चर्चा में क्यों?
NHPC लिमिटेड ने 3,097 मेगावाट की एटलिन जलविद्युत परियोजना (Etalin Hydroelectric Project) विकसित करने के लिए अरुणाचल प्रदेश सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (Memorandum of Agreement) पर हस्ताक्षर किए हैं। 16 जून 2026 को की गई यह घोषणा भारत की सबसे बड़ी नियोजित जलविद्युत परियोजनाओं (planned hydropower projects) में से एक पर प्रगति का प्रतीक है।
पृष्ठभूमि
अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी (Dibang Valley) में दिबांग नदी की सहायक नदियों ड्री (Dri) और टैंगन (Tangon) नदियों पर एटलिन परियोजना प्रस्तावित है। दो रन-ऑफ-द-रिवर योजनाओं (run-of-the-river schemes) के संयोजन के रूप में डिज़ाइन की गई, इसमें दोनों नदियों पर कंक्रीट ग्रेविटी बांध (concrete gravity dams) और उनके संगम के पास एक भूमिगत पावरहाउस (underground powerhouse) का निर्माण शामिल है। 3,097 मेगावाट की स्थापित क्षमता (installed capacity) के साथ, यह भारत में नियोजित सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं में से एक है। परियोजना क्षेत्र जैव विविधता हॉटस्पॉट के भीतर आता है और यहां इदु-मिशमी (Idu-Mishmi) लोग निवास करते हैं।
समझौते का विवरण
- विकास मॉडल: NHPC वाणिज्यिक संचालन तिथि (commercial operation date) से चालीस वर्षों की पट्टा अवधि (lease period) के साथ, निर्माण, स्वामित्व, संचालन और हस्तांतरण (BOOT - Build, Own, Operate and Transfer) के आधार पर परियोजना विकसित करेगा।
- जिम्मेदारियां: MoA, NHPC को प्रारंभिक जांच करने, पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट (pre-feasibility report) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (detailed project report) तैयार करने, वित्तपोषण (financing) की व्यवस्था करने और निर्माण कार्य करने के लिए अधिकृत करता है।
- आर्थिक लाभ: NHPC के अध्यक्ष ने कहा कि परियोजना दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक लाभ प्रदान करेगी, स्थानीय रोजगार पैदा करेगी और भारत के स्वच्छ-ऊर्जा संक्रमण (clean-energy transition) में योगदान देगी।
- पर्यावरणीय चिंताएँ: परियोजना क्षेत्र हिमालय के एक समृद्ध जैव-भौगोलिक प्रांत (biogeographical province) में स्थित है और उच्च जैव विविधता का समर्थन करता है। संरक्षण और स्वदेशी अधिकारों (indigenous rights) के साथ विकास को संतुलित करना महत्वपूर्ण होगा।
निष्कर्ष
एटलिन परियोजना भारत की जलविद्युत महत्वाकांक्षाओं में एक बड़ा कदम है। सफल कार्यान्वयन से अक्षय ऊर्जा आपूर्ति (renewable energy supply) और स्थानीय विकास को बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि, यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह मेगा-परियोजना टिकाऊ और न्यायसंगत (equitable) है, सावधानीपूर्वक योजना, पर्यावरणीय सुरक्षा उपाय और इदु-मिशमी समुदाय के साथ जुड़ाव आवश्यक होगा।