चर्चा में क्यों?
जून 2026 की रिपोर्टों से पता चला है कि तमिलनाडु (Tamil Nadu) में कदमपराई पंप्ड स्टोरेज हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट (Kadamparai pumped storage hydroelectric plant) अपनी स्थापित क्षमता (installed capacity) के केवल एक चौथाई पर काम कर रहा है क्योंकि इसकी चार इकाइयों (units) में से तीन अपने डिजाइन जीवन (design life) से आगे खराब हो गई हैं। इंजीनियरों (Engineers) ने चेतावनी दी है कि समय पर नवीनीकरण (refurbishment) के बिना राज्य के नवीकरणीय-समृद्ध पावर ग्रिड (renewable‑rich power grid) को संतुलित करने की संयंत्र की क्षमता से समझौता किया जाएगा。
पृष्ठभूमि
पश्चिमी घाट (Western Ghats) में कोयंबटूर (Coimbatore) जिले में स्थित कदमपराई संयंत्र (Kadamparai plant) 1984 और 1987 के बीच चरणों में चालू किया गया था। यह भारत की सबसे पुरानी पंप स्टोरेज सुविधाओं (pumped storage facilities) में से एक था और इसकी स्थापित क्षमता 400 मेगावाट है, जिसे 100 मेगावाट प्रत्येक की चार प्रतिवर्ती इकाइयों (reversible units) में विभाजित किया गया है। ऑफ-पीक घंटों (off‑peak hours) के दौरान अधिशेष बिजली (surplus electricity) का उपयोग निचले अलियार जलाशय (Aliyar reservoir) से पानी को ऊपरी कदमपराई बांध (Kadamparai dam) तक पंप करने के लिए किया जाता है। जब मांग (demand) चरम पर होती है, तो बिजली (electricity) उत्पन्न करने के लिए संग्रहीत पानी को टर्बाइनों (turbines) के माध्यम से वापस छोड़ दिया जाता है। ऊपरी जलाशय लगभग 1,080 मिलियन क्यूबिक फीट (million cubic feet - mcft) पानी और निचला जलाशय लगभग 937 mcft संग्रहीत कर सकता है। प्रत्येक इकाई 100 मेगावाट बिजली उत्पन्न करने के लिए लगभग 4 mcft पानी की खपत करती है。
वर्तमान चुनौतियाँ
- पुराने उपकरण (Ageing equipment): संचालन के लगभग चार दशकों (four decades) के बाद, टरबाइन ब्लेड (turbine blades), नियंत्रण प्रणाली (control systems) और विद्युत घटक (electrical components) खराब हो गए हैं। वर्तमान में केवल एक इकाई (unit) कार्यशील है; अन्य को बार-बार टूटने (frequent breakdowns) का सामना करना पड़ता है।
- स्पेयर पार्ट्स (Spare parts): संयंत्र (plant) एक अंग्रेजी कंपनी और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (Bharat Heavy Electricals Limited) की तकनीक के साथ बनाया गया था। कई मूल स्पेयर पार्ट्स अब निर्मित (manufactured) नहीं होते हैं, जिससे मरम्मत (repairs) मुश्किल हो जाती है।
- ग्रिड स्थिरता (Grid stability): तमिलनाडु (Tamil Nadu) में पवन (wind) और सौर ऊर्जा (solar power) का उच्च हिस्सा है, जो दिन भर में उतार-चढ़ाव (fluctuate) करता है। पंप्ड स्टोरेज प्लांट (Pumped storage plants) अतिरिक्त ऊर्जा (excess energy) को अवशोषित करके और जरूरत पड़ने पर इसे जारी करके तेजी से संतुलन (rapid balancing) प्रदान करते हैं। इसलिए कदमपराई की कम उपलब्धता ग्रिड को तनाव (strains) देती है।
- आधुनिकीकरण की योजनाएं (Modernisation plans): अधिकारियों ने नवीनीकरण (refurbishment) और संभवत: कुछ रखरखाव (maintenance) को निजी ठेकेदारों (private contractors) को आउटसोर्स करने का प्रस्ताव दिया है। बढ़ती मांग (growing demand) को पूरा करने के लिए नई पंप स्टोरेज परियोजनाओं (pumped storage projects) की भी योजना है।
निष्कर्ष
कदमपराई की दुर्दशा (plight) ऊर्जा बुनियादी ढांचे (energy infrastructure) के लिए समय पर रखरखाव (timely maintenance) के महत्व पर प्रकाश डालती है। जैसे-जैसे भारत अधिक नवीकरणीय ऊर्जा (renewable energy) को एकीकृत करता है, ग्रिड स्थिरता (grid stability) के लिए पंप्ड स्टोरेज प्लांट (pumped storage plants) अपरिहार्य होंगे। उन्नयन (upgrades), स्पेयर पार्ट्स के स्थानीय निर्माण (local manufacturing) और नई भंडारण परियोजनाओं में निवेश यह सुनिश्चित कर सकता है कि अधिशेष नवीकरणीय ऊर्जा बर्बाद न हो。