अंतर्राष्ट्रीय संबंध

India-Qatar Relations: EAM की यात्रा, प्रवासी और ऊर्जा संबंध

India-Qatar Relations: EAM की यात्रा, प्रवासी और ऊर्जा संबंध

समाचार में क्यों?

भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने Early July 2026 में दोहा का दौरा किया। उन्होंने कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Mohammed bin Abdulrahman Al‑Thani से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने ऊर्जा सहयोग, व्यापार, निवेश और कतर में रहने वाले बड़े भारतीय समुदाय के कल्याण की समीक्षा की। उन्होंने पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय मुद्दों और कनेक्टिविटी पर भी चर्चा की।

देश की प्रोफाइल

कतर एक छोटा प्रायद्वीप है जो अरब प्रायद्वीप से फारस की खाड़ी में निकला हुआ है। यह लगभग 11,610 वर्ग किलोमीटर में फैला है और सऊदी अरब के साथ 87 किलोमीटर लंबी भूमि सीमा साझा करता है। यहाँ का इलाका ज़्यादातर सपाट रेगिस्तान है, जिसका सबसे ऊँचा बिंदु समुद्र तल से लगभग 103 मीटर ऊपर है। कतर में झुलसाने वाली गर्मियों और हल्की सर्दियों के साथ गर्म रेगिस्तानी जलवायु है। प्रमुख शहरों में राजधानी दोहा, अल रेयान, अल वकराह और अल खोर शामिल हैं।

राजनीतिक और आर्थिक संदर्भ

  • सरकार: कतर अल-थानी परिवार द्वारा शासित एक संवैधानिक राजतंत्र है। अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी 2013 से सत्ता में हैं।
  • आबादी: इस देश में लगभग तीस लाख निवासी हैं, लेकिन केवल तीन लाख ही कतरी नागरिक हैं। बाकी प्रवासी कर्मचारी हैं, जिनमें एक बड़ा भारतीय समुदाय भी शामिल है।
  • अर्थव्यवस्था: कतर के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा प्रमाणित प्राकृतिक गैस का भंडार है। इसकी संपत्ति ने प्रति व्यक्ति उच्च आय और बुनियादी ढांचे, शिक्षा और खेलों में निवेश को सक्षम बनाया है। कतर ने 2022 FIFA World Cup की मेज़बानी की थी।
  • विदेश नीति: यह देश अक्सर क्षेत्रीय संघर्षों में मध्यस्थ के रूप में कार्य करता है और संयुक्त राज्य अमेरिका, ईरान और तुर्की सहित विविध भागीदारों के साथ संबंध बनाए रखता है।

भारत-कतर संबंध

  • ऊर्जा सहयोग: कतर भारत को तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की आपूर्ति करने वाले मुख्य देशों में से एक है। दीर्घकालिक अनुबंध स्थिर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं।
  • भारतीय डायस्पोरा: लगभग सात लाख भारतीय कतर में रहते हैं और काम करते हैं, जो इसकी अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं। जयशंकर की यात्रा के दौरान इन श्रमिकों का कल्याण एक प्रमुख विषय था।
  • व्यापार और निवेश: द्विपक्षीय व्यापार लगभग 14 बिलियन डॉलर है (जो वित्तीय वर्ष 2022-23 में लगभग 18.77 बिलियन डॉलर के शिखर पर था) और इसमें ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स, बुनियादी ढांचा और सेवाएं शामिल हैं। भारतीय फर्मों ने कतर की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश किया है, जबकि कतरी निवेशक भारतीय रियल एस्टेट और प्रौद्योगिकी उपक्रमों में भाग लेते हैं।
  • कनेक्टिविटी और सुरक्षा: दोनों देश हिंद महासागर और पश्चिम एशिया में सुरक्षा पर सहयोग करते हैं। कतर का रणनीतिक स्थान समुद्री और हवाई कनेक्टिविटी के अवसर प्रदान करता है।

निष्कर्ष

कतर की आर्थिक शक्ति और रणनीतिक स्थिति इसे भारत के लिए एक महत्वपूर्ण भागीदार बनाती है। जयशंकर की यात्रा ऊर्जा संबंधों को मजबूत करने और बड़े भारतीय कार्यबल की सुरक्षा की आवश्यकता को रेखांकित करती है। चल रही बातचीत यह सुनिश्चित करेगी कि दोनों देशों को व्यापार, सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता में सहयोग से लाभ हो।

स्रोत

The Hindu

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