पर्यावरण

Egyptian Vulture: विलुप्त होने का खतरा, आवास हानि और Rayalaseema

Egyptian Vulture: विलुप्त होने का खतरा, आवास हानि और Rayalaseema

समाचार में क्यों?

जून 2026 में वन्यजीव विशेषज्ञों ने बताया कि आंध्र प्रदेश के Rayalaseema क्षेत्र से Egyptian vultures गायब हो रहे हैं। कभी पथरीले परिदृश्य में आम तौर पर पाए जाने वाले ये पक्षी अब आवास के नुकसान, करंट लगने और ज़हर के कारण शायद ही कभी देखे जाते हैं।

पृष्ठभूमि

Egyptian vulture (Neophron percnopterus) एक छोटा, लंबी दूरी का प्रवासी गिद्ध है जो दक्षिणी यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और एशिया के कुछ हिस्सों में पाया जाता है। भारत में यह बड़े पैमाने पर शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में निवास करता है। वयस्कों के पास काले पंख और एक नंगे पीले चेहरे के साथ सफेद आलूबुखारा (plumage) होता है। 55–65 cm की शरीर की लंबाई और 1.5–1.7 m के पंखों के फैलाव (wingspan) के साथ, यह सबसे छोटे गिद्धों में से एक है। यह प्रजाति अंडे तोड़ने के लिए पत्थरों जैसे उपकरणों का उपयोग करने के लिए जानी जाती है, जो शिकारी पक्षियों में एक दुर्लभ व्यवहार है। International Union for Conservation of Nature (IUCN) इसे “Endangered” के रूप में सूचीबद्ध करता है, और इसे भारत के Wildlife Protection Act के तहत उच्चतम स्तर की सुरक्षा प्राप्त है।

खतरे और संरक्षण के मुद्दे

  • आवास का नुकसान: उत्खनन (Quarrying) और शहरीकरण ने Rayalaseema में चट्टानों और पथरीली संरचनाओं पर घोंसले के शिकार स्थलों को कम कर दिया है। प्रजनन कॉलोनियों के पास वनों की कटाई और अशांति भी इस गिरावट में योगदान करती है।
  • ज़हर: गिद्ध अक्सर कीटनाशकों या पशु चिकित्सा दवाओं वाले पशुओं के शवों को खाते हैं। Diclofenac, जो मवेशियों पर इस्तेमाल किया जाने वाला एक दर्द निवारक है, उपचारित शवों का सेवन करने पर गिद्धों में गुर्दे की विफलता का कारण बनता है।
  • करंट लगना: हाई-टेंशन बिजली लाइनें गिद्धों के आवास को पार करती हैं। बड़े पंखों वाले पक्षी खराब इंसुलेटेड खंभों पर उतरते समय करंट का शिकार हो सकते हैं।
  • छोटी आबादी का आकार: वैज्ञानिकों का ध्यान है कि बचे हुए पक्षी बिखरे हुए हैं। समन्वित संरक्षण उपायों के बिना, यह प्रजाति कुछ क्षेत्रों में स्थानीय रूप से विलुप्त हो सकती है। शोधकर्ता “vulture restaurants” — गैर-दूषित शवों वाले सुरक्षित फीडिंग ज़ोन — बनाने और नियमित सर्वेक्षणों के माध्यम से आबादी की निगरानी करने का आह्वान करते हैं।

गिद्धों का महत्व

गिद्ध प्रकृति के सफाईकर्मी (clean-up crew) हैं। मृत जानवरों का सेवन करके, वे एंथ्रेक्स और रेबीज जैसी बीमारियों के प्रसार को रोकते हैं। उनकी गिरावट से जंगली कुत्तों और चूहों में वृद्धि हो सकती है, जो मनुष्यों के लिए नए स्वास्थ्य जोखिम पैदा करते हैं।

निष्कर्ष

Rayalaseema में Egyptian vulture की दुर्दशा एशिया के गिद्धों के सामने आने वाले एक व्यापक संकट का हिस्सा है। इन पक्षियों की रक्षा के लिए हानिकारक पशु चिकित्सा दवाओं पर प्रतिबंध लगाने, बिजली लाइनों को इंसुलेट करने, घोंसले की चट्टानों की सुरक्षा करने और सामुदायिक जागरूकता का समर्थन करने की आवश्यकता होगी।

स्रोत

The Hindu

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