Social (सामाजिक मुद्दे)

Juang Tribe PVTG: ओडिशा, OPELIP और ऑस्ट्रो-एशियाटिक मुंडा

Juang Tribe PVTG: ओडिशा, OPELIP और ऑस्ट्रो-एशियाटिक मुंडा

समाचारों में क्यों?

अप्रैल 2026 में जुआंग जनजाति (Juang tribe) का कल्याण तब चर्चा में आया जब ओडिशा सरकार ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (Particularly Vulnerable Tribal Groups - PVTGs) के लिए बुनियादी ढांचे और आजीविका (livelihoods) में सुधार के उद्देश्य से 'पीवीटीजी सशक्तिकरण और आजीविका सुधार कार्यक्रम (PVTG Empowerment and Livelihoods Improvement Programme)' के तहत नई परियोजनाएं शुरू कीं।

पृष्ठभूमि

जुआंग ओडिशा में 13 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) में से एक हैं。 वे ऑस्ट्रो-एशियाई मुंडा (Austro-Asiatic Munda) नृजातीय-भाषाई (ethnolinguistic) परिवार से संबंधित हैं और मुख्य रूप से क्योंझर (Keonjhar) और ढेंकनाल (Dhenkanal) जिलों की सुदूर जंगली पहाड़ियों (forested hills) में निवास करते हैं。 "जुआंग" शब्द का अनुवाद "मनुष्य" है; समुदाय खुद को मानव जाति का पूर्वज (progenitors) मानता है।

सांस्कृतिक प्रथाएं (Cultural practices)

  • जुआंग बस्तियां (settlements) आमतौर पर छोटी और बिखरी हुई होती हैं。 गांव मझांग (majhang) या मंडघर (mandaghar) नामक एक युवा छात्रावास (youth dormitory) बनाए रखते हैं, जहां अविवाहित लड़के और लड़कियां सामाजिक शिक्षा प्राप्त करते हैं और संगीत व नृत्य में भाग लेते हैं।
  • सामाजिक संगठन चार बहिर्विवाही (exogamous) क्षेत्रीय समूहों (पीर/pirh)—सतखंड, झारखंड, कठुआ और रेबेना—में विभाजित है。 प्रत्येक पीर का एक मुखिया (सरदार/sardar) होता है जो विवादों में मध्यस्थता (mediates disputes) करता है और अनुष्ठान (rituals) आयोजित करता है।
  • वे स्थानांतरित खेती (shifting cultivation) और शिकार (hunting) करते हैं; पहाड़ी जुआंग (Hill Juang - थनिया) वन उपज (forest produce) पर अधिक निर्भर करते हैं, जबकि मैदानी जुआंग (Plain Juang - भागुड़िया) कृषि और मजदूरी (wage labour) में संलग्न हैं।
  • जुआंग का आध्यात्मिक जीवन सूर्य (sun) और पृथ्वी देवताओं (earth deities) तथा पूर्वजों (ancestral) व वन आत्माओं (forest spirits) की पूजा के इर्द-गिर्द घूमता है。 इनके त्योहारों में पूस पुनेई (Pus Punei - फसल उत्सव), अंबा नुआ (Amba Nua - आम उत्सव), चैत्र परब (Chaitra Parab) और धान नुआ (Dhan Nua - नया चावल उत्सव) शामिल हैं।

चुनौतियां और पहल (Challenges and initiatives)

  • समुदाय को अलगाव (isolation), शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा तक सीमित पहुंच, और भूमि अलगाव (land alienation) के खतरों का सामना करना पड़ता है।
  • ओडिशा पीवीटीजी सशक्तिकरण और आजीविका सुधार कार्यक्रम (OPELIP) के तहत सरकारी योजनाओं का उद्देश्य सड़कें, आवास, स्वास्थ्य केंद्र, सौर प्रकाश (solar lighting) और कौशल प्रशिक्षण (skill training) प्रदान करना है।
  • गैर-सरकारी संगठन (NGOs) जुआंग भाषा और मौखिक परंपराओं (oral traditions) का दस्तावेजीकरण करने और वन अधिकार अधिनियम (Forest Rights Act) के तहत भूमि व वन अधिकारों का समर्थन करने के लिए काम करते हैं।

स्रोत: SCSTRTI · ओडिशा जनजातीय संग्रहालय (Odisha Tribal Museum)

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