Environment

Methane Emissions: सुपर-एमिटर, ग्रीनहाउस गैस और ग्लोबल वार्मिंग

Methane Emissions: सुपर-एमिटर, ग्रीनहाउस गैस और ग्लोबल वार्मिंग

चर्चा में क्यों?

कार्बन मैपर (Carbon Mapper) द्वारा संसाधित (processed) और स्टॉप मीथेन प्रोजेक्ट (Stop Methane Project) द्वारा विश्लेषण किए गए हालिया उपग्रह डेटा (satellite data) से पता चला है कि 2025 में दुनिया के शीर्ष 25 मीथेन उत्सर्जन स्थलों (methane emission sites) में से 15 तुर्कमेनिस्तान (Turkmenistan) के तेल और गैस क्षेत्रों में थे। ये "सुपर-एमिटर (super-emitter)" साइटें 10 टन प्रति घंटे की दर से मीथेन के प्लम (plumes) छोड़ती हैं। ये निष्कर्ष निकट अवधि की ग्लोबल वार्मिंग (global warming) पर अंकुश लगाने के लिए मीथेन उत्सर्जन में कटौती की तात्कालिकता (urgency) को रेखांकित करते हैं।

पृष्ठभूमि

मीथेन (CH4) कार्बन डाइऑक्साइड के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण ग्रीनहाउस गैस है, लेकिन अल्पावधि (short term) में बहुत अधिक ऊष्मा (heat) को फँसाती है। यह रंगहीन, गंधहीन और अत्यधिक ज्वलनशील (flammable) है, और प्राकृतिक गैस का प्राथमिक घटक है। मीथेन आर्द्रभूमि (wetlands) और दीमक (termites) जैसे प्राकृतिक स्रोतों और पशुधन पाचन (livestock digestion), चावल की खेती, लैंडफिल (landfills), कोयला खनन (coal mining), और तेल और गैस निष्कर्षण (oil and gas extraction) सहित मानवीय गतिविधियों दोनों से आती है। इसका वायुमंडलीय सांद्रण (atmospheric concentration) औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) से पहले की तुलना में लगभग 2.5 गुना अधिक है, और मीथेन वैश्विक तापमान में वृद्धि के लगभग 30 प्रतिशत के लिए जिम्मेदार है।

मुख्य तथ्य

  • सुपर-एमिटर (Super-emitters): उपग्रह छवियों (satellite images) के विश्लेषण ने 2025 में दुनिया भर में 2,489 तेल और गैस साइटों पर 4,400 से अधिक मीथेन प्लम की पहचान की। शीर्ष 25 साइटें, मुख्य रूप से तुर्कमेनिस्तान, ईरान, वेनेजुएला, टेक्सास और पाकिस्तान में, प्रति घंटे 3.7 से 10.5 टन मीथेन उत्सर्जित करती हैं। 5 टन प्रति घंटे के प्लम का वार्मिंग प्रभाव (warming impact) दस लाख कारों या 500 मेगावाट कोयला-आधारित बिजली संयंत्र के बराबर होता है।
  • वैश्विक प्रभाव: यद्यपि मीथेन केवल लगभग 12 वर्षों तक वायुमंडल में रहता है, यह 100 साल की अवधि में प्रति-टन के आधार पर कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में 28 गुना अधिक शक्तिशाली और 20 वर्षों में 86 गुना अधिक शक्तिशाली है। मीथेन में कटौती करने से वार्मिंग को धीमा करने का तत्काल अवसर (immediate opportunity) मिलता है।
  • स्रोत और क्षेत्र: सबसे बड़े मानवजनित स्रोत (anthropogenic sources) कृषि (पशुधन और चावल के खेत), ऊर्जा (तेल, गैस और कोयला) और अपशिष्ट (waste) (लैंडफिल और अपशिष्ट जल) हैं। 2024 में अकेले ऊर्जा क्षेत्र ने 80 मिलियन टन से अधिक मीथेन का उत्सर्जन किया।
  • शमन क्षमता (Mitigation potential): अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (International Energy Agency) का अनुमान है कि लीक का पता लगाने और मरम्मत (leak detection and repair), संबंधित गैस को पकड़ने और भड़कने में कमी (flaring reduction) जैसी मौजूदा तकनीकों का उपयोग करके तेल और गैस संचालन से होने वाले 70 प्रतिशत से अधिक मीथेन उत्सर्जन में कटौती की जा सकती है।
  • शहरी "सुपर-एमिटर": तेल और गैस क्षेत्रों के अलावा, जब ऑक्सीजन के बिना जैविक अपशिष्ट (organic waste) विघटित होता है तो लैंडफिल बड़े पैमाने पर प्लम छोड़ सकते हैं। उदाहरण के लिए, दिल्ली के गाजीपुर लैंडफिल (Ghazipur landfill) ने 400 टन प्रति घंटे से अधिक उत्सर्जन फटने (emission bursts) दर्ज किए हैं।

महत्व

  • जलवायु तात्कालिकता (Climate urgency): मीथेन को कम करना निकट अवधि की वार्मिंग को सीमित करने के सबसे तेज़ तरीकों में से एक है। यह समय खरीदता है जबकि दुनिया कम कार्बन ऊर्जा प्रणालियों (low-carbon energy systems) के लिए दीर्घकालिक संक्रमण (longer-term transitions) शुरू करती है।
  • नीति प्रतिक्रिया (Policy response): कई देश 2030 तक उत्सर्जन को कम से कम 30 प्रतिशत कम करने के लिए ग्लोबल मीथेन प्लेज (Global Methane Pledge) में शामिल हो रहे हैं। तेल और गैस रिसाव पर नियम, अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार और कृषि पद्धतियों में बदलाव इस प्रयास के केंद्र में हैं।
  • जन जागरूकता: मीथेन के स्रोतों और प्रभावों को समझने से नागरिकों और नीति निर्माताओं को भोजन की बर्बादी को कम करने, लैंडफिल गैस को पकड़ने और सख्त उत्सर्जन मानकों (stricter emissions standards) की वकालत करने जैसे कार्यों का समर्थन करने में मदद मिलती है।

निष्कर्ष

मीथेन भले ही अदृश्य हो, लेकिन इसकी वार्मिंग शक्ति (warming power) बहुत अधिक है। सुपर-एमिटर्स की पहचान करना और उन पर अंकुश लगाना, अपशिष्ट प्रबंधन (waste management) में सुधार करना और स्वच्छ प्रौद्योगिकियों (cleaner technologies) को अपनाना जलवायु परिवर्तन को धीमा करने और मानव स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए व्यावहारिक, तत्काल कदम (practical, immediate steps) प्रदान करता है।

स्रोत: Down To Earth

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