समाचार में क्यों?
Andhra Pradesh और Kerala के किसानों ने Giant African Snail के गंभीर संक्रमण (infestations) की सूचना दी है। इस आक्रामक प्रजाति (invasive species) ने पपीता, अमरूद और गुलदाउदी जैसी बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचाया है और सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं पैदा की हैं। समाचार रिपोर्टों में बताया गया है कि कैसे समुदाय इस तेजी से बढ़ते कीट को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
पृष्ठभूमि
Giant African Snail (Lissachatina fulica) पूर्वी अफ्रीका का मूल निवासी है लेकिन कई उष्णकटिबंधीय (tropical) क्षेत्रों में फैल गया है। इसे दुनिया की 100 सबसे खराब आक्रामक विदेशी प्रजातियों में सूचीबद्ध किया गया है। भारत में इस घोंघे को पहली बार 1847 में कोलकाता (तब कलकत्ता) में पेश किया गया था और बाद में यह मुख्य भूमि में फैल गया। यह पौधों की एक विस्तृत श्रृंखला पर भोजन करता है, कठोर परिस्थितियों में जीवित रह सकता है और इसके कुछ प्राकृतिक शिकारी हैं। प्रत्येक वयस्क प्रति वर्ष 1000 अंडे देता है, जिससे जनसंख्या में तेजी से विस्फोट होता है।
हाल के अवलोकन
- Andhra Pradesh के पार्वतीपुरम-मन्यम (Parvathipuram-Manyam) जिले में, किसानों द्वारा Kerala से सुपारी के पौधे आयात करने के बाद घोंघे ने बागों पर आक्रमण कर दिया। पपीता, अमरूद और गुलदाउदी की पैदावार बुरी तरह प्रभावित हुई।
- किसानों ने शुरू में घोंघों को हानिरहित उद्यान घोंघे समझ लिया और उन्हें बढ़ने दिया। नमी वाले वातावरण और शिकारियों की अनुपस्थिति के कारण प्रजनन को बढ़ावा मिलने से इनकी संख्या में विस्फोट हो गया।
- स्थानीय लोगों ने इस प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए नमक, गोभी के पत्ते, हाथ से चुनना (hand picking) और मेटाल्डेहाइड (metaldehyde) छर्रों का इस्तेमाल किया। कृषि अधिकारियों ने गुड़ और कॉपर सल्फेट के साथ घोंघों को फंसाने और एकत्र किए गए घोंघों को सुरक्षित रूप से नष्ट करने की सलाह दी।
- ये घोंघे एक परजीवी कृमि (parasitic worm) ले जा सकते हैं जो मनुष्यों में ईोसिनोफिलिक मैनिंजाइटिस (eosinophilic meningitis) का कारण बनता है। संक्रमण को रोकने के लिए Kerala के अधिकारियों ने 2022 में सार्वजनिक स्वास्थ्य, कृषि और वन्यजीव विभागों को शामिल करते हुए One Health अभियान शुरू किया था।
- विशेषज्ञ भविष्य में इसके प्रकोप को रोकने के लिए सामुदायिक भागीदारी और नियमित स्वच्छता (sanitation) पर जोर देते हैं, क्योंकि केवल रासायनिक नियंत्रण इस कीट को खत्म नहीं कर सकता।
निष्कर्ष
Giant African Snail इस बात का उदाहरण है कि आक्रामक प्रजातियां किस प्रकार कृषि और सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डालती हैं। इस लचीले मोलस्क (mollusc) से फसलों और मानव स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एकीकृत कीट प्रबंधन आवश्यक है, जो मैन्युअल रूप से हटाने, आवास स्वच्छता और जन जागरूकता को जोड़ता है।