Environment

Kinnerasani Wildlife Sanctuary: तेलंगाना ईको-टूरिज्म और सफारी

Kinnerasani Wildlife Sanctuary: तेलंगाना ईको-टूरिज्म और सफारी

चर्चा में क्यों?

तेलंगाना के वन विभाग ने किन्नरसानी वन्यजीव अभयारण्य (Kinnerasani Wildlife Sanctuary) में सफारी पर्यटन (safari tours) शुरू करने की योजना की घोषणा की है। इस कदम का उद्देश्य इको-टूरिज्म (eco‑tourism) को बढ़ावा देना और आगंतुकों को किन्नरसानी नदी और इसके जलाशय के आसपास के विविध वन्यजीवों को देखने की अनुमति देना है।

पृष्ठभूमि

किन्नरसानी वन्यजीव अभयारण्य तेलंगाना के भद्राद्री कोठागुडेम (Bhadradri Kothagudem) जिले में, पालोंचा (Paloncha) और कोठागुडेम कस्बों के पास स्थित है। लगभग 635 वर्ग किलोमीटर में फैले इस अभयारण्य को गोदावरी (Godavari) की एक सहायक नदी पर बने किन्नरसानी बांध (Kinnerasani Dam) के चारों ओर बनाया गया था। इसके परिदृश्य में सागौन (teak), बांस (bamboo) और मिश्रित वनस्पति के साथ शुष्क पर्णपाती वन (dry deciduous forests) शामिल हैं।

वनस्पतियां और जीव (Flora and fauna)

  • विविध स्तनधारी (Diverse mammals): यह क्षेत्र बंगाल टाइगर, तेंदुए (leopards), स्लोथ भालू (sloth bears), भारतीय गौर (Indian gaurs), चौसिंघा (chousinghas) और हिरणों को आश्रय देता है। पक्षियों में मोर (peafowl), ग्रे हॉर्नबिल (grey hornbills) और विभिन्न रैप्टर (raptors) शामिल हैं।
  • नदी का आवास (Riverine habitat): किन्नरसानी नदी अभयारण्य से होकर बहती है और एक बड़ा जलाशय बनाती है। यह जल निकाय मगरमच्छों (crocodiles) का समर्थन करता है और सर्दियों के दौरान प्रवासी पक्षियों (migratory birds) को आकर्षित करता है।
  • सफारी (Safaris): स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, नया सफारी सर्किट आठ किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करेगा और पर्यटकों को जंगल के रास्तों पर ले जाने के लिए वाहनों का उपयोग करेगा। गाइड वनस्पतियों और जीवों की व्याख्या करेंगे, जागरूकता और संरक्षण को प्रोत्साहित करेंगे।

संरक्षण महत्व

यह अभयारण्य पूर्वी घाट इको-क्षेत्र (Eastern Ghats eco‑region) का हिस्सा है, जो कई वन ब्लॉकों को जोड़ता है। यह बड़े स्तनधारियों के लिए एक आश्रय स्थल के रूप में कार्य करता है और यह सुनिश्चित करता है कि वन्यजीव संरक्षित क्षेत्रों के बीच जा सकें। नियंत्रित पर्यटन को बढ़ावा देकर, अधिकारी प्रकृति के प्रति सम्मान को बढ़ावा देते हुए स्थानीय समुदायों के लिए आय उत्पन्न करने की उम्मीद करते हैं।

निष्कर्ष

किन्नरसानी वन्यजीव अभयारण्य नदी पारिस्थितिक तंत्र, शुष्क जंगलों और घुमावदार पहाड़ियों को जोड़ता है। नियोजित सफारी पर्यटन आगंतुकों के लिए इस परिदृश्य को खोलेंगे और दीर्घकालिक सुरक्षा को प्रोत्साहित कर सकते हैं। जिम्मेदार पर्यटन (Responsible tourism) आजीविका प्रदान कर सकता है और लोगों को भारत के कम-ज्ञात जंगल क्षेत्रों के संरक्षण की आवश्यकता की याद दिला सकता है।

स्रोत

TT

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