समाचार में क्यों?
केंद्र सरकार ने एक सींग वाले गैंडों (greater one-horned rhinoceroses) के लिए deoxyribonucleic acid (DNA) अनुक्रमण (indexing) को मंजूरी दे दी है। यह डेटाबेस आनुवंशिक प्रोफाइल के माध्यम से जानवरों की पहचान करेगा। यह एक राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड समिति के अनुमोदन के बाद संरक्षण और अपराध जांच का समर्थन कर सकता है।
पृष्ठभूमि
एक सींग वाले गैंडे का वैज्ञानिक नाम Rhinoceros unicornis है, और इसे भारतीय गैंडा भी कहा जाता है।
ऐतिहासिक रूप से, यह सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र के बाढ़ के मैदानों (floodplains) में रहता था, तथा शिकार और आवास परिवर्तन ने इस विशाल सीमा को काफी कम कर दिया।
बीसवीं सदी की शुरुआत तक, केवल छोटी बिखरी हुई आबादी बची थी, और बाद में मजबूत सुरक्षा ने एक बड़ी संरक्षण पुनर्प्राप्ति (conservation recovery) की।
आज, जंगली आबादी मुख्य रूप से उत्तरी भारत और दक्षिणी नेपाल में पाई जाती है, और वे जलोढ़ घास के मैदानों, दलदलों और नदी के जंगलों पर कब्जा करते हैं।
डीएनए अनुक्रमण क्या है?
Deoxyribonucleic acid, या DNA, विरासत में मिली जैविक जानकारी वहन करता है, और अधिकांश व्यक्तियों में आनुवंशिक मार्करों (genetic markers) का एक विशिष्ट संयोजन होता है।
वैज्ञानिक गोबर, ऊतक (tissue), रक्त, बाल या सींग से डीएनए प्राप्त कर सकते हैं, और फिर एक प्रयोगशाला आनुवंशिक प्रोफ़ाइल बनाती है।
प्रस्तावित Rhino DNA Indexing System सत्यापित प्रोफाइल को एक डेटाबेस में संग्रहीत करेगा। यह आंशिक रूप से बाघ डीएनए प्रोफाइलिंग (tiger DNA profiling) पर आधारित है।
सरल अर्थ: एक डीएनए प्रोफ़ाइल एक जैविक पहचान रिकॉर्ड है। यह कोई भौतिक टैग, इलेक्ट्रॉनिक चिप या क्लोनिंग प्रक्रिया नहीं है।
डेटाबेस संरक्षण में कैसे मदद कर सकता है?
- यह हर जानवर को शारीरिक रूप से पकड़े बिना व्यक्तियों को अलग कर सकता है।
- यह लिंग, संबंध और आनुवंशिक विविधता का अनुमान लगा सकता है।
- यह संरक्षित क्षेत्रों के बीच आवाजाही का खुलासा कर सकता है।
- यह अलग-थलग आबादी के बीच स्थानांतरण का मार्गदर्शन कर सकता है।
- यह इनब्रीडिंग (inbreeding) जोखिमों का पता लगा सकता है और प्रजनन योजनाओं का समर्थन कर सकता है।
- यह जब्त किए गए सींग या ऊतक को स्रोत आबादी (source population) से जोड़ सकता है।
एक डेटाबेस तभी उपयोगी होता है जब नमूने सामान्य मानकों का पालन करते हैं, और सटीक लेबल तथा सुरक्षित भंडारण भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।
परियोजना को किसने मंजूरी दी?
यह मंजूरी National Board for Wildlife की स्थायी समिति (Standing Committee) की 91वीं बैठक में मिली। इसकी अध्यक्षता पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव (Bhupender Yadav) ने की।
राष्ट्रीय बोर्ड Wildlife (Protection) Act, 1972 के तहत एक वैधानिक निकाय है। पूर्ण बोर्ड की अध्यक्षता Prime Minister करते हैं।
इसकी स्थायी समिति पूर्ण बैठकों के बीच वन्यजीव प्रस्तावों और संरक्षण मामलों की जांच करती है, और पर्यावरण मंत्री उस समिति की अध्यक्षता करते हैं।
इस गैंडे की पहचान कैसे की जा सकती है?
- यह एशियाई गैंडे की तीन जीवित प्रजातियों में सबसे बड़ा है।
- इसकी ग्रे-भूरी त्वचा कवच प्लेटों (armour plates) जैसी भारी परतें बनाती है।
- वयस्क नर और मादा दोनों में आमतौर पर एक सींग होता है।
- नवजात बछड़ों में विकसित सींग नहीं होता है।
- सींग मुख्य रूप से केराटिन (keratin) का बना होता है, हड्डी का नहीं।
- यह जानवर घास, पत्ते, जलीय पौधे, फल और टहनियाँ खाता है।
इसकी वर्तमान जनसंख्या कितनी है?
2025 के अनुमान में भारत-नेपाल की आबादी 4,075 जानवर थी, और भारत में 3,323, जबकि नेपाल में 752 थे।
Kaziranga National Park में दुनिया की सबसे बड़ी आबादी है। भारत की अन्य आबादी असम, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में पाई जाती है।
महत्वपूर्ण स्थलों में Orang, Manas, Pobitora, Jaldapara, Gorumara और Dudhwa शामिल हैं, और कुछ आबादी एक-दूसरे से अलग-थलग रहती है।
इसकी कानूनी स्थिति क्या है?
- International Union for Conservation of Nature इसे Vulnerable के रूप में सूचीबद्ध करता है।
- यह Convention on International Trade in Endangered Species of Wild Fauna and Flora के परिशिष्ट I (Appendix I) में आता है।
- इसे भारत के Wildlife (Protection) Act, 1972 के तहत अनुसूची I (Schedule I) सुरक्षा प्राप्त है।
परिशिष्ट I आम तौर पर सूचीबद्ध जंगली नमूनों में वाणिज्यिक अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को प्रतिबंधित करता है, और सीमित गैर-वाणिज्यिक आवाजाही के लिए सख्त परमिट की आवश्यकता होती है।
क्या खतरे बने हुए हैं?
- शिकारी गैंडों को उनके सींगों के लिए मारते हैं।
- खेत, सड़कें और बस्तियां बाढ़ के मैदान के आवास को खंडित करती हैं।
- विदेशी आक्रामक पौधे (Invasive plants) भोजन के लिए आवश्यक घासों की जगह ले लेते हैं।
- गंभीर बाढ़ बछड़ों को मार सकती है और जानवरों को विस्थापित कर सकती है।
- घनी आबादी के भीतर बीमारी तेजी से फैल सकती है।
- छोटे अलग-थलग समूह आनुवंशिक विविधता खो सकते हैं।
गैंडे के सींग का कोई सिद्ध चिकित्सीय लाभ नहीं है, और इसका केराटिन वही संरचनात्मक प्रोटीन है जो मानव नाखूनों में पाया जाता है।
निष्कर्ष
भारत में गैंडों की पुनर्प्राप्ति एक प्रमुख संरक्षण सफलता है, लेकिन एकाग्रता नए जोखिम पैदा करती है। डीएनए अनुक्रमण (DNA indexing) आवास लिंक और मजबूत क्षेत्रीय प्रवर्तन के साथ मिलकर सुरक्षा में सुधार कर सकता है।