चर्चा में क्यों?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और इंडोनेशियाई विदेश मंत्री रेटनो मार्सुडी ने 7 जून 2026 को नई दिल्ली में भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग (India-Indonesia Joint Commission) की 8वीं बैठक की सह-अध्यक्षता की। मंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण आयाम (entire gamut) की समीक्षा की और व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) को गहरा करने पर सहमति व्यक्त की। यह बैठक 2025 में गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की भारत यात्रा से उत्पन्न गति पर आधारित थी。
पृष्ठभूमि
हिंद महासागर के दोनों ओर स्थित दो बड़े लोकतंत्र, भारत और इंडोनेशिया, प्राचीन समुद्री व्यापार और हिंदू धर्म व बौद्ध धर्म जैसे साझा सांस्कृतिक प्रभावों के ऐतिहासिक संबंध साझा करते हैं। 2018 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) में उन्नत किया। नियमित संयुक्त आयोग की बैठकें (JCMs) राजनीतिक, रक्षा, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करने के लिए एक मंच प्रदान करती हैं। 8वीं JCM इंडोनेशिया में नेतृत्व परिवर्तन के बाद पहली मंत्री-स्तरीय बातचीत थी。
प्रमुख परिणाम
- राजनीतिक और सुरक्षा संवाद: दोनों पक्षों ने रक्षा मंत्रियों की जल्द बैठक आयोजित करने और समुद्री सुरक्षा (maritime security), रक्षा उद्योगों (defence industries) और संयुक्त अभ्यासों (joint exercises) में सहयोग का विस्तार करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने आतंकवाद-निरोध (counter-terrorism) और साइबर-सुरक्षा (cyber-security) सहयोग पर भी चर्चा की।
- व्यापार और निवेश: मंत्रियों ने द्विपक्षीय व्यापार में सकारात्मक रुझानों पर ध्यान दिया, जो 38 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है, और द्विपक्षीय निवेश संधि (bilateral investment treaty) को अंतिम रूप देने की पहलों का स्वागत किया। उन्होंने व्यवसायों को फिनटेक (fintech), फार्मास्यूटिकल्स, डिजिटल भुगतान और महत्वपूर्ण खनिजों (critical minerals) में अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।
- कनेक्टिविटी और शिपिंग: पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क (people-to-people contacts) को बढ़ावा देने के लिए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा इंडोनेशिया के सुमात्रा के बंदरगाहों के बीच सीधी शिपिंग लिंक और यात्री नौका सेवाओं (passenger ferry services) को बेहतर बनाने पर चर्चा केंद्रित रही।
- शैक्षिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान: भारत ने इंडोनेशियाई छात्रों के लिए अधिक छात्रवृत्तियां (scholarships) देने की पेशकश की, और दोनों पक्ष रामायण एवं महाभारत परंपराओं का जश्न मनाने वाले सांस्कृतिक उत्सवों (cultural festivals) का संयुक्त रूप से आयोजन करने पर सहमत हुए। योग, आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा (traditional medicine) में सहयोग पर भी ज़ोर दिया गया।
- क्षेत्रीय और बहुपक्षीय सहयोग: दोनों मंत्रियों ने इंडो-पैसिफिक (Indo-Pacific), इंडो-पैसिफिक पर आसियान दृष्टिकोण (ASEAN Outlook on the Indo-Pacific), और एक स्वतंत्र एवं खुले समुद्री आदेश (free and open maritime order) की आवश्यकता पर विचार साझा किए। उन्होंने आगामी G20, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (East Asia Summit) और संयुक्त राष्ट्र की बैठकों के लिए अपने रुख में समन्वय स्थापित किया।
इंडोनेशिया एक नज़र में
इंडोनेशिया 17,000 से अधिक द्वीपों के साथ दुनिया का सबसे बड़ा द्वीपसमूह देश (archipelagic country) है। इसकी सबसे ऊँची चोटी न्यू गिनी द्वीप पर पुंकाक जाया (कार्स्टेंस पिरामिड) है, जो 4,884 मीटर ऊँची है। सबसे लंबी नदी कपुआस (Kapuas) है, जो पश्चिम कालीमंतन के वर्षावनों से दक्षिण चीन सागर (South China Sea) तक लगभग 1,143 किमी बहती है। प्रमुख द्वीपों में जावा, सुमात्रा, कालीमंतन, सुलावेसी और पापुआ शामिल हैं। यह देश पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, कोयला, टिन, तांबा, निकल, सोना और लकड़ी (timber) जैसे प्राकृतिक संसाधनों (natural resources) से समृद्ध है। इंडोनेशिया और भारत अंडमान सागर और मलक्का जलडमरूमध्य (Malacca Strait) साझा करते हैं, जो समुद्री सहयोग को महत्वपूर्ण बनाता है。
निष्कर्ष
8वीं संयुक्त आयोग की बैठक ने रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भारत और इंडोनेशिया के बीच सहयोग का विस्तार करने की पारस्परिक इच्छा (mutual desire) की पुष्टि की। सहमत पहलों का कार्यान्वयन, विशेष रूप से कनेक्टिविटी, व्यापार और सुरक्षा के क्षेत्र में, आने वाले दशक में भारत-इंडोनेशिया संबंधों की दिशा तय करेगा。