पर्यावरण

Musi River: हैदराबाद पारिस्थितिकी, कृष्णा की सहायक नदी और रिवरफ्रंट

Musi River: हैदराबाद पारिस्थितिकी, कृष्णा की सहायक नदी और रिवरफ्रंट

चर्चा में क्यों?

मूसी रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (Musi Riverfront Development Corporation) हैदराबाद में मूसी नदी को फिर से जीवंत (rejuvenate) करने के लिए काम कर रहा है। मार्च 2026 में निगम ने नदी के किनारे सफाई, पारिस्थितिक बहाली (ecological restoration) और मनोरंजन स्थलों के विकास की योजनाएं जारी कीं, जो पिछली सदी में अत्यधिक प्रदूषित हो गई हैं।

पृष्ठभूमि

मूसी नदी कृष्णा नदी (Krishna River) की एक सहायक नदी (tributary) है। यह विकाराबाद के पास अनंतगिरि पहाड़ियों (Anantagiri Hills) से निकलती है, लगभग 250 किलोमीटर पूर्व की ओर बहती है और अंततः नलगोंडा जिले के वाडपल्ली (Vadapally) के पास कृष्णा में मिल जाती है। हैदराबाद के भीतर, नदी को दो जलाशयों- उस्मान सागर (Osmansagar) और हिमायत सागर (Himayatsagar)- द्वारा खिलाया जाता है, जिसका निर्माण 1908 की विनाशकारी मूसी बाढ़ के बाद किया गया था, जिसमें हजारों लोग मारे गए थे और शहर का अधिकांश हिस्सा नष्ट हो गया था।

मुख्य बिंदु

  • ऐतिहासिक बाढ़ (Historic flood): 28-29 सितंबर 1908 को बादल फटने (cloudburst) के कारण मूसी उफान पर आ गई, जिससे हैदराबाद जलमग्न हो गया और 15,000 से अधिक लोग मारे गए। पुल और घर बह गए। जवाब में, निजाम (Nizam) की सरकार ने इंजीनियर एम. विश्वेश्वरैया (M. Visvesvaraya) को बाढ़-नियंत्रण जलाशयों को डिजाइन करने के लिए नियुक्त किया, जिससे उस्मान सागर (1920 में पूरा हुआ) और हिमायत सागर (1927) का निर्माण हुआ।
  • शहरी विभाजन (Urban divides): मूसी नदी हैदराबाद के ऐतिहासिक पुराने शहर को नए क्षेत्रों से अलग करती है। जैसे-जैसे शहर का विस्तार हुआ, अनुपचारित सीवेज (untreated sewage) और औद्योगिक अपशिष्ट नदी में बहने लगे, जिससे यह एक खुली नाली में बदल गई।
  • पुनरुद्धार के प्रयास (Rejuvenation efforts): 2017 में स्थापित मूसी रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, अपशिष्ट जल (wastewater) को रोकने और उपचार करने, ग्रीन बेल्ट बनाने, चलने और साइकिल चलाने के रास्ते विकसित करने और नदी के किनारे प्राकृतिक आवासों को बहाल करने की योजना बना रहा है। इसका लक्ष्य प्रदूषित चैनल को एक जीवंत सार्वजनिक स्थान (vibrant public space) में बदलना और शहर के पर्यावरण में सुधार करना है।

महत्व

  • पर्यावरणीय स्वास्थ्य: मूसी को पुनर्जीवित करने से पानी की गुणवत्ता में वृद्धि होगी, स्वास्थ्य जोखिम (health risks) कम होंगे और भूजल रिचार्ज (groundwater recharge) में सुधार होगा। यह निवासियों के लिए शहरी हरित स्थान (urban green space) भी प्रदान करेगा।
  • विरासत और संस्कृति: नदी को बहाल करना हैदराबाद के इतिहास का सम्मान करता है और लोगों को एक जलमार्ग (waterway) से जोड़ता है जो कभी शहर को बनाए रखता था।

स्रोत: Deccan Chronicle

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