ख़बरों में क्यों?
30 मई 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में एक ओपन-एयर डिस्प्ले म्यूज़ियम (open‑air display museum), नौसेना शौर्य वाटिका (Nausena Shaurya Vatika) का उद्घाटन किया। पार्क में सेवामुक्त (decommissioned) फ्रिगेट (frigate) INS गोमती (INS Gomati) और अन्य नौसैनिक संपत्तियों (naval assets) के हथियार और उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं।
पृष्ठभूमि
तीन दशकों से अधिक की सेवा के बाद 2022 में भारतीय नौसेना ने फ्रिगेट INS गोमती को सेवामुक्त (decommissioned) कर दिया। इसकी विरासत को संरक्षित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने नौसेना शौर्य संग्रहालय (Nausena Shaurya Sangrahalaya) पहल के तहत एक संग्रहालय स्थापित करने के लिए नौसेना के साथ साझेदारी की। पहले चरण में प्रमुख कलाकृतियों (artefacts) का हस्तांतरण देखा गया; दूसरे चरण में, जो 2026 में पूरा हुआ, लखनऊ में गोमती नगर के पास दो एकड़ की जगह पर एक आधुनिक आउटडोर पार्क (outdoor park) बनाया गया।
वाटिका की विशेषताएं
- INS गोमती से प्रदर्शनियां (Exhibits): आगंतुक गन बुर्ज (gun turrets), मिसाइल लांचर, रडार एंटेना, टॉरपीडो लांचर, एंकर और जहाज के मस्तूल (ship’s mast) को देख सकते हैं, जो सभी सेवामुक्त (decommissioned) फ्रिगेट से संरक्षित हैं। सूचना बोर्ड प्रत्येक हथियार प्रणाली के कार्य और इतिहास की व्याख्या करते हैं।
- विमान वॉक-थ्रू (Aircraft walk‑through): एक सेवानिवृत्त (retired) TU 142M लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमान (long‑range maritime patrol aircraft) को वॉक-थ्रू प्रदर्शनी (walk‑through exhibit) के रूप में प्रदर्शित किया गया है, जिससे आगंतुकों को नौसैनिक विमानन संचालन (naval aviation operations) को समझने की अनुमति मिलती है।
- आगंतुक सुविधाएं (Visitor amenities): पार्क में एक फूड कोर्ट (food court), स्मारिका दुकान (souvenir shop), भूदृश्य वाले उद्यान (landscaped gardens) और एक गहन अनुभव (immersive experience) बनाने के लिए मल्टीमीडिया प्रकाश व्यवस्था और ध्वनि प्रणाली (multimedia lighting and sound systems) शामिल हैं। सूचनात्मक साइनेज (Interpretive signage) और इंटरेक्टिव डिस्प्ले (interactive displays) छात्रों और परिवारों को ज्ञान प्रदान करते हैं।
- प्रेरणादायक उद्देश्य (Inspirational purpose): उद्घाटन के दौरान रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि वाटिका नौसैनिक कर्मियों की बहादुरी और बलिदान का सम्मान करती है और युवा पीढ़ी को समुद्री विरासत (maritime heritage) की सराहना करने के लिए प्रेरित करती है। परियोजना की लागत लगभग ₹19 करोड़ है और यह रक्षा में आत्मनिर्भरता (self‑reliance) की ओर अभियान का हिस्सा है।
निष्कर्ष
नौसेना शौर्य वाटिका (Nausena Shaurya Vatika) सेवामुक्त (decommissioned) नौसैनिक हार्डवेयर को एक आकर्षक सार्वजनिक संग्रहालय (public museum) में बदल देती है। इतिहास को संरक्षित करके और स्वदेशी तकनीक (indigenous technology) का प्रदर्शन करके, पार्क राष्ट्रीय गौरव (national pride) को बढ़ावा देता है और आगंतुकों को भारत के समुद्री हितों (maritime interests) की रक्षा करने में नौसेना की भूमिका के बारे में जानने के लिए प्रोत्साहित करता है।