पर्यावरण

Emperor Penguin Endangered: IUCN रेड लिस्ट, अंटार्कटिक समुद्री बर्फ और जलवायु परिवर्तन

Emperor Penguin Endangered: IUCN रेड लिस्ट, अंटार्कटिक समुद्री बर्फ और जलवायु परिवर्तन

ख़बरों में क्यों है?

पक्षी संरक्षण समूह बर्डलाइफ इंटरनेशनल (BirdLife International) ने घोषणा की कि एम्परर पेंगुइन (Emperor Penguin) को IUCN रेड लिस्ट में "नियर थ्रेटन्ड (Near Threatened)" से "एंडेंजर्ड (Endangered)" में अपलिस्ट (uplist) किया गया है। यह निर्णय उन अनुमानों पर आधारित था कि अंटार्कटिक समुद्री बर्फ (Antarctic sea ice) में जलवायु-संचालित गिरावट (climate‑driven declines) 2080 के दशक तक प्रजातियों की वैश्विक आबादी (global population) को आधा कर सकती है। बर्डलाइफ ने सरकारों से आगामी अंटार्कटिक संधि (Antarctic Treaty) की बैठक में एम्परर पेंगुइन को विशेष रूप से संरक्षित प्रजाति (specially protected species) के रूप में नामित करने का आग्रह किया।

पृष्ठभूमि (Background)

एम्परर पेंगुइन (Aptenodytes forsteri) पेंगुइन की 18 प्रजातियों में सबसे बड़ी है। वयस्कों का वजन 40 किलो तक होता है और वे लगभग एक मीटर लंबे होते हैं। वे अंटार्कटिक सर्दियों (Antarctic winter) के दौरान प्रजनन करते हैं, एक अंडा देते हैं जिसे नर अपने पैरों पर त्वचा की एक तह के नीचे सेते (incubate) हैं जबकि मादाएं समुद्र में चारा (forage) खोजती हैं। एम्परर पेंगुइन महाद्वीप से जुड़ी स्थिर समुद्री बर्फ पर कॉलोनियों में रहते हैं, जिसे "फास्ट आइस (fast ice)" कहा जाता है, और मछली, क्रिल (krill) और स्क्विड (squid) खाते हैं।

अनुकूलन (Adaptations)

  • इन्सुलेशन (Insulation): सघन (Dense), पैमाने के समान पंख (scale‑like feathers) और शरीर की वसा (body fat) की एक मोटी परत उन्हें -60 डिग्री सेल्सियस (‑60 °C) तक के कम तापमान में गर्म रखती है।
  • झुंड में रहने का व्यवहार (Huddling behaviour): तूफानों के दौरान, हजारों पेंगुइन एक साथ झुंड (huddle) में रहते हैं, गर्मी को संरक्षित करने के लिए ठंडे बाहरी किनारों से गर्म केंद्र की ओर घूमते (rotating) हैं।
  • गोताखोरी की क्षमता (Diving ability): वे 500 मीटर की गहराई तक गोता (dive) लगा सकते हैं और 20 मिनट तक पानी के भीतर रह सकते हैं, जिससे वे बर्फ के नीचे मछली और स्क्विड का शिकार कर सकते हैं।

खतरे और संरक्षण (Threats and conservation)

जलवायु परिवर्तन अंटार्कटिक समुद्री बर्फ को तेजी से कम कर रहा है। एम्परर पेंगुइन प्रजनन (breeding) और मोल्टिंग (moulting) के लिए स्थिर बर्फ पर निर्भर करते हैं; यदि बर्फ देर से बनती है या जल्दी पिघल जाती है, तो चूजे (chicks) जीवित नहीं रह पाते हैं। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि बिना कार्रवाई के, इस सदी के अंत तक दो-तिहाई कॉलोनियों में भारी गिरावट आ सकती है। संरक्षणवादी (Conservationists) मजबूत जलवायु नीतियों (climate policies) और प्रजनन स्थलों (breeding sites) के आसपास समुद्री संरक्षित क्षेत्रों (marine protected areas) के निर्माण की वकालत कर रहे हैं।

स्रोत (Sources)

स्रोत: डीटीई (DTE)

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