चर्चा में क्यों?
20 मई 2026 को रोम में एक समारोह में खाद्य और कृषि संगठन (Food and Agriculture Organization - FAO) के महानिदेशक क्यू डोंग्यू (QU Dongyu) ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को प्रतिष्ठित एग्रीकोला मेडल (Agricola Medal) प्रदान किया। यह पुरस्कार भारत की कृषि खाद्य प्रणाली (agrifood system) को बदलने और वैश्विक खाद्य सुरक्षा (global food security) में योगदान देने में उनके नेतृत्व को मान्यता देता है।
पृष्ठभूमि
FAO एग्रीकोला मेडल संगठन का सर्वोच्च सम्मान है। यह उन राष्ट्राध्यक्षों और अन्य नेताओं को मान्यता देने के लिए स्थापित किया गया था जो भूख उन्मूलन (eradicating hunger) और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए असाधारण प्रतिबद्धता दिखाते हैं। 1977 में FAO मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (FAO Ministerial Conference) ने वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति सर्वोच्च राजनीतिक और नैतिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बनाने के लिए पुरस्कार को फिर से परिभाषित किया। पिछले भारतीय प्राप्तकर्ताओं में 1978 में बिनय रंजन सेन (Binay Ranjan Sen), 1979 में राजनेता बी. नारायण (B. Narayan) और 2008 में प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह शामिल हैं। भूख के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का नेतृत्व करने के लिए 1945 में ही FAO की स्थापना की गई थी; अब इसके 190 से अधिक सदस्य देश हैं।
पुरस्कार के कारण
- नीतिगत सुधार (Policy reforms): प्रधान मंत्री मोदी के नेतृत्व में, भारत ने कृषि उत्पादकता (agricultural productivity) बढ़ाने के लिए योजनाएं शुरू कीं, जैसे कि छोटे किसानों को प्रत्यक्ष आय सहायता और प्राकृतिक और पुनर्योजी खेती (regenerative farming) के लिए प्रोत्साहन।
- खाद्य सुरक्षा पहल (Food security initiatives): भारत दुनिया के सबसे बड़े खाद्य-आधारित सामाजिक सुरक्षा जाल (social safety nets) में से एक का संचालन करता है, जो लगभग 800 मिलियन लोगों को कवर करता है। COVID-19 महामारी के दौरान, अतिरिक्त राशन और नकद हस्तांतरण ने कमजोर समूहों के बीच भूख को रोका।
- डिजिटल कृषि (Digital agriculture): भारत का डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा (digital public infrastructure), जिसे इसकी G20 अध्यक्षता के दौरान बढ़ावा दिया गया था, प्रौद्योगिकी को वैश्विक सार्वजनिक भलाई (global public good) बनाने का लक्ष्य रखता है। यह किसानों को बाजारों और सेवाओं तक अधिक कुशलता से पहुंचने में मदद करता है।
- अंतर्राष्ट्रीय नेतृत्व (International leadership): प्रधान मंत्री ने बाजरा के अंतर्राष्ट्रीय वर्ष 2023 (International Year of Millets 2023) का समर्थन किया और पौष्टिक फसलों को वैश्विक स्तर রাখা अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कमी का सामना कर रहे देशों को मानवीय अनाज आपूर्ति (humanitarian grain supplies) का भी समर्थन किया है।
महत्व
- यह पुरस्कार एक खाद्य-कमी वाले देश (food-deficit country) से वैश्विक खाद्य सुरक्षा में प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में भारत के परिवर्तन को मान्यता देता है।
- यह सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) को प्राप्त करने में किसान-केंद्रित नीतियों (farmer-centric policies) और समावेशी विकास (inclusive growth) के महत्व को उजागर करता है।
- यह सम्मान भारत और FAO के बीच लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को मजबूत करता है, जो 1945 में एक संस्थापक सदस्य (founding member) के रूप में भारत की स्थिति से जुड़ी है।
निष्कर्ष
एग्रीकोला मेडल एक व्यक्तिगत पुरस्कार से कहीं अधिक है—यह खाद्य सुरक्षा के लिए प्रयास करने वाले लाखों भारतीय किसानों, वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं के सामूहिक प्रयासों का जश्न मनाता है। भारत की प्रगति को FAO की मान्यता एक अधिक लचीली और टिकाऊ वैश्विक खाद्य प्रणाली (resilient and sustainable global food system) को आकार देने में देश की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है।