खबरों में क्यों?
110 से अधिक वर्षों के बाद अरुणाचल प्रदेश के नमदफा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व (Namdapha National Park and Tiger Reserve) में लॉन्ग-टेल्ड डस्कहॉकर (Long-Tailed Duskhawker - Gynacantha khasiaca) के रूप में जानी जाने वाली एक दुर्लभ ड्रैगनफ्लाई (dragonfly) प्रजाति को हाल ही में देखा गया था। यह पुनर्खोज पूर्वी हिमालयी (Eastern Himalayan) वनों के पारिस्थितिक महत्व को रेखांकित करती है और इसने संरक्षणवादियों का ध्यान आकर्षित किया है।
पृष्ठभूमि
इस प्रजाति का वर्णन पहली बार ब्रिटिश कीटविज्ञानी (entomologist) रॉबर्ट मैकलाचलन (Robert McLachlan) ने 1896 में मेघालय की खासी पहाड़ियों (Khasi Hills) के नमूनों के आधार पर किया था। 20वीं सदी की शुरुआत के बाद से अक्टूबर 2024 तक कोई पुष्ट रिकॉर्ड (confirmed records) नहीं था, जब नागरिक वैज्ञानिकों (citizen scientists) ने नमदफा राष्ट्रीय उद्यान में देबान (Deban) के पास मियाओ-विजयनगर सड़क (Miao–Vijoynagar road) के किनारे एक नर (male) की तस्वीर खींची थी। लॉन्ग-टेल्ड डस्कहॉकर (Long-Tailed Duskhawker) भी कहलाने वाली यह ड्रैगनफ्लाई Aeshnidae (ऐश्निडे) परिवार से संबंधित है। इसे क्रिपुस्कुलर (crepuscular) माना जाता है, जो मुख्य रूप से शाम (dusk) के समय उड़ती है, और मच्छरों तथा अन्य कीड़ों के शिकारी (predator) के रूप में कार्य करती है।
पहचान और आकृति विज्ञान (Identification and morphology)
- आकार और आकृति (Size and shape): एक पतले पेट (abdomen) वाली एक बड़ी ड्रैगनफ्लाई (dragonfly) जो लगभग 47-51 मिमी मापती है। पेट एक लंबी "पूंछ" (tail) में पतला हो जाता है, जो प्रजाति को अपना सामान्य नाम देता है।
- रंग (Colouration): वक्ष (thorax) चमकीला हरा होता है जिसके प्रत्येक तरफ दो गहरी धारियाँ होती हैं, जबकि पंख पारदर्शी (transparent - hyaline) होते हैं जिनके आधार (base) पर हल्का एम्बर रंग (amber tint) होता है। पंख के किनारे पर एक गहरा भूरा धब्बा होता है जिसे टेरोस्टिग्मा (pterostigma) कहा जाता है।
- गुदा उपांग (Anal appendages): पहचान के लिए काले गुदा उपांग (black anal appendages) महत्वपूर्ण हैं। निचले उपांग (lower appendages) ऊपरी वाले की तुलना में लगभग दो-तिहाई लंबे होते हैं।
- परिपक्वता अंतर (Maturity differences): परिपक्व नर की आंखें हल्के नीले से जैतून-हरे (olive-green) रंग की होती हैं और चेहरा हल्का हरा होता है जिस पर T-आकार का काला निशान होता है। अपरिपक्व व्यक्ति आमतौर पर भूरे रंग के होते हैं और उनकी आंखें तथा वक्ष (thorax) हल्के होते हैं। प्रजाति उम्र के साथ रंग में बदलाव प्रदर्शित करती है।
आवास और पारिस्थितिकी (Habitat and ecology)
- भौगोलिक सीमा (Geographic range): G. khasiaca भारत, बांग्लादेश, भूटान और श्रीलंका सहित दक्षिण पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में वितरित है। भारत के भीतर यह असम, मेघालय, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में दर्ज की गई है।
- पसंदीदा आवास (Preferred habitat): यह ड्रैगनफ्लाई जंगलों के किनारों, घनी वनस्पतियों और नदियों, दलदलों तथा तालाबों के पास छायादार क्षेत्रों (shady areas) में रहती है। यह क्रिपुस्कुलर (crepuscular) है, जो शाम के समय सबसे अधिक सक्रिय होती है, और मच्छरों की आबादी को नियंत्रित करने में भूमिका निभाती है।
- संकेतक प्रजातियां (Indicator species): ड्रैगनफ्लाइज़ (Dragonflies) को मीठे पानी के पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का अच्छा संकेतक (indicator) माना जाता है क्योंकि उनके लार्वा (larvae) साफ पानी में रहते हैं। G. khasiaca की उपस्थिति नमदफा के वनों और आर्द्रभूमियों (wetlands) की अक्षुण्ण प्रकृति (intact nature) को दर्शाती है।
- संरक्षण स्थिति (Conservation status): प्रकृति के संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ (International Union for Conservation of Nature - IUCN) इस प्रजाति को Data Deficient (डेटा की कमी) के रूप में सूचीबद्ध करता है क्योंकि इसकी जनसंख्या के आकार और वितरण के बारे में बहुत कम जानकारी है। खतरों में आवास विनाश (habitat destruction), प्रदूषण और शहरीकरण शामिल हैं।
नमदफा राष्ट्रीय उद्यान (Namdapha National Park) के बारे में
नमदफा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व (Namdapha National Park and Tiger Reserve) म्यांमार की सीमा के पास अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग (Changlang) जिले में स्थित है। लगभग 1,985 वर्ग किमी को कवर करते हुए, यह भारत का सबसे उत्तरी तराई वर्षावन (northernmost lowland rainforest) है और उष्णकटिबंधीय सदाबहार वनों (tropical evergreen forests) से लेकर अल्पाइन घास के मैदानों (alpine meadows) तक पारिस्थितिक तंत्र की एक विस्तृत श्रृंखला की मेजबानी करता है। नोआ-दिहिंग नदी (Noa-Dihing River) पार्क से होकर बहती है, जिसे 1983 में टाइगर रिजर्व (tiger reserve) घोषित किया गया था। नमदफा दुनिया का एकमात्र संरक्षित क्षेत्र होने के लिए प्रसिद्ध है जहां बड़ी बिल्ली (large cat) की चार प्रजातियां - बाघ, तेंदुआ, स्नो लेपर्ड और क्लाउडेड लेपर्ड - सह-अस्तित्व (coexist) में हैं। यह पार्क हूलॉक गिब्बन (Hoolock gibbons), हाथियों और व्हाइट-विंग्ड वुड डक (White-winged Wood Duck) जैसे दुर्लभ पक्षियों सहित 1,200 से अधिक जानवरों की प्रजातियों का समर्थन करता है।
निष्कर्ष
एक सदी के बाद लॉन्ग-टेल्ड डस्कहॉकर (Long-Tailed Duskhawker) की पुनर्खोज भारत के पूर्वोत्तर वनों की छिपी हुई विविधता को उजागर करती है और आर्द्रभूमियों (wetlands) तथा वर्षावनों (rainforests) की निरंतर निगरानी और संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देती है। नमदफा (Namdapha) जैसे आवासों की रक्षा करना कम ज्ञात प्रजातियों (lesser-known species) के अस्तित्व को सुनिश्चित करता है जो महत्वपूर्ण पारिस्थितिक भूमिका (ecological roles) निभाते हैं।