समाचार में क्यों?
Ministry of Rural Development ने Deendayal Antyodaya Yojana – National Rural Livelihood Mission के तहत LokOS platform का अनावरण किया। LokOS पूरे भारत में महिला self‑help groups के रिकॉर्ड-कीपिंग और वित्तीय लेन-देन को डिजिटल करेगा। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रणाली सदस्यों को विशिष्ट डिजिटल पहचान और उनकी बचत तथा ऋण तक रीयल-टाइम पहुंच प्रदान करके Lakhpati Didi जैसी पहलों का समर्थन करेगी। विज्ञप्ति में जमीनी स्तर के वित्त में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दिया गया।
पृष्ठभूमि
DAY‑NRLM को 2011 में ग्रामीण महिलाओं को self‑help groups में संगठित करने, ऋण प्रदान करने और आजीविका में सुधार करने के लिए शुरू किया गया था। शुरुआती वर्षों में रिकॉर्ड कागज़ पर रखे जाते थे, जिससे निगरानी मुश्किल होती थी। LokOS को इन समूहों के लिए वेब- और मोबाइल-आधारित कोर बैंकिंग प्रणाली के रूप में परिकल्पित किया गया था। यह प्रत्येक सदस्य को एक विशिष्ट डिजिटल ID प्रदान करता है और लेन-देन को इलेक्ट्रॉनिक रूप से दर्ज करता है। यह platform मिशन के हर स्तर - ग्राम संगठनों से लेकर राष्ट्रीय मुख्यालय तक - को कवर करता है और समय पर भुगतान के लिए Public Financial Management System के साथ एकीकृत होता है।
प्रमुख बिंदु
- यह प्रणाली 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 8 मिलियन से अधिक self‑help groups और उनके महासंघों की बचत, आंतरिक ऋण और बैंक लिंकेज दर्ज करती है।
- भूमिका-आधारित पहुंच सामुदायिक कैडर, ब्लॉक समन्वयकों और राज्य कार्यालयों को रिकॉर्ड अपडेट करने और रीयल-टाइम में प्रगति को ट्रैक करने की अनुमति देती है। सदस्य मोबाइल ऐप के माध्यम से बैलेंस की जांच कर सकते हैं।
- लगभग 9 करोड़ ग्रामीण महिलाओं के लिए विशिष्ट डिजिटल पहचान सटीक सदस्य प्रोफाइलिंग सुनिश्चित करती है और दोहराव को रोकती है।
- एकीकृत एनालिटिक्स योजनाकारों को ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए SHE‑LEAPS जैसी पहलों का समर्थन करने के लिए ऋण उपयोग, ऋण चुकौती और उद्यम प्रदर्शन को मापने में मदद करते हैं।
- LokOS बैंक ऋण और बाजारों तक पहुंच में सुधार करके 6 करोड़ "Lakhpati Didi" परिवार बनाने के सरकार के लक्ष्य के लिए सबूत प्रदान करता है।
निष्कर्ष
LokOS self‑help groups को कागज़-आधारित संस्थाओं से डिजिटल रूप से सशक्त समूहों में बदल देता है। सटीक डेटा कैप्चर करके और पारदर्शिता सुनिश्चित करके, इस platform से लीकेज कम होने और बैंकों व निवेशकों के बीच विश्वास पैदा होने की उम्मीद है। समय के साथ, डिजिटल वित्तीय प्रबंधन से ग्रामीण महिलाओं को अधिक आय अर्जित करने और अपने उद्यमों को बढ़ाने में मदद मिलनी चाहिए।