चर्चा में क्यों?
Zoological Survey of India (ZSI) के वैज्ञानिकों ने तमिलनाडु के तट पर free-living marine nematodes की दो नई प्रजातियों की खोज की घोषणा की। Corononema dhriti और Epacanthion indica नामक प्रजातियों का वर्णन Zootaxa जर्नल में किया गया था। यह खोज भारत की समुद्री जैव विविधता (marine biodiversity) की समृद्धि और सूक्ष्म जीवों (microscopic fauna) के अध्ययन के महत्व पर जोर देती है।
पृष्ठभूमि
Nematodes, जिन्हें आमतौर पर roundworms के रूप में जाना जाता है, जानवरों के साम्राज्य में सबसे बड़े phyla में से एक बनाते हैं। उनके पास लम्बे, बेलनाकार शरीर होते हैं जो अक्सर दोनों सिरों पर पतले होते हैं और bilateral symmetry प्रदर्शित करते हैं। अधिकांश नेमाटोड में pseudocoelom नामक द्रव से भरी शरीर की गुहा और एक सख्त बाहरी क्यूटिकल (tough outer cuticle) होता है। जबकि कई प्रजातियां पौधों और जानवरों पर परजीवी (parasitic) हैं, एक महत्वपूर्ण संख्या मुक्त-जीवित (free-living) हैं और समुद्री, मीठे पानी और मिट्टी के वातावरण में निवास करती हैं।
नई प्रजातियों का विवरण
- Corononema dhriti: यह प्रजाति एक ऐसे जीनस से संबंधित है जिसमें पहले दुनिया भर में केवल तीन ज्ञात प्रजातियां शामिल थीं। इसका नाम ZSI की निदेशक डॉ धृति बनर्जी (Dr Dhriti Banerjee) के सम्मान में रखा गया था। यह कृमि (worm) मोटे रेतीले तलछट (coarse sandy sediments) में रहता है और बैक्टीरिया और डिट्रिटस (detritus) को खाता है।
- Epacanthion indica: इस प्रजाति के पास दांत जैसी संरचनाओं (tooth-like structures) के साथ विशेष mandibles होते हैं, जो इसे छोटे अकशेरूकीय (smaller invertebrates) का सूक्ष्म शिकारी बनाते हैं। इसकी खोज इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में पाए जाने वाले Epacanthion जीनस की विविधता को बढ़ाती है।
- पारिस्थितिक महत्व (Ecological significance): Free-living marine nematodes तलछट में पोषक तत्वों को रीसायकल करने में मदद करते हैं, माइक्रोबियल आबादी को नियंत्रित करते हैं और पर्यावरण परिवर्तन के संकेतक (indicators) के रूप में काम करते हैं। नई प्रजातियों का दस्तावेजीकरण benthic पारिस्थितिक तंत्र के बारे में हमारी समझ में सुधार करता है और संरक्षण योजना (conservation planning) का समर्थन करता है।
खोज का महत्व
Corononema dhriti और Epacanthion indica की पहचान इस बात पर प्रकाश डालती है कि भारतीय जल में सूक्ष्म जीवन (microscopic life) के बारे में कितना कम ज्ञात है। विस्तृत रूपात्मक (morphological) और आनुवंशिक (genetic) अध्ययन वैज्ञानिकों को नेमाटोड के बीच विकासवादी संबंधों (evolutionary relationships) को ट्रैक करने और समुद्री वातावरण पर प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की निगरानी करने में सक्षम बनाते हैं।
स्रोत: The Times of India