चर्चा में क्यों?
3 जून 2026 को कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (Ministry of Skill Development and Entrepreneurship) ने जमीनी स्तर के इनोवेटर्स और शुरुआती चरण के उद्यमियों का समर्थन करने के लिए "नवाचार मंत्र (Navachar Mantra)" पहल शुरू की। यह कार्यक्रम, राष्ट्रीय उद्यमिता और लघु व्यवसाय विकास संस्थान (National Institute for Entrepreneurship and Small Business Development - NIESBUD) द्वारा एक तकनीकी भागीदार के रूप में IIT दिल्ली के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (Foundation for Innovation and Technology Transfer) के साथ कार्यान्वित किया गया है, जो 5 जुलाई 2026 तक आवेदन आमंत्रित करता है।
पृष्ठभूमि
भारत ने अपने स्टार्टअप इकोसिस्टम में तेजी से वृद्धि देखी है, फिर भी छोटे शहरों में कई इनोवेटर्स मेंटरिंग, फंडिंग और नीतिगत समर्थन तक पहुंचने के लिए संघर्ष करते हैं। नवाचार मंत्र ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से विचारों के लिए एक समावेशी पाइपलाइन बनाने के लिए स्टार्ट-अप इंडिया (Start-up India), अटल इनोवेशन मिशन (Atal Innovation Mission) और स्किल इंडिया (Skill India) मिशन जैसी पहलों पर आधारित है। कार्यक्रम एग्रीटेक (agritech), हेल्थ-टेक, एड-टेक, जलवायु स्थिरता (climate sustainability), ग्रामीण वाणिज्य (rural commerce) और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को सशक्त बनाने वाले समाधानों जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है।
कार्यक्रम की संरचना और लाभ
- पात्रता (Eligibility): 18-45 वर्ष की आयु के व्यक्ति या दल जो वास्तविक दुनिया की समस्या को संबोधित करने वाले प्रोटोटाइप या वर्किंग मॉडल के साथ आवेदन कर सकते हैं। टियर-2 और टियर-3 शहरों के इनोवेटर्स पर विशेष जोर दिया गया है।
- बहु-स्तरीय मूल्यांकन (Multi-stage evaluation): आवेदनों की राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जांच और सलाह (mentoring) दी जाएगी। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को डिजाइन सोच (design thinking), व्यवसाय नियोजन और नियामक अनुमोदन पर मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
- मेंटरशिप और एक्सपोजर: इनोवेटर्स को निवेशकों, उद्योग सलाहकारों, नीति निर्माताओं और साथी उद्यमियों से जोड़ा जाएगा। वे सफल उद्यमों के लिए बूट कैंप, कार्यशालाओं और एक्सपोजर यात्राओं में भाग लेंगे।
- शोकेस और पुरस्कार: फाइनलिस्ट एक राष्ट्रीय शोकेस में अपने नवाचारों को प्रस्तुत करेंगे, जहां उन्हें इनक्यूबेशन (incubation) सहायता, बीज निधि (seed funding) और सरकारी कार्यक्रमों के माध्यम से पायलट समाधान के अवसर प्राप्त हो सकते हैं।
- दीर्घकालिक इकोसिस्टम: नवाचार मंत्र इनोवेशन हब स्थापित करके, बौद्धिक संपदा (intellectual property) जागरूकता को बढ़ावा देकर और शिक्षा जगत तथा उद्योग के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करके एक निरंतर इकोसिस्टम बनाना चाहता है।
निष्कर्ष
नवाचार मंत्र जमीनी स्तर की रचनात्मकता को व्यवहार्य उद्यमों (viable enterprises) में बदलने पर भारत के फोकस को दर्शाता है। मेंटरशिप, एक्सपोजर और वित्तीय सहायता प्रदान करके, इस पहल का उद्देश्य स्थानीय चुनौतियों के लिए अभिनव समाधानों को खोलना और 2047 तक एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान करना है।