समाचार में क्यों? भारत और ग्रीस (Greece) गहरे आर्थिक संबंधों, विशेष रूप से वित्तीय सेवाओं, फिनटेक और डिजिटल भुगतान में संभावना तलाश रहे हैं। ग्रीस के भूगोल और इतिहास को समझना इस सहयोग को प्रासंगिक बनाने में मदद करता है।
पृष्ठभूमि
Hellenic Republic of Greece दक्षिण-पूर्वी यूरोप में बाल्कन प्रायद्वीप (Balkan Peninsula) के दक्षिणी सिरे पर स्थित है। इसने 1830 में ओटोमन साम्राज्य से स्वतंत्रता प्राप्त की और एक राज्य बन गया। युद्धों, कब्जे, नागरिक संघर्ष और सैन्य शासन द्वारा चिह्नित एक अशांत 20वीं सदी के बाद, ग्रीस ने 1974 में राजशाही को समाप्त कर दिया और एक संसदीय गणराज्य बन गया। यह 1981 में यूरोपीय समुदाय (अब European Union) में और 2001 में यूरो मुद्रा संघ में शामिल हुआ। देश ने 2009 से 2018 तक गंभीर ऋण संकट को झेला, लेकिन तब से अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर कर लिया है।
भौगोलिक विशेषताएं
- स्थान और सीमाएँ: ग्रीस पश्चिम में आयोनियन सागर (Ionian Sea), पूर्व में एजियन सागर (Aegean Sea) और दक्षिण में भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) से घिरा है। यह अल्बानिया, उत्तरी मैसेडोनिया, बुल्गारिया और तुर्की के साथ भूमि सीमाएँ साझा करता है।
- इलाका: ग्रीस का लगभग चार-पांचवां हिस्सा पहाड़ी है। पिंडस (Pindus) श्रृंखला उत्तर से दक्षिण तक फैली हुई है, जो गहरी खाइयाँ बनाती है, जैसे कि विकोस गॉर्ज (Vikos Gorge), जो लगभग 1,100 मीटर गहरी है। सबसे ऊंचा बिंदु 2,917 मीटर पर माउंट ओलंपस (Mount Olympus) है।
- तटरेखा और द्वीप: ग्रीस में 13,676 किमी की यूरोप की सबसे लंबी तटरेखाओं में से एक है। इसमें हजारों द्वीप शामिल हैं, जिनमें से लगभग 200 आबाद हैं। द्वीप आयोनियन और एजियन समुद्रों को कई खाड़ियों और जलडमरूमध्य में विभाजित करते हैं।
- जलवायु: ग्रीस के अधिकांश हिस्से में भूमध्यसागरीय जलवायु का अनुभव होता है जहाँ गर्म, शुष्क गर्मियाँ और हल्की, गीली सर्दियाँ होती हैं।
- प्राकृतिक संसाधन: ग्रीस के संसाधनों में लिग्नाइट (ब्राउन कोयला), पेट्रोलियम, लौह अयस्क, बॉक्साइट, निकल, संगमरमर और पनबिजली की क्षमता शामिल है।
अर्थव्यवस्था और साझेदारी
ग्रीस की अर्थव्यवस्था शिपिंग, पर्यटन, कृषि और सेवाओं पर बहुत अधिक निर्भर करती है। हाल के वर्षों में देश ने प्रौद्योगिकी और वित्तीय सेवाओं को बढ़ावा देकर विविधता लाने की मांग की है। भारत के लिए, ग्रीस जहाज निर्माण, बंदरगाहों, डिजिटल भुगतान और नवीकरणीय ऊर्जा में अवसर प्रदान करता है। बढ़े हुए सहयोग में UPI-आधारित प्रेषण, संयुक्त फिनटेक उपक्रम और समुद्री रसद में साझेदारी शामिल हो सकती है।
निष्कर्ष
यूरोप, मध्य पूर्व और अफ्रीका के बीच ग्रीस का रणनीतिक स्थान, इसकी सुधरती अर्थव्यवस्था के साथ मिलकर, इसे भारत के लिए एक आकर्षक भागीदार बनाता है। वित्त और प्रौद्योगिकी में गहरा जुड़ाव दोनों देशों को लाभान्वित कर सकता है और शिपिंग व पर्यटन जैसे पारंपरिक क्षेत्रों से परे संबंधों को मजबूत कर सकता है।
स्रोत: NOA