पर्यावरण

New Dragonfly Species: अरुणाचल प्रदेश, असम और ओडोनाटा

New Dragonfly Species: अरुणाचल प्रदेश, असम और ओडोनाटा

चर्चा में क्यों?

शोधकर्ताओं ने अरुणाचल प्रदेश और असम में ड्रैगनफ्लाई (dragonflies) की तीन पूर्व अज्ञात प्रजातियों की पहचान की है। यह खोज भारत के पूर्वोत्तर की समृद्ध जैव विविधता (biodiversity) और मीठे पानी (freshwater) के पारिस्थितिक तंत्र को समझने और संरक्षित करने के लिए कीट जीवन (insect life) के दस्तावेजीकरण के महत्व को रेखांकित करती है। दो प्रजातियां अरुणाचल प्रदेश की सियांग घाटी (Siang Valley) में जंगल के तालाब के पास और तीसरी असम के करीमगंज (Karimganj) जिले में पाई गईं।

पृष्ठभूमि

ड्रैगनफ्लाइज़ (गण ओडोनाटा - order Odonata) प्राचीन कीड़े हैं जो लगभग 300 मिलियन वर्षों से मौजूद हैं। उनके पास हज़ारों छोटे लेंसों (lenses) से बनी संयुक्त आँखों (compound eyes) वाले बड़े, गोल सिर होते हैं; यह उन्हें लगभग 360-डिग्री दृष्टि (vision) देता है। ड्रैगनफ्लाइज़ के पास पारदर्शी (transparent) पंखों के दो जोड़े होते हैं जो स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ सकते हैं, जिससे तेज और सटीक उड़ान (flight) संभव हो पाती है। उनका लंबा पेट और मजबूत पैर हवा के बीच शिकार को पकड़ने में मदद करते हैं। चूँकि ड्रैगनफ्लाइज़ पानी में या उसके आस-पास प्रजनन (breed) करती हैं, उनकी उपस्थिति और विविधता (diversity) मीठे पानी के आवासों (freshwater habitats) के स्वास्थ्य को दर्शाती है।

नई प्रजातियाँ

  • सरसैस्ना नुबोइड्स (Sarasaeschna nuboides) और सरसैस्ना सिगोटाओ (Sarasaeschna sigotaayo): अरुणाचल प्रदेश की सियांग घाटी में जंगल के तालाब के आसपास ये दो प्रजातियां पाई गईं। यह क्षेत्र जैव विविधता हॉटस्पॉट (biodiversity hotspot) के भीतर स्थित है और इसमें स्थानीय समुदायों द्वारा प्रबंधित पारंपरिक संरक्षण क्षेत्र (conservation areas) शामिल हैं। साफ, धीमी गति से बहने वाले पानी के पास पेड़ों की छाया में ड्रैगनफ्लाइज़ को देखा गया।
  • सरसैस्ना दोसदेवाएंसिस (Sarasaeschna dosdewaensis): यह प्रजाति असम के करीमगंज जिले की बराक घाटी (Barak Valley) में एक नदी के पास जंगल के एक हिस्से में पाई गई। पहले दो के विपरीत, यह थोड़ा गर्म तराई (lowland) परिस्थितियों में निवास करती है।

खोज का महत्व

  • पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का संकेतक: ड्रैगनफ्लाइज़ पानी की गुणवत्ता (water quality) और आवास में होने वाले परिवर्तनों के प्रति संवेदनशील होती हैं। नई प्रजातियों की खोज से पता चलता है कि स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystems) अपेक्षाकृत अबाधित (undisturbed) हैं और जलीय जीवन (aquatic life) की एक श्रृंखला का समर्थन करते हैं।
  • जैव विविधता हॉटस्पॉट: पूर्वोत्तर क्षेत्र इंडो-बर्मा जैव विविधता हॉटस्पॉट (Indo-Burma biodiversity hotspot) का हिस्सा है। विकास (development) या जलवायु परिवर्तन (climate change) से आवास (habitats) बदलने से पहले प्रजातियों के दस्तावेजीकरण के लिए निरंतर अन्वेषण आवश्यक है।
  • सामुदायिक भागीदारी: जंगल की पगडंडियों (forest trails) और तालाबों के बारे में जानकारी साझा करके स्थानीय समुदायों ने शोधकर्ताओं की सहायता की। भूमि और जल संसाधनों का उनका पारंपरिक प्रबंधन (stewardship) संरक्षण (conservation) में सहायता करता है।

स्रोत: EastMojo

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