चर्चा में क्यों?
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises - MSME) ने जून 2026 में राष्ट्रीय एससी-एसटी हब (National SC‑ST Hub - NSSH) योजना के तहत हाल की सफलता की कहानियों पर प्रकाश डाला। यह योजना प्रशिक्षण (training), बाजार संपर्क (market linkages) और पूंजीगत सब्सिडी (capital subsidies) प्रदान करके अनुसूचित जाति (Scheduled Caste - SC) और अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribe - ST) समुदायों के उद्यमियों का समर्थन कर रही है।
पृष्ठभूमि
सरकारी खरीद और मुख्यधारा की आपूर्ति श्रृंखलाओं (supply chains) में एससी/एसटी सूक्ष्म और लघु उद्यमों की भागीदारी बढ़ाने के लिए अक्टूबर 2016 में NSSH को लॉन्च किया गया था। सार्वजनिक खरीद नीति (Public Procurement Policy) के तहत, केंद्रीय मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को एससी/एसटी के स्वामित्व वाले उद्यमों से अपनी कम से कम 4% खरीद प्राप्त करने की आवश्यकता है। हब इन व्यवसायों को गुणवत्ता और पैमाने की आवश्यकताओं (scale requirements) को पूरा करने में मदद करने के लिए क्षमता निर्माण (capacity building), हैंड-होल्डिंग समर्थन और वित्तीय प्रोत्साहन (financial incentives) प्रदान करता है।
योजना के प्रमुख घटक
- क्षमता निर्माण (Capacity building): हब उद्यमिता (entrepreneurship), लेखांकन (accounting), गुणवत्ता नियंत्रण और डिजिटल साक्षरता (digital literacy) पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है। यह नए उद्यमियों को उद्यम पंजीकरण (Udyam registration) प्राप्त करने और गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (Government e-Marketplace - GeM) पोर्टल पर अपने उत्पादों को ऑन-बोर्ड करने में भी मदद करता है।
- बाजार संपर्क (Market linkages): व्यापार मेलों, क्रेता-विक्रेता बैठकों (buyer–seller meets) और विक्रेता विकास कार्यक्रमों (vendor development programmes) के माध्यम से, हब एससी/एसटी उद्यमियों को सरकारी विभागों और बड़ी कंपनियों के साथ जोड़ता है।
- क्रेडिट समर्थन (Credit support): विशेष क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी योजना (Special Credit Linked Capital Subsidy Scheme) मशीनरी और उपकरणों की दिशा में ₹25 लाख तक प्रदान करती है। उद्यमी इसका उपयोग अपनी इकाइयों के आधुनिकीकरण (modernise) और उत्पाद विनिर्देशों (product specifications) को पूरा करने के लिए कर सकते हैं।
- सफलता की कहानियां (Success stories): 2026 में उजागर किए गए उदाहरणों में रिगटेक इंफ्रा (Rigtech Infra) के बलवंत लाल सुमन शामिल हैं, जिन्होंने उपकरण अपग्रेड करने और रेल विकास निगम लिमिटेड (Rail Vikas Nigam Ltd) से निविदाएं (tenders) जीतने के लिए ₹25 लाख की सब्सिडी का उपयोग किया, जिससे 16 नौकरियां पैदा हुईं; मोड्यूफर्न बेंचक्राफ्ट एलएलपी (Modufurn Benchcraft LLP) के बहादुरभाई चौधरी, जिन्होंने अपने कारखाने का आधुनिकीकरण किया और शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) और गुजरात शिक्षा विभाग से ऑर्डर प्राप्त किए; और अजंता बेवरेजेस (Ajanta Beverages) की श्रीमती देवी गुर्जर, जिन्हें संयंत्र आधुनिकीकरण के लिए ₹19.41 लाख प्राप्त हुए और बाद में एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी (HPCL Rajasthan Refinery) को उत्पादों की आपूर्ति की।
- बढ़ता प्रभाव (Growing impact): एससी/एसटी के स्वामित्व वाले सूक्ष्म और लघु उद्यमों से सरकारी खरीद 2015-16 में ₹99.37 करोड़ (कुल खरीद का 0.07%) से बढ़कर 2025-26 में ₹3,738.34 करोड़ (1.59%) हो गई है। इस योजना से अब तक 1.79 लाख से अधिक उद्यमी लाभान्वित हो चुके हैं।
निष्कर्ष
राष्ट्रीय एससी-एसटी हब योजना दर्शाती है कि कैसे लक्षित समर्थन हाशिए के उद्यमियों (marginalised entrepreneurs) को मुख्यधारा के बाजारों में भाग लेने में मदद कर सकता है। प्रशिक्षण, बाजार पहुंच और वित्तीय प्रोत्साहनों को मिलाकर, योजना धीरे-धीरे सरकारी खरीद में एससी/एसटी उद्यमों की हिस्सेदारी बढ़ा रही है। निरंतर आउटरीच और निगरानी यह सुनिश्चित करेगी कि लाभ अधिक समुदायों तक पहुंचे और समावेशी आर्थिक विकास (inclusive economic growth) में योगदान दे।