
- तनावग्रस्त चट्टानों से आवेशित कण (Charged particles from stressed rocks): जब पृथ्वी की पपड़ी (crust) में विवर्तनिक तनाव (tectonic stresses) जमा हो जाता है, तो कुछ प्रकार की चट्टानें, विशेष रूप से जिनमें क्वार्ट्ज (quartz) होता है, इलेक्ट्रॉन और धनात्मक छिद्र (positive holes) छोड़ सकती हैं। प्रयोगशाला के प्रयोगों से पता चलता है कि चट्टानों को दबाने या टूटने से विद्युत आवेश (electric charges) पैदा होते हैं जो दरारों के माध्यम से सतह तक जाते हैं। जैसे ही ये आवेश हवा में पहुंचते हैं, वे वायुमंडलीय गैसों (atmospheric gases) को आयनित (ionise) करते हैं, जिससे हल्की चमक या चिंगारी (sparks) उत्पन्न होती है।
- रिफ्ट जोन और वर्टिकल फॉल्ट (Rift zones and vertical faults): सिस्मोलॉजिकल रिसर्च लेटर्स (Seismological Research Letters) पत्रिका में प्रकाशित और यूरोपीय जियोसाइंसेज यूनियन (European Geosciences Union) सम्मेलन में प्रस्तुत किए गए अध्ययनों से पता चला है कि प्रलेखित (documented) भूकंप रोशनी का लगभग 97 प्रतिशत हिस्सा रिफ्ट वैली (rift valleys) या सबवर्टिकल फॉल्ट (subvertical faults) के पास होता है जहां विवर्तनिक प्लेटें (tectonic plates) अलग होती हैं। ऐसी भौगोलिक सेटिंग्स खुली दरारों (open fractures) के साथ विद्युत आवेशों (electrical charges) को तेजी से ऊपर की ओर बढ़ने की अनुमति देती हैं।
- विशेषताएं (Characteristics): भूकंप की रोशनी विभिन्न रूप ले सकती है - नीली या सफेद लपटें, चमकते बादल, बिजली जैसी धारियाँ या तैरते हुए चमकदार गोले। वे एक सेकंड के कुछ अंश से लेकर कई मिनट तक रह सकते हैं और आमतौर पर भूकंप के केंद्र (epicentre) से कुछ किलोमीटर के दायरे में देखे जाते हैं।
- निगरानी के प्रयास (Monitoring efforts): नासा (NASA) जैसी अंतरिक्ष एजेंसियों ने भूकंप से पहले इन्फ्रारेड विसंगतियों (infrared anomalies) और वायुमंडलीय आयनीकरण (atmospheric ionisation) की तलाश के लिए उपग्रहों का उपयोग करना शुरू कर दिया है। हालांकि यह उम्मीद है कि ये अवलोकन अल्पकालिक पूर्वानुमान (short‑term forecasting) में योगदान दे सकते हैं, लेकिन वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि भूकंपीय रोशनी अविश्वसनीय संकेतक (unreliable indicators) बनी हुई है और इसे स्थापित भूकंपीय तरीकों (established seismological methods) को प्रतिस्थापित नहीं करना चाहिए।
महत्व (Significance)
- जन जागरूकता (Public awareness): यह समझना कि भूकंपीय रोशनी प्राकृतिक विद्युत चुम्बकीय घटनाएं (electromagnetic phenomena) हैं, अपशकुन (omens) या अलौकिक चेतावनियों के मिथकों को दूर करने में मदद करता है।
- तनाव प्रक्रियाओं में अंतर्दृष्टि (Insights into stress processes): EQL का अध्ययन इस बात के सुराग देता है कि चट्टानें कैसे टूटती हैं और पपड़ी (crust) के माध्यम से आवेश (charges) कैसे चलते हैं, जो व्यापक भूभौतिकीय ज्ञान (geophysical knowledge) में योगदान देता है।
- संभावित प्रारंभिक चेतावनी अनुसंधान (Potential early warning research): हालांकि पूर्वानुमान उपकरण (forecasting tool) के रूप में अभी तक विश्वसनीय नहीं है, भविष्य में विद्युत चुम्बकीय विसंगतियों (electromagnetic anomalies) की निगरानी पारंपरिक सीस्मोलॉजी (traditional seismology) का पूरक (complement) हो सकती है।
निष्कर्ष
ईजियन भूकंप के बाद देखी गई असामान्य रोशनी हमें याद दिलाती है कि पृथ्वी की पपड़ी एक सक्रिय और कभी-कभी विद्युतीकृत (electrifying) जगह है। रहस्यमय (mystical) होने से दूर, ये चमक तनावग्रस्त चट्टानों (stressed rocks) में प्राकृतिक विद्युत प्रक्रियाओं (electrical processes) से उत्पन्न होती हैं। निरंतर शोध एक दिन भूकंपीय घटनाओं (seismic events) को बेहतर ढंग से समझने और शायद अनुमान लगाने के लिए ऐसी घटनाओं का उपयोग कर सकता है।
स्रोत: इंडिया टुडे (India Today)