रक्षा

INS Sunayna Maldives: SAGAR पहल, समुद्री सुरक्षा और नेबरहुड फर्स्ट

INS Sunayna Maldives: SAGAR पहल, समुद्री सुरक्षा और नेबरहुड फर्स्ट

चर्चा में क्यों?

इंडियन ओशन शिप (Indian Ocean Ship - IOS) क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास (Security and Growth for All in the Region - SAGAR) पहल के हिस्से के रूप में, भारतीय नौसेना (Indian Navy) का अपतटीय गश्ती पोत (offshore patrol vessel) INS सुनयना (INS Sunayna) 7 अप्रैल 2026 को माले (Male) पहुंचा। यह यात्रा इसकी तैनाती (deployment) के पहले पोर्ट कॉल को चिह्नित करती है और भारत और मालदीव के बीच समुद्री सहयोग (maritime cooperation) को मजबूत करती है।

पृष्ठभूमि

INS सुनयना स्वदेश निर्मित सरयू-श्रेणी (Saryu-class) के अपतटीय गश्ती जहाजों (offshore patrol vessels) का दूसरा जहाज है। गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (Goa Shipyard Limited) द्वारा डिज़ाइन और निर्मित, इसे 15 अक्टूबर 2013 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था। जहाज दक्षिणी नौसेना कमान (Southern Naval Command) के तहत काम करता है और इसे बेड़े के समर्थन (fleet support), तटीय और अपतटीय गश्त (coastal and offshore patrolling), महासागर निगरानी (ocean surveillance), संचार के समुद्री मार्गों (sea lines of communication) की निगरानी और एस्कॉर्ट कर्तव्यों (escort duties) के लिए डिज़ाइन किया गया है।

INS सुनयना की विशेषताएं

  • प्रणोदन (Propulsion): दो डीजल इंजन (diesel engines) जहाज को शक्ति प्रदान करते हैं, जिससे 25 समुद्री मील (knots) से अधिक की गति प्राप्त होती है। एक स्वचालित बिजली प्रबंधन प्रणाली (automatic power management system) कुशल संचालन सुनिश्चित करती है।
  • शस्त्रीकरण (Armament): जहाज एक इलेक्ट्रो-ऑप्टिक फायर कंट्रोल सिस्टम (electro-optic fire control system), क्लोज-इन हथियार सिस्टम (close-in weapon systems) और चफ लॉन्चर (chaff launchers) द्वारा नियंत्रित 76 मिमी गन से लैस है। इसमें हेलीकॉप्टर (helicopter) के संचालन के लिए एक फ्लाइट डेक (flight deck) भी है।
  • उन्नत प्रणालियाँ (Advanced systems): आधुनिक नेविगेशन (navigation), संचार और इलेक्ट्रॉनिक समर्थन प्रणालियाँ जहाज को विस्तारित मिशन (extended missions) संचालित करने और अन्य नौसैनिक संपत्तियों के साथ समन्वय (coordinate) करने की अनुमति देती हैं।

मालदीव मिशन (The Maldives mission)

  • बहुराष्ट्रीय दल (Multinational crew): INS सुनयना ने 16 मित्रवत विदेशी देशों (friendly foreign countries) के कर्मियों के साथ नौकायन किया, जो साझेदार नौसेनाओं के बीच प्रशिक्षण (training) और क्षमता निर्माण (capacity-building) के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
  • माले में गतिविधियाँ (Activities in Male): आगमन पर, मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स (Maldives National Defence Force - MNDF) द्वारा जहाज का स्वागत किया गया। भारतीय और मालदीव के कर्मी पोर्ट कॉल के दौरान संयुक्त अभ्यास (joint drills), पेशेवर आदान-प्रदान और सामाजिक जुड़ाव की योजना बनाते हैं। अंतरसंचालनीयता (interoperability) बढ़ाने के लिए प्रस्थान पर INS सुनयना और MNDF तटरक्षक बल (Coast Guard) के बीच एक पैसेज अभ्यास (Passage Exercise - PASSEX) आयोजित किया जाएगा।
  • नीतिगत संदर्भ (Policy context): तैनाती भारत की "पड़ोसी पहले (Neighbourhood First)" नीति और क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देने के SAGAR दृष्टिकोण का समर्थन करती है। यह हिंद महासागर (Indian Ocean) में समुद्री सुरक्षा (maritime security) और सहकारी जुड़ाव (cooperative engagement) सुनिश्चित करने में भारत की भूमिका को रेखांकित करता है।

निष्कर्ष

INS सुनयना की मालदीव यात्रा क्षेत्रीय समुद्री साझेदारी (regional maritime partnerships) और क्षमता निर्माण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता (commitment) को दर्शाती है। इस तरह के जुड़ाव पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को मजबूत करते हैं और एक सुरक्षित और समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region) में योगदान करते हैं।

स्रोत: डीडी न्यूज़ (DD News)

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