चर्चा में क्यों? एक नए वैज्ञानिक अध्ययन में पाया गया है कि ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया (Victoria) में कोआला (koala) आबादी ने अपनी खोई हुई आनुवंशिक भिन्नता (genetic variation) का बहुत अधिक हिस्सा తిరిగి प्राप्त कर लिया है, जो संख्या में तेजी से वृद्धि के कारण है। Science पत्रिका में प्रकाशित शोध से पता चलता है कि जनसंख्या वृद्धि लुप्तप्राय प्रजातियों को अंतर्प्रजनन (inbreeding) को दूर करने में मदद कर सकती है।
पृष्ठभूमि
कोआला (फास्कोलाक्टोस सिनेरियस - Phascolarctos cinereus) ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासी पेड़ पर रहने वाले मार्सुपियल्स (marsupials) हैं। वे विशेष रूप से नीलगिरी के पत्तों (eucalyptus leaves) को खाते हैं और दिन में 18 घंटे तक सोते हैं। 1900 के दशक की शुरुआत में उनके फर के लिए भारी शिकार ने कोआला की संख्या को काफी कम कर दिया। छोटे समूहों को शिकारी-मुक्त (predator-free) द्वीपों में ले जाया गया, जहाँ उनकी आबादी धीरे-धीरे ठीक हो गई। हाल के दशकों में, निवास स्थान के नुकसान और बीमारी ने फिर से प्रजातियों को खतरे में डाल दिया है।
अध्ययन के निष्कर्ष
- शोधकर्ताओं ने पूर्वी ऑस्ट्रेलिया में 400 से अधिक कोआला से आनुवंशिक डेटा (genetic data) का विश्लेषण किया और उनके जनसांख्यिकीय इतिहास (demographic history) का पुनर्निर्माण किया। उन्होंने पाया कि विक्टोरियन आबादी एक सदी पहले लगभग 500 व्यक्तियों तक गिर गई थी लेकिन तब से यह लगभग आधा मिलियन तक फैल गई है।
- जैसे-जैसे संख्या बढ़ी, वंशजों (descendants) के बीच संभोग ने जीन और उत्परिवर्तन (mutations) के नए संयोजन (combinations) तैयार किए। इस "रिशफलिंग (reshuffling)" ने आबादी की संकीर्ण उत्पत्ति के बावजूद आनुवंशिक विविधता में वृद्धि की, दांत और अंडकोष की विकृति (tooth and testicle deformities) जैसे हानिकारक लक्षणों को कम किया।
- अध्ययन से पता चलता है कि तेजी से जनसंख्या वृद्धि अंतर्प्रजनन (inbreeding) को जल्दी से कम कर सकती है, जो अन्य लुप्तप्राय प्रजातियों (endangered species) के लिए आशा प्रदान करती है। हालाँकि, वैज्ञानिक चेतावनी देते हैं कि आनुवंशिक पुनर्प्राप्ति ही पर्याप्त नहीं हो सकती है; आवास संरक्षण (habitat protection) और रोग प्रबंधन महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
कोआला के बारे में
- कोआला मार्सुपियल्स (marsupials) हैं, जिसका अर्थ है कि मादाएं अपने बच्चों (जोई - joeys) को लगभग छह महीने तक पाउच (pouches) में रखती हैं।
- उनके पास मोटे भूरे रंग के फर, बड़े शराबी कान (fluffy ears) और पेड़ की शाखाओं को पकड़ने के लिए मजबूत पंजे होते हैं। वयस्कों का वजन 4 से 15 किलोग्राम के बीच होता है और लंबाई में 60-85 सेंटीमीटर मापते हैं।
- कोआला को IUCN रेड लिस्ट में "कमजोर (Vulnerable)" के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। प्रमुख खतरों में आवास विनाश (habitat destruction), बुशफायर (bushfires), क्लैमाइडिया बीमारी (chlamydia disease) और जलवायु परिवर्तन शामिल हैं।
यह शोध इस बात का एक आशाजनक उदाहरण प्रदान करता है कि कैसे संरक्षण उपाय प्रजातियों को न केवल संख्या में बल्कि आनुवंशिक स्वास्थ्य (genetic health) में भी वापस लाने में मदद कर सकते हैं।