समाचार में क्यों?
जून 2026 के अंत में, Union Cabinet ने National Investment and Infrastructure Fund (NIIF) में अतिरिक्त ₹30,000 crore के निवेश को मंजूरी दी। यह नई प्रतिबद्धता (commitment) एक नए Infrastructure Fund II को स्थापित (seed) करेगी और पूरे भारत में परिवहन, ऊर्जा, डिजिटल और शहरी परियोजनाओं के वित्तपोषण (financing) के लिए NIIF की क्षमता का विस्तार करेगी。
पृष्ठभूमि
NIIF बुनियादी ढांचे के लिए दीर्घकालिक पूंजी (long-term capital) को आकर्षित करने के लिए 2015 में स्थापित भारत का संप्रभु-समर्थित निवेश प्लेटफॉर्म (sovereign-anchored investment platform) है। सरकार के पास NIIF के 49% शेयर हैं, जबकि शेष घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय संस्थागत निवेशकों (institutional investors) के पास हैं। अपनी स्थापना के बाद से, NIIF ने ऐसे फंड लॉन्च किए हैं जो सड़कों, बंदरगाहों, हवाई अड्डों, नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट मीटर, डिजिटल बुनियादी ढांचे और सामाजिक क्षेत्रों में निवेश करते हैं। 2026 के मध्य तक NIIF ने अपनी रणनीतियों के तहत लगभग ₹40,000 crore का प्रबंधन किया और निकास (exits) के माध्यम से निवेशकों को लगभग ₹12,000 crore वापस कर दिए थे।
निवेश रणनीतियाँ (Investment strategies)
- इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड्स (Infrastructure funds): ₹16,000 crore के कॉर्पस (corpus) वाले NIIF के फ्लैगशिप फंड ने सड़कों, बंदरगाहों और रसद (logistics), हवाई अड्डों तथा नवीकरणीय ऊर्जा में प्लेटफॉर्म तैयार किए हैं। ₹30,000 crore के लक्ष्य के साथ Infrastructure Fund II, परिवहन, ऊर्जा, डिजिटल बुनियादी ढांचे, शहरी विकास और ई-मोबिलिटी (e-mobility) जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश करेगा।
- स्ट्रैटेजिक ऑपर्च्युनिटीज फंड (Strategic Opportunities Fund): यह फंड वित्तीय सेवाओं, स्वास्थ्य सेवा और विनिर्माण क्षेत्र के व्यवसायों का समर्थन करता है जो बुनियादी ढांचे के विकास के पूरक (complement) हैं।
- प्राइवेट मार्केट्स फंड (Private Markets Fund): NIIF जलवायु, किफायती आवास (affordable housing), स्वास्थ्य सेवा और वेंचर कैपिटल (venture capital) पर ध्यान केंद्रित करने वाले अन्य वैकल्पिक निवेश फंडों (alternative investment funds) में निवेश करता है।
- India–Japan Fund: जापान के साथ संयुक्त रूप से लॉन्च किया गया एक द्विपक्षीय फंड (bilateral fund) जलवायु, सर्कुलर अर्थव्यवस्था (circular economy), ऊर्जा परिवर्तन (energy transition) और भारत-जापान बिजनेस कॉरिडोर में परियोजनाओं का समर्थन करता है।
नई प्रतिबद्धता का महत्व
- बुनियादी ढांचे को बढ़ावा (Infrastructure push): अतिरिक्त ₹30,000 crore की प्रतिबद्धता Gati Shakti, Digital India, Make in India, FAME और इलेक्ट्रिक-मोबिलिटी कार्यक्रम जैसी सरकारी पहलों के अनुरूप प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में निवेश को उत्प्रेरित करेगी।
- मल्टीप्लायर इफेक्ट (Multiplier effect): सरकारी फंड, संप्रभु धन कोष (sovereign wealth funds), पेंशन फंड और बहुपक्षीय एजेंसियों (multilateral agencies) से पूंजी आकर्षित करते हैं। पिछले निवेशकों में Abu Dhabi Investment Authority, AustralianSuper, CPP Investments, Temasek और Asian Development Bank शामिल हैं।
- आर्थिक प्रभाव: NIIF द्वारा किए गए निवेश रोजगार पैदा करते हैं, रसद (logistics) में सुधार करते हैं, ऊर्जा सुरक्षा (energy security) बढ़ाते हैं और शहरीकरण (urbanisation) का समर्थन करते हैं। वे राज्य सरकारों के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (public-private partnership) ढांचे और मुद्रीकरण रणनीतियों (monetisation strategies) को विकसित करने में भी मदद करते हैं।
निष्कर्ष
National Investment and Infrastructure Fund घरेलू और विदेशी दोनों तरह की पूंजी को बड़े पैमाने की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में लगाता है। Cabinet की नवीनतम प्रतिबद्धता के साथ, NIIF भारत के विकास लक्ष्यों के वित्तपोषण में और भी बड़ी भूमिका निभाएगा। आर्थिक और सामाजिक प्रतिफल (returns) को अधिकतम करने के लिए पारदर्शी शासन और परियोजनाओं का सावधानीपूर्वक चयन महत्वपूर्ण होगा।
स्रोत: PIB