भूगोल

नर्मदा नदी: पश्चिम की ओर बहने वाली नदी, भूगोल

नर्मदा नदी: पश्चिम की ओर बहने वाली नदी, भूगोल

समाचार में क्यों?

भारत के प्रमुख जलमार्गों (waterways) में से एक, नर्मदा नदी (Narmada River), अक्सर नदी प्रणालियों (river systems) की चर्चाओं में दिखाई देती है क्योंकि यह पूर्व की ओर बहने वाली अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियों (peninsular rivers) के विपरीत पश्चिम की ओर (westwards) बहती है। पूर्ण हो चुके सरदार सरोवर बांध (Sardar Sarovar Dam) और पास के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Statue of Unity) सहित सिंचाई (irrigation), पनबिजली (hydroelectricity) और पर्यटन (tourism) के लिए इसके पानी का दोहन करने की हालिया पहल (Recent initiatives), नदी को सार्वजनिक विमर्श (public discourse) में रखती है।

पृष्ठभूमि

नर्मदा पूर्वी मध्य प्रदेश (eastern Madhya Pradesh) में अमरकंटक (Amarkantak) शहर के पास मैकल रेंज (Maikala Range) में लगभग 1,080 मीटर की ऊंचाई पर निकलती है। यह 41 सहायक नदियों (tributaries) द्वारा पोषित है और मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के माध्यम से लगभग 1,300 किमी तक पश्चिम की ओर बहती है। सतपुड़ा रेंज (Satpura Range) के उत्तरी ढलानों को बहाते हुए, यह नदी भरूच (Bharuch) के पास एक विस्तृत मुहाना (wide estuary) के माध्यम से खंभात की खाड़ी (Gulf of Khambhat - कैम्बे) में प्रवेश करने से पहले मैदानी इलाकों (plains), उच्चभूमि (uplands) और घाटियों (gorges) से होकर बहती है। नर्मदा बेसिन (Narmada basin) लगभग 98,800 वर्ग किमी को कवर करता है और अरब सागर (Arabian Sea) और गंगा घाटी (Ganges valley) के बीच एक ऐतिहासिक मार्ग प्रदान करता है। यह नदी हिंदुओं के लिए पवित्र (sacred) है, जो मानते हैं कि यह शिव (Shiva) के शरीर से निकली है, और इसे लगभग गंगा जितना ही पवित्र माना जाता है। परिक्रमा (pradakshina) तीर्थयात्रा में स्रोत (source) से समुद्र (sea) तक और वापस दोनों तटों के साथ चलना शामिल है।

मुख्य बिंदु

  • मार्ग और विशेषताएं (Course and features): अमरकंटक के पास उठने के बाद, नर्मदा उत्तर-पश्चिम में जबलपुर (Jabalpur) की ओर बहती है, फिर दक्षिण-पश्चिम में भेड़ाघाट (Bhedaghat) के पास संगमरमर की घाटी (marble gorge) से होकर बहती है। यह गुजरात में प्रवेश करने से पहले मध्य भारत में जारी है। नदी में जबलपुर के पास धुआंधार जलप्रपात (Dhuandhar Falls) जैसे झरने (waterfalls) हैं और यह मंधाता (Mandhata) और मुरुकाटा (Murkata) में संकरी घाटियों (narrow gorges) से होकर गुजरती है।
  • जल संसाधन परियोजनाएं (Water resource projects): नदी पर प्रमुख बांधों में इंदिरा सागर (Indira Sagar), ओंकारेश्वर (Omkareshwar), बरगी (Bargi) और महेश्वर (Maheshwar) बांध और सरदार सरोवर बांध (Sardar Sarovar Dam) शामिल हैं। 2017 में पूरी हुई सरदार सरोवर परियोजना, लगभग 1,450 मेगावाट बिजली उत्पन्न करती है और गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों को पानी की आपूर्ति करती है। स्थानीय समुदायों (local communities) के विस्थापन (displacement) के कारण यह परियोजना विवादास्पद थी और नर्मदा बचाओ आंदोलन (Narmada Bachao Andolan) विरोध आंदोलन (protest movement) को जन्म दिया।
  • धार्मिक महत्व (Religious significance): अमरकंटक में नर्मदा कुंड (Narmada Kund) को नदी का स्रोत माना जाता है और यह एक तीर्थ स्थल (pilgrimage site) है। नदी के किनारे के शहरों - होशंगाबाद (Hoshangabad), महेश्वर (Maheshwar), ओंकारेश्वर (Omkareshwar) और मंडला (Mandla) - में अनुष्ठानों (rituals) के लिए मंदिर और घाट हैं। कई हिंदू आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए नदी की परिक्रमा (pradakshina - a circumambulation) करते हैं।

महत्व

नर्मदा लाखों लोगों को सिंचाई (irrigation), पीने का पानी (drinking water) और बिजली (electricity) प्रदान करती है। इसका पश्चिम की ओर बहने वाला मार्ग (west-flowing course) इसे भारत के नदी नेटवर्क (river network) का एक अनूठा हिस्सा बनाता है। विकास परियोजनाओं (Development projects) को नदी के आर्थिक महत्व को पारिस्थितिक स्वास्थ्य (ecological health) और स्वदेशी समुदायों (indigenous communities) के अधिकारों के साथ संतुलित करना चाहिए।

स्रोत: Republic World

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