समाचार में क्यों?
22 May 2026 को भारत और इथियोपिया (Ethiopia) ने जिनेवा (Geneva) में World Trade Organization (WTO) में इथियोपिया के प्रवेश (accession) का समर्थन करते हुए एक द्विपक्षीय प्रोटोकॉल (bilateral protocol) पर हस्ताक्षर किए। इथियोपिया 2003 से सदस्यता के लिए बातचीत कर रहा है, और यह समझौता दोनों देशों के बीच घनिष्ठ आर्थिक संबंधों और इथियोपिया की प्रवेश प्रक्रिया (accession process) में प्रगति का संकेत देता है。
पृष्ठभूमि
इथियोपिया (Ethiopia), आधिकारिक तौर पर Federal Democratic Republic of Ethiopia, अफ्रीका के सींग (Horn of Africa) में एक चारों ओर से भूमि से घिरा (landlocked) राष्ट्र है। इसकी राजधानी अदीस अबाबा (Addis Ababa), समुद्र तल से लगभग 2,350 metres ऊपर इथियोपियाई उच्चभूमि (Ethiopian Highlands) में स्थित है। देश की आबादी 110 million से अधिक है और यह लगभग 1.1 million square kilometres को कवर करता है। ऐतिहासिक रूप से यह अफ्रीका के सबसे पुराने राज्यों में से एक है - 1st और 7th centuries CE के बीच अक्सुम का प्राचीन साम्राज्य (ancient kingdom of Aksum) फला-फूला और जल्दी ही ईसाई धर्म को अपना लिया। 1896 में इथियोपिया ने अडवा की लड़ाई (Battle of Adwa) में इटली को हराया, और अपनी स्वतंत्रता बनाए रखी जबकि अधिकांश अफ्रीका उपनिवेश बन गया था। इतालवी सेनाओं (Italian forces) ने 1936 से 1941 तक देश पर कब्ज़ा कर लिया, जिसके बाद सम्राट हैले सेलासी (Emperor Haile Selassie) सत्ता में लौट आए। आधुनिक इथियोपिया विविध जातीय समूहों और भाषाओं वाला एक संघीय गणराज्य (federal republic) है, और कृषि इसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनी हुई है। कॉफी इसके सबसे महत्वपूर्ण निर्यातों में से एक है。
इथियोपिया ने 2003 में WTO में शामिल होने के लिए आवेदन किया था और तब से घरेलू कानूनों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मानदंडों (international trade norms) के साथ संरेखित करने के लिए आर्थिक सुधार (economic reforms) किए हैं। WTO में शामिल होने से देश बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली (multilateral trading system) में एकीकृत हो जाएगा, निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और इथियोपियाई वस्तुओं तथा सेवाओं के लिए बाज़ार तक पहुंच (market access) में सुधार होगा। भारत, जो पहले से ही इथियोपिया का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, इस प्रक्रिया का समर्थन करता है। December 2025 में Prime Minister नरेन्द्र मोदी की यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी (strategic partnership) के स्तर तक बढ़ाया。
इथियोपिया के प्रवेश के बारे में मुख्य बिंदु
- लंबी बातचीत प्रक्रिया (Long negotiating process): प्रवेश पर इथियोपिया के वर्किंग पार्टी (working party) ने व्यापार, निवेश और बौद्धिक संपदा (intellectual property) पर कानून की समीक्षा करने के लिए 2003 के बाद से कई बार मुलाकात की है।
- घरेलू सुधार (Domestic reforms): सरकार दूरसंचार (telecommunications) और वित्त (finance) जैसे क्षेत्रों को उदार बना रही है, राज्य के एकाधिकार (state monopolies) को कम कर रही है और सीमा शुल्क प्रक्रियाओं (customs procedures) का आधुनिकीकरण कर रही है।
- सदस्यता के लाभ (Benefits of membership): WTO में प्रवेश विदेशी बाज़ारों तक बेहतर पहुंच, विविध निर्यात (diversified exports), निष्पक्ष विवाद निपटान (fair dispute settlement) और अधिक अनुमानित कारोबारी माहौल (predictable business environment) का वादा करता है।
- भारत की भूमिका (India's role): भारत तकनीकी सहायता (technical assistance) प्रदान करता है और इथियोपिया में कृषि, बिजली और शिक्षा में निवेश करता है। द्विपक्षीय व्यापार (Bilateral trade) में लोहा और इस्पात (iron and steel), मशीनरी तथा फार्मास्युटिकल्स का भारतीय निर्यात और दालों तथा कॉफी का आयात शामिल है।
निष्कर्ष
इथियोपिया की WTO बोली घरेलू विकास की ज़रूरतों को संतुलित करते हुए वैश्विक अर्थव्यवस्था (global economy) के साथ एकीकृत (integrate) होने की उसकी महत्वाकांक्षा को दर्शाती है। भारत का समर्थन दक्षिण-दक्षिण सहयोग (South–South cooperation) और व्यापार, निवेश तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान (cultural exchanges) को बढ़ाने की क्षमता को रेखांकित करता है。