चर्चा में क्यों?
Prime Minister Narendra Modi तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन (India-Nordic summit) में भाग लेने के लिए इस सप्ताह नॉर्वे गए। यह शिखर सम्मेलन व्यापार, स्वच्छ प्रौद्योगिकी (clean technology) और नीली अर्थव्यवस्था (blue economy) में सहयोग पर चर्चा करने के लिए नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के नेताओं को एक साथ लाता है। बहुत से लोग “नॉर्डिक” शब्द सुनते हैं और आश्चर्य करते हैं कि यह “स्कैंडिनेवियाई” (Scandinavian) से कैसे अलग है।
पृष्ठभूमि
नॉर्डिक क्षेत्र उत्तरी यूरोप के पांच देशों का एक सांस्कृतिक और भौगोलिक समूह (cultural and geographical grouping) है: डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड और आइसलैंड। डेनमार्क ग्रीनलैंड (Greenland) और फरो आइलैंड्स (Faroe Islands) का भी प्रशासन करता है। इन देशों में वाइकिंग समुद्री यात्रा (Viking seafaring), लूथरन परंपराओं (Lutheran traditions) और मजबूत कल्याणकारी राज्यों (welfare states) का साझा इतिहास है, लेकिन प्रत्येक की अपनी भाषा और पहचान है।
लोग कभी-कभी नॉर्डिक देशों की तुलना स्कैंडिनेविया से करते हैं। सख्ती से कहा जाए तो, स्कैंडिनेविया का अर्थ स्कैंडिनेवियाई प्रायद्वीप (Scandinavian Peninsula) - नॉर्वे और स्वीडन - और साथ में साझा भाषाई जड़ों के कारण डेनमार्क से है। फिनलैंड और आइसलैंड की अलग-अलग भाषाएं और ऐतिहासिक संबंध हैं; इसलिए, वे नॉर्डिक हैं लेकिन स्कैंडिनेवियाई नहीं।
नॉर्डिक क्षेत्र के बारे में मुख्य तथ्य
- राजनीतिक प्रणालियाँ (Political systems): स्वीडन, नॉर्वे और डेनमार्क संवैधानिक राजतंत्र (constitutional monarchies) हैं जिनमें औपचारिक राजा या रानियाँ हैं, जबकि फिनलैंड और आइसलैंड निर्वाचित राष्ट्रपतियों वाले गणराज्य (republics) हैं।
- संसद (Parliaments): आइसलैंड की Alþingi दुनिया की सबसे पुरानी संसदों में से एक है, जिसकी उत्पत्ति 930 CE में हुई थी। सभी नॉर्डिक देश आधुनिक संसदीय लोकतंत्रों (parliamentary democracies) का संचालन करते हैं।
- जनसंख्या और आकार: स्वीडन सबसे बड़ा और सबसे अधिक आबादी वाला देश है, जिसमें 1 करोड़ से अधिक निवासी हैं। डेनमार्क क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे छोटा है लेकिन इसमें ग्रीनलैंड का विशाल क्षेत्र शामिल है। आइसलैंड में 4,00,000 से कम लोग हैं।
- भाषाएं: डेनिश, नॉर्वेजियन और स्वीडिश पारस्परिक रूप से सुगम (mutually intelligible) उत्तरी जर्मेनिक (North Germanic) भाषाएं हैं। फिनिश यूरालिक (Uralic) परिवार से संबंधित है, और आइसलैंडिक पुरानी नॉर्स (Old Norse) की कई विशेषताओं को संरक्षित करती है।
- अर्थव्यवस्था और सहयोग: नॉर्डिक देश Nordic Council के माध्यम से सहयोग करते हैं। उनकी अर्थव्यवस्थाएं विविध हैं, जिनमें नवीकरणीय ऊर्जा (renewable energy), शिपिंग, सूचना प्रौद्योगिकी और मत्स्य पालन (fisheries) में ताकत है। वे अक्सर शिक्षा, लैंगिक समानता और पर्यावरण प्रदर्शन के लिए वैश्विक सूचकांकों (global indices) में उच्च स्थान पर रहते हैं।
भारत-नॉर्डिक संबंध
नॉर्डिक क्षेत्र के साथ भारत का जुड़ाव पिछले एक दशक में गहरा हुआ है। पहला भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन 2018 में स्टॉकहोम (Stockholm) में आयोजित किया गया था। तब से, भारत ने हरित ऊर्जा (green energy), डिजिटल स्वास्थ्य और आर्कटिक अनुसंधान (Arctic research) में नॉर्डिक निवेश की मांग की है। बदले में नॉर्डिक देश भारत को एक प्रमुख बाजार और जलवायु कार्रवाई (climate action) में भागीदार के रूप में देखते हैं।
2026 के शिखर सम्मेलन में, नेताओं ने हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी, समुद्री सुरक्षा, सतत महासागर प्रबंधन (sustainable ocean management) और लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं (resilient supply chains) पर सहयोग पर चर्चा की। बैठक ने इस बात को रेखांकित किया कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए मध्यम आकार के लोकतंत्र (middle-sized democracies) कैसे एक साथ काम कर सकते हैं।
निष्कर्ष
नॉर्डिक और स्कैंडिनेवियाई क्षेत्रों के बीच के अंतर को समझने से भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन जैसी राजनयिक पहलों (diplomatic initiatives) को समझने में मदद मिलती है। पांच नॉर्डिक देश लोकतंत्र, कल्याण और पर्यावरण प्रबंधन (environmental stewardship) के साझा मूल्यों से बंधे हैं, फिर भी उनकी भाषाएं और इतिहास विविध हैं। भारत के साथ उनकी साझेदारी स्वच्छ प्रौद्योगिकियों और सतत विकास (sustainable development) में सहयोग का वादा करती है।