खबरों में क्यों?
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की बैठक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक (Bishkek) में हुई। इस बैठक ने मध्य एशिया में मेजबान देश के भूगोल और रणनीतिक स्थान की ओर ध्यान आकर्षित किया।
पृष्ठभूमि
किर्गिस्तान (Kyrgyzstan) मध्य एशिया का एक स्थलरुद्ध (landlocked) देश है जिसकी सीमा कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान और चीन से लगती है। लगभग 198,500 वर्ग किलोमीटर में फैला यह देश गुजरात राज्य से थोड़ा छोटा है। यह देश अपने शानदार पहाड़ों, ऊंचे चरागाहों और खानाबदोश परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। तियान शान (Tian Shan) पर्वत प्रणाली परिदृश्य पर हावी है, जिसकी सबसे ऊंची चोटी, जेंगिश चोकुसू (Jengish Chokusu - जिसे विक्ट्री पीक भी कहा जाता है), 7,439 मीटर तक ऊंची है।
भूगोल और जलवायु
- पहाड़ी इलाका: किर्गिस्तान का दो-तिहाई से अधिक हिस्सा पहाड़ी है। उबड़-खाबड़ स्थलाकृति के कारण कृषि योग्य भूमि सीमित है, लेकिन प्रचुर मात्रा में चरागाह और खनिज संसाधन उपलब्ध हैं।
- प्रमुख झीलें और नदियाँ: अल्पाइन झील इसिक-कुल (Issyk-Kul), जो दुनिया की सबसे बड़ी खारी झीलों में से एक है, उत्तर-पूर्व में स्थित है। नारिन (Naryn) और चू (Chu) जैसी नदियाँ गहरी घाटियों से होकर बहती हैं और देश की सीमाओं से परे बड़े बेसिन में मिल जाती हैं।
- महाद्वीपीय जलवायु: गर्मियां गर्म और शुष्क होती हैं, जबकि सर्दियां भारी बर्फबारी के साथ गंभीर हो सकती हैं। घाटियों और ऊंचे पठारों के बीच तापमान में काफी भिन्नता होती है।
अर्थव्यवस्था और संस्कृति
- आजीविका: किर्गिस्तान के कई लोग पशुपालन (animal husbandry) करते हैं, जो मौसमी चरागाहों के बीच भेड़, बकरी और घोड़ों के झुंड को ले जाते हैं। कृषि मुख्य रूप से गेहूं, जौ और फलों पर केंद्रित है।
- प्राकृतिक संसाधन: देश में सोना, कोयला और दुर्लभ पृथ्वी धातुओं (rare earth metals) के भंडार हैं। पहाड़ी नदियों से पनबिजली (Hydropower) ऊर्जा का एक प्रमुख स्रोत है।
- सांस्कृतिक विरासत: पारंपरिक फेल्ट यर्ट्स (yurts), महाकाव्य कविता और कोक बोरू (Kok boru) जैसे घुड़सवारी खेल अभी भी महत्वपूर्ण हैं। देश के सोवियत अतीत के कारण किर्गिज़ भाषा के साथ-साथ रूसी भाषा भी व्यापक रूप से बोली जाती है।
स्रोत: Hindustan Times